दिखने में तो थर्ड एसी की तरह है, फिर 3AC इकोनॉमी की टिकट सस्ती क्यों होती है?

कभी आपने सोचा है कि थर्ड एसी इकोनॉमी कोच दिखने में तो थर्ड एसी जैसे ही होते हैं, लेकिन उनमें यात्रा करने के लिए किराया कम क्यों लिया जाता है. तो समझते हैं ऐसा क्यों होता है?

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थर्ड एसी इकोनॉमी के कोच में ज्यादा सीटें होती हैं. (Photo: Railway Ministry) थर्ड एसी इकोनॉमी के कोच में ज्यादा सीटें होती हैं. (Photo: Railway Ministry)

मोहित पारीक

  • नई दिल्ली,
  • 27 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 12:31 PM IST

थर्ड एसी और सेकेंड एसी या फर्स्ट एसी में क्या फर्क है, ये तो आप जानते होंगे. लेकिन, क्या आप जानते हैं थर्ड एसी और थर्ड एसी इकोनॉमी में क्या फर्क होता है. थर्ड एसी इकोनॉमी के कोच दिखने में तो थर्ड एसी जैसे ही  होते हैं, उनमें भी एसी चलता है, बेडरोल मिलता है, सीट अरेंजमेंट भी वैसा होता है, मगर किराया थर्ड एसी के मुकाबले कम होता है. ऐसे में सवाल है कि सबकुछ एक जैसा होने के बाद भी किराया कम क्यों होता है? तो आज हम आपको बताते हैं कि आखिर इनकी सुविधाओं में क्या फर्क है?

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बस दिखने में एक जैसा है...

आपको बता दें कि थर्ड एसी और थर्ड एसी इकोनॉमी के कोच बस दिखने में ही एक जैसे होते हैं, लेकिन जब आप दोनों में यात्रा करेंगे तो समझ जाएंगे कि इन दोनों कोच में काफी फर्क है. दिखने में कोच का लेआउट एक जैसा होता है, दोनों में साइड में दो सीट होती हैं, जबकि अपर, मिडिल और लोअर बर्थ होती हैं. इसके अलावा हर कोच में चार वॉशरूम भी होते हैं. लेकिन, स्पेस के मामले में दोनों में काफी फर्क होता है. 

सीटें होती हैं छोटी

थर्ड एसी इकोनॉमी की सीटें, अन्य एसी कोच की सीटों की साइज से कम होती हैं. रिपोर्ट्स के अनुसार, थर्ड एसी की सीट 1820×635mm की होती हैं, जबकि थर्ड एसी इकोनॉमी की साइज 1850×573 mm होती हैं. इसका मतलब है कि थर्ड एसी इकोनॉमी की सीटों की साइज कम होती हैं. ऐसे में जब आप इन सीट पर सोते हैं तो उतना कंफर्ट नहीं होता, जितना कि नॉर्मल एसी कोच में होता है. 

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दो सीटों के बीच जगह कम

थर्ड एसी इकोनॉमी की सीटों में जो गैप होता है, वो काफी कम होता है. अगर दोनों तरफ लोग बैठते हैं तो उनके पैर आपस में टकरा सकते हैं. थर्ड एसी के कोच में कुल सीट 72 होती हैं, जबकि थर्ड एसी इकोनॉमी में 83 सीट ही होती हैं. ऐसे में आप अंदाजा लगा सकते हैं कि इतनी सीटें ज्यादा करने के लिए फ्री स्पेस को काफी कम किया जाता है. 

वॉशरूम, बेसिन भी छोटे

इसके अलावा थर्ड एसी इकोनॉमी में बेसिन और वॉशरूम भी थर्ड एसी के नॉर्मल कोच के मुकाबले काफी छोटे होते हैं. इसमें स्पेस को काफी अलग तरीके  से इस्तेमाल किया जाता है और सीटें बढ़ा दी जाती हैं. इस वजह से थर्ड एसी इकोनॉमी के रेट थर्ड एसी से कम होते हैं. 
 

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