ऑनलाइन सामान जिस थैली में आता है, वो अक्सर अंदर से काली क्यों होती है?

आपने कभी गौर किया है कि जिन प्लास्टिक बैग में ऑनलाइन सामान घर आता है, उनमें अधिकतर बैग अंदर से काले क्यों होते हैं?

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ऑनलाइन शॉपिंग के पैकेट अंदर से काले होते हैं. (Photo: AI Generated) ऑनलाइन शॉपिंग के पैकेट अंदर से काले होते हैं. (Photo: AI Generated)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 07 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 2:47 PM IST

अब ऑनलाइन शॉपिंग का चलन बढ़ गया है और हर कोई ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से सामान मंगवा रहा है. आपने एक बात नोटिस की होगी, ऑनलाइन सामान या तो गत्ते वाले कार्टून में आते हैं या फिर एक खास तरह के प्लास्टिक बैग में आते हैं. हालांकि, अब कुछ प्लेटफॉर्म्स ने ब्राउन कलर के बैग भी देने शुरू कर दिए हैं, लेकिन अधिकतर प्लेटफॉर्म से सफेद कलर के प्लास्टिक बैग में ही सामान आता है. क्या आपने गौर किया है कि जिन सफेद प्लास्टिक पैकेट में सामान आता है, वो अक्सर अंदर से काले रंग के होत हैं. तो जानते हैं इनके काले रंग के होने के पीछे क्या वजह है?

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काले रंग की कहानी से पहले इन बैग के बारे में आपको बताते हैं. दरअसल, ऑनलाइन सामान डिलीवर करने वाले इन पैकेट्स को कूरियर बैग या पॉलीमेलर्स  कहा जाता है. अगर टेक्निकल नाम की बात करें तो इन्हें 'को-एक्सट्रूडेड पॉलीथीन बैग' कहा जाता है. इनकी प्लास्टिकल क्वालिटी नॉर्मल थैलियों से काफी अलग होती है, जो हाथ लगाकर ही समझ आ जाता है. ये क्वालिटी में  नॉर्मल प्लास्टिक बैग से अच्छे होते हैं. अब बात करते हैं इनके काले रंग की.

प्लास्टिक बैग के अंदर से काले रंग होने की कई वजह है. काले रंग का होने का एक कारण तो ये है कि इन्हें प्राइवेसी के लिहाज से सुरक्षित बनाया जाता है. काले रंग के कारण थैली पूरी तरह से अपारदर्शी हो जाती है. इसके अंदर रखा सामान बाहर से बिल्कुल दिखाई नहीं देता, जिससे आपके ऑर्डर की गोपनीयता बनी रहती है. इससे ये पता  नहीं चल पाता है कि अंदर क्या सामान है. 

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इसके अलावा इसका अहम कारण सनलाइट प्रोटेक्शन है. कुछ चीजें (जैसे दवाइयां, कॉस्मेटिक्स या खास केमिकल्स) तेज रोशनी या धूप से खराब हो सकती हैं. अंदर की काली परत सूर्य की किरणों को ब्लॉक करके सामान को सुरक्षित रखती है. 

सनलाइट से बचाने के लिए कुछ खास दूध के पैकेट अंदर से काले होते हैं और जिन दूध की थैलियां अंदर से काली होती है, वो दूध लंबे समय तक खराब नहीं होता है. ये बैग्स प्लास्टिक की कई परतों से मिलकर बनते हैं. अंदर की काली परत इसे ज्यादा मजबूत बनाती है, जिससे यह रास्ते में आसानी से फटता नहीं है.

रिसाइकल की वजह से भी काला रंग

ऐसी पॉलीबैग बनाने में LDPE/LLDPE जैसे प्लास्टिक के साथ कई बार रीसाइकिल्ड प्लास्टिक मिलाया जाता है. अलग-अलग रंगों के पुराने प्लास्टिक को मिलाने पर रंग एक जैसा और आकर्षक बनाना मुश्किल होता है, इसलिए काला रंग सबसे आसान विकल्प होता है. साथ ही रीसाइकिलिंग में आने वाले प्लास्टिक पर पहले के रंग, प्रिंट या हल्के दाग हो सकते हैं. काला रंग इन्हें आसानी से ढक देता है.
 

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