सरकारी नौकरी की भर्ती में गड़बड़ी के आरोपों का एक और मामला सामने आया है. इस बार कर्नाटक लोक सेवा आयोग (KPSC) की वेटरनरी ऑफिसर भर्ती सवालों के घेरे में है. नौकरी दिलाने के बदले 70 से 80 लाख रुपये मांगने, चयन प्रक्रिया में गड़बड़ी और कुछ टेस्ट रिजॉर्ट में कराने जैसे आरोपों के बाद आयोग ने बड़ा कदम उठाया है. KPSC ने अंतिम चयन सूची पर फिलहाल रोक लगा दी है. साथ ही पूरे मामले की जांच के लिए आंतरिक समिति बनाई गई है, जिसे एक हफ्ते के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपनी होगी.
कर्नाटक लोक सेवा आयोग की तरफ से रविवार को एक बेहद अहम बैठक बुलाई गई. बैठक के दौरान भर्ती प्रक्रिया को लेकर मिली शिकायतों, पुलिस थाने में दर्ज FIR और सोशल मीडिया पर सामने आ रही खबरों पर गहराई से विचार हुआ. मामले की गंभीरता को देखते हुए 17 जुलाई 2026 को जारी हुई अंतिम चयन सूची को फिलहाल स्थगित करने का निर्णय लिया गया है. आयोग का साफ तौर पर कहना है कि जांच प्रक्रिया पूरी तरह समाप्त होने के बाद ही आगे का कदम उठाया जाएगा.
एक हफ्ते में देनी होगी रिपोर्ट
गड़बड़ी के आरोपों की गहराई से जांच के लिए आयोग ने अपने एक वरिष्ठ सदस्य की अगुवाई में आंतरिक जांच उपसमिति का गठन किया है. इस समिति को परीक्षा आयोजन से लेकर पूरी चयन प्रक्रिया के हर पड़ाव की जांच करने, संबंधित सभी दस्तावेजों को खंगालने और एक सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट सौंपने की जिम्मेदारी दी गई है. जांच के दौरान प्रशासनिक व्यवस्था और कानूनी सलाह सुनिश्चित करने के उद्देश्य से KPSC सचिव के. ज्योति और लीगल सेल प्रमुख को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है.
यह मामला पशुपालन और मत्स्य विभाग में वेटरनरी ऑफिसर के 400 पदों की भर्ती से जुड़ा है. परीक्षा जनवरी 2026 में हुई थी. कुछ पशु चिकित्सकों ने भर्ती प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई. उनका दावा है कि कुछ बिचौलियों ने नौकरी दिलाने के बदले 70 से 80 लाख रुपये की मांग की थी. शिकायतकर्ताओं ने बातचीत की ऑडियो क्लिप भी पुलिस को सौंपने का दावा किया है.
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि भर्ती प्रक्रिया से जुड़े कुछ टेस्ट रिजॉर्ट में कराए गए. इसके अलावा चयनित उम्मीदवारों के अंकों पर भी सवाल उठाए गए हैं. शिकायतकर्ताओं का कहना है कि परिणाम देखने के बाद चयन प्रक्रिया की निष्पक्षता पर गंभीर संदेह पैदा हुआ.
BJP ने भी उठाए सवाल
बीजेपी नेता बी. वाई. विजयेंद्र ने भर्ती में बड़े भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है. उनका कहना है कि प्रभावित अभ्यर्थियों ने उनसे मुलाकात कर अपनी शिकायतें बताईं. उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, दोषियों पर सख्त कार्रवाई और आंदोलन कर रहे अभ्यर्थियों को समर्थन देने की बात कही.
KPSC ने कहा है कि भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता, निष्पक्षता और जनता का भरोसा बनाए रखना उसकी प्राथमिकता है. आयोग का कहना है कि जांच रिपोर्ट मिलने के बाद तथ्यों के आधार पर आगे का फैसला लिया जाएगा.
नागार्जुन