'पत्नी की अन्य महिलाओं से तुलना करना या तंज कसना क्रूरता', हाईकोर्ट की टिप्पणी

केरल हाईकोर्ट ने तलाक के एक मामले में सुनवाई करते हुए मानसिकता क्रूरता को लेकर टिप्पणी की है. केरल हाईकोर्ट ने पत्नी की अन्य महिलाओं से तुलना करना और इस तरह की टिप्पणी करना कि वो उसकी उम्मीदों पर खरा नहीं उतर रही है, ये भी मानसिकता क्रूरता है. केरल हाईकोर्ट ने तलाक के एक मामले में सुनवाई करते हुए ये टिप्पणी की है.

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पत्नी की दूसरी महिला से तुलना मानसिक क्रूरता (प्रतीकात्मक तस्वीर) पत्नी की दूसरी महिला से तुलना मानसिक क्रूरता (प्रतीकात्मक तस्वीर)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 17 अगस्त 2022,
  • अपडेटेड 1:14 PM IST

केरल हाईकोर्ट के पत्नी की प्रताड़ना को लेकर बड़ी टिप्पणी की है. केरल हाईकोर्ट ने कहा है कि पत्नी की अन्य महिलाओं से तुलना करना भी मानसिक क्रूरता की श्रेणी में आता है. केरल हाईकोर्ट ने ये भी कहा है कि पति की ओर से बार-बार ये ताना मारा जाना भी मानसिक क्रूरता है कि वो उसकी उम्मीद पर खरा नहीं उतर रही है.

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केरल हाईकोर्ट ने ये टिप्पणी तलाक के एक मामले में सुनवाई करते हुए की. बताया जाता है कि एक व्यक्ति ने केरल हाईकोर्ट में तलाक के लिए याचिका दाखिल की थी. उस व्यक्ति की शादी 2019 में हुई थी. दोनों के बीच सुलह की कोशिशें विफल रही थीं. सुलह की सभी कोशिशें विफल रहीं तब मामला हाईकोर्ट पहुंच गया.

महिला की ओर से पति की क्रूरता का जिक्र किया गया था. जस्टिस अनिल के नरेंद्रन और जस्टिस सीएस सुधा की बेंच ने इस मामले में सुनवाई करते हुए कहा कि पत्नी की किसी दूसरी महिला से तुलना करना मानसिक क्रूरता है. पत्नी से इसे सहन करने की उम्मीद नहीं की जा सकती.

महिला ने केरल हाईकोर्ट में ये कहा कि उसका पति लगातार ये कहकर प्रताड़ित कर रहा था कि वह क्यूट नहीं है, वह उसकी उम्मीद के मुताबिक नहीं है इससे उसे निराशा होती थी. कोर्ट ने इस मामले में मध्यस्थता भी कराई और मध्यस्थ भेजकर दोनों पति-पत्नी को साथ लाने की कोशिश भी की.

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कोर्ट ने अपने फैसले में ये भी कहा कि जब पति-पत्नी एक बार अलग हो जाते हैं और ये अलगाव अधिक समय तक रहता है. फिर दोनों में से कोई एक तलाक के लिए याचिका दाखिल करता है तो ये माना जा सकता है कि शादी टूट गई है.

 

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