डेयरी प्रोडक्ट बताकर बेचे जा रहे एनालॉग पनीर, चीज और टोफू क्या हैं? इन दिनों एनालॉग पनीर और चीज काफी चर्चा में हैं. भोपाल में असली पनीर बताकर एनालॉग पनीर बेचा जा रहा था. असल में वो एनालॉग पनीर भी नहीं था, बल्कि एनालॉग चीज थी. ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर ये एनालॉग चीज, पनीर और टोफू क्या हैं और कैसे ये असली वाले से अलग हैं.
पनीर एक मिल्क प्रोडक्ट होता है. इसे घरों या डेयरी में दूध से बनाया जाता है. दूध में नींबू या सिरका मिलाकर पहले इससे छेना बनाया जाता है. फिर उस छेना से पूरी तरह से पानी निचोड़कर निकाल लिया जाता है. फिर इसे कुछ घंटों के लिए फ्रीज में ठंडा होने के लिए छोड़ दिया जाता है. इससे यह कंडेंस्ड होकर पनीर बन जाता है. इस तरह प्रोटीन से भरपूर सॉफ्ट पनीर बनकर तैयार हो जाता है.
इसी तरह दूध से चीज तैयार किया जाता है. इसमें भी दूध को फाड़कर शुरुआती पनीर बनाया जाता है. लेकिन, दूध को फाड़ने के वक्त उसमें बैक्टिरिया मिलाया जाता है. ताकि, पनीर की तरह तैयार कंडेंस्ड टुकड़ों में नमक मिलाकर इसे फरमेंट किया जा सके. फरमेंट होने के लिए इसे कुछ दिनों तक छोड़ दिया जाता है. फरमेंट होने के बाद ये चीज में बदल जाता है, जिसका स्वाद नमकीन होता है.
ये तो असली पनीर और चीज बनाने का प्रोसेस है. प्योर दूध से बनने वाले ये दोनों ही डेयरी प्रोडक्ट असली और नैचुरल हैं. इसे बनाने में काफी समय और पैसे खर्च होते हैं. इस वजह से असली पनीर और चीज महंगे होते हैं. वहीं बाजार में एनालॉग पनीर और चीज भी धड़ल्ले से बिक रहे हैं. जिसे असली बताकर बेचा जा रहा है. यही वजह है कि इन्हें कई जगह बैन कर दिया गया है.
कैसे बनते हैं एनालॉग पनीर और चीज?
एनालॉग पनीर वेजिटेबल ऑयल और पॉम ऑयल में आर्टिफिशियल प्रोटीन, फ्लेवरिंग एजेंट, मिल्क पाउडर, पानी और स्टार्च मिलाकर किया जाता है. इन सभी चीजों को पानी में मिलाकर गर्म किया जाता है. जब यह मिश्रण गाढ़ा हो जाता है तो इसे पनीर का आकार दे दिया जाता है.
सबसे पहले वेजिटेबल ऑयल को गर्म किया जाता है. फिर उसमें पानी, मिल्क पाउडर, सोया प्रोटीन मिला दिया जाता है. इसके बाद इसे गाढ़ा किया जाता है. इसके लिए इसमें इमल्सीफायर और स्टार्च डाला जाता है. फिर इसे ठंडाकर पनीर बताकर बेचा जाता है. एनालॉग चीज बनाने का भी यही प्रोसेस है. बस इसमें फैट की मात्रा बढ़ा दी जाती है.
इस वजह से हो रहे बैन
बाजार में इसे असली पनीर और चीज बताकर बेचना गलत है. तय अनुपात में सभी चीजों को मिलाकर एनालॉग पनीर और चीज बनाकर बेचना गलत नहीं है. बस इसके पैकेट पर साफ- साफ एनालॉग पनीर और चीज लिखना है और लोगों को यह बताना है कि यह असली डेयरी प्रोडक्ट पनीर और चीज नहीं है.
बाजार में बेतरतीब तरीके से एनालॉग पनीर और चीज बनाए जा रहे हैं. इसमें एनालॉग पनीर बनाने के स्टैंडर्ड का भी ध्यान नहीं रखा जा रहा है. इस वजह से यह स्वास्थ्य के लिए नुकसानदेह साबित हो रहे हैं. सबसे बड़ी बात कि लोगों को यह असली पनीर और चीज बताकर बेची जा रही है. आम लोगों को यह बताया ही नहीं जाता है कि उन्हें एनालॉग पनीर दिया जा रहा है. इस वजह से इसे कई जगहों पर बैन किया जा रहा है.
टोफू क्या होता है?
टोफू सोयाबिन मिल्क से तैयार होता है. सोयाबीन को पानी में भिगोकर उसका दूध निकाला जाता है. फिर उसमें कुछ आर्टिफिशियल एजेंट मिलाकर उसे फाड़ दिया जाता है या गाढ़ा कर लिया जाता है. इसे भी दूध वाले पनीर की तरह सख्त होने के लिए कुछ देर तक छोड़ दिया जाता है. इसके बाद यह असली पनीर की तरह ही दिखने लगता है. इसमें काफी सोया प्रोटीन होता है. इसका रंग पनीर का तरह सफेद नहीं होता है. टोफू का स्वाद भी पनीर से काफी अलग होता है.
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