अगर आपके परिवार, दोस्तों या ऑफिस में कोई थाईलैंड घूमकर लौटा है, तो संभव है कि उसके बैग में कपड़ों और चॉकलेट के साथ एक छोटी-सी हर्बल बाम भी रही हो. दिलचस्प बात यह है कि थाईलैंड से लौटने वाले ज्यादातर भारतीय पर्यटक इस बाम को खरीदना नहीं भूलते. लोग अक्सर ये भी कहते हैं कि थाईलैंड जा रहे हो, तो बाम जरूर लाना.
लेकिन सवाल है कि आखिर इस छोटी-सी डिब्बी में ऐसा क्या है, जो यह देश की सबसे ज्यादा बिकने वाली चीजों में शामिल हो गई है? क्या यह सचमुच इतनी असरदार है या फिर इसकी लोकप्रियता के पीछे कोई और वजह है?
सिर्फ बाम नहीं, थाईलैंड की पहचान बन चुकी है
थाईलैंड में हर्बल बाम सिर्फ दर्द से राहत देने वाला प्रोडक्ट नहीं माना जाता. यह वहां की रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा है. लोकल लोग इसे घर, ऑफिस, कार और यात्रा के दौरान अपने साथ रखते हैं. सिरदर्द, गर्दन या कंधे में जकड़न, मांसपेशियों का दर्द, हल्की मोच और कीड़े के काटने जैसी छोटी-मोटी परेशानियों में इसका इस्तेमाल आम है.
यही वजह है कि मेडिकल स्टोर ही नहीं, बल्कि 7-इलेवन, सुपरमार्केट, लोकल बाजार और एयरपोर्ट की दुकानों तक यह आसानी से मिल जाती है.
आखिर इसमें ऐसा क्या होता है?
थाईलैंड में मिलने वाली ज्यादातर हर्बल बाम में कुछ ऐसे प्राकृतिक तत्व मिलाए जाते हैं, जिनका इस्तेमाल लंबे समय से पारंपरिक हर्बल चिकित्सा में किया जाता रहा है.इनमें मेंथॉल , कपूर, काजेपुट ऑयल, लौंग का तेल, पुदीना और कई दूसरे एसेंशियल ऑयल शामिल होते हैं. यही वजह है कि इसे लगाने पर पहले ठंडक और फिर हल्की गर्माहट महसूस होती है.
हालांकि, एक्सपर्ट साफ कहते हैं कि यह किसी बीमारी का इलाज नहीं है. इससे कुछ लोगों को दर्द या अकड़न में अस्थायी राहत मिल सकती है, लेकिन इसका असर हर व्यक्ति पर अलग हो सकता है.
पर्यटक सबसे ज्यादा क्यों खरीदते हैं?
थाईलैंड घूमने वाले लोगों के बीच यह बाम कई वजहों से लोकप्रिय है. पहली वजह इसकी कीमत है. दूसरी वजह इसकी छोटी पैकिंग, जिसे आसानी से जेब या बैग में रखा जा सकता है. तीसरी वजह यह है कि यह लगभग हर दुकान पर उपलब्ध होती है.
इसी कारण कई पर्यटक इसे अपने लिए ही नहीं, बल्कि दोस्तों और रिश्तेदारों के लिए भी खरीदते हैं. धीरे-धीरे यह थाईलैंड की सबसे लोकप्रिय सुवेनियर में शामिल हो गई. सुवेनियर यानी यात्रा की यादगार के तौर पर खरीदी गई चीज या स्मृति-चिह्न
टाइगर बाम और थाई बाम में क्या फर्क है?
कई लोग हर हर्बल बाम को टाइगर बाम समझ लेते हैं, जबकि ऐसा नहीं है. टाइगर एक अंतरराष्ट्रीय ब्रांड है, जिसकी शुरुआत दक्षिण-पूर्व एशिया में हुई थी और आज यह दुनिया के कई देशों में बिकती है. वहीं थाईलैंड में दर्जनों स्थानीय हर्बल बाम ब्रांड भी उपलब्ध हैं, जिनकी खुशबू, फॉर्मूला और इस्तेमाल अलग-अलग हो सकता है.
बाम से भी ज्यादा बिकती है 'या डोम'
अगर आप कभी थाईलैंड जाएं, तो एक और चीज जरूर नजर आएगी-या डोम. यह एक छोटा हर्बल इनहेलर होता है, जिसे लोग नाक के पास ले जाकर सूंघते हैं. इसमें आमतौर पर मेंथॉल, कपूर और दूसरे एसेंशियल ऑयल होते हैं. स्थानीय लोग इसे ताजगी महसूस करने या हल्की मतली और चक्कर आने पर इस्तेमाल करते हैं.
हालांकि, डॉक्टरों का कहना है कि इसके फायदों पर अभी सीमित वैज्ञानिक अध्ययन उपलब्ध हैं. इसलिए इसे किसी बीमारी का इलाज नहीं माना जाना चाहिए.
क्या खरीदनी चाहिए थाईलैंड की बाम?
अगर आप थाईलैंड घूमने जा रहे हैं, तो वहां की हर्बल बाम एक लोकप्रिय और किफायती स्मृति-चिह्न हो सकती है. लेकिन इसे चमत्कारी दवा समझने की गलती नहीं करनी चाहिए. अगर दर्द लगातार बना रहे, एलर्जी हो या कोई गंभीर समस्या हो, तो डॉक्टर से सलाह लेना सबसे जरूरी है.
यही वजह है कि थाईलैंड की यह छोटी-सी बाम अब सिर्फ एक हर्बल प्रोडक्ट नहीं, बल्कि वहां की यात्रा की पहचान बन चुकी है. वहां जाने वाला लगभग हर पर्यटक इसे अपने सूटकेस में जगह जरूर देता है.
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