बिना सीमेंट, सिर्फ ईंट से बन जाएंगी दीवारें... सस्ता, सुंदर और टिकाऊ है ये वायरल टेक्निक!

कंस्ट्रक्शन इंडस्ट्री में हर दिन नए- नए इनोवेशन सामने आ रहे हैं. ऐसे में निर्माण कार्य को तेज बनाने और खर्चा कम करने के नजरिए से ऐसी ईंटें ईजाद की जा रही हैं, जिसके इस्तेमाल से दीवार बनाने में सीमेंट और रेत की झंझट खत्म हो जाती है.

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बिना सीमेंट सिर्फ पानी छिड़ककर इन ईंटों से खड़ी हो जाएंगी दीवारें (Photo - AI Generated) बिना सीमेंट सिर्फ पानी छिड़ककर इन ईंटों से खड़ी हो जाएंगी दीवारें (Photo - AI Generated)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 10 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 2:08 PM IST

घर बनाने में सबसे ज्यादा पैसा बिल्डिंग मटेरियल में लगता है. उसमें भी सीमेंट में सबसे ज्यादा खर्च होता है. अगर आपको ऐसी टेक्निक या फिर तरीका पता चल जाए, जिसमें ईंट को जोड़ने में सीमेंट की जरूरत ही ना हो. सीमेंट और रेत से बने मसाले की जगह सिर्फ पानी छिड़क देने भर से भी ईंट आपस में मजबूती से जुड़ जाए. अगर ऐसा होने लगे तो  समझिए कितने पैसे बच सकते हैं. 

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 यहां कोई हवा- हवाई बात नहीं हो रही है. बाजार में ऐसी ईंटें आ गई हैं. इससे घर बनाने में सीमेंट और रेत का इस्तेमाल ही नहीं होता है. बस ईंट पर ईंट रखकर पानी छिड़क दें. यह दीवार कंक्रीट जैसी सख्त और मजबूत हो जाएगी. आने वाले समय में कंस्ट्रक्शन का यही भविष्य है. 

यहां बात हो रही है पानी से एक्टिवेट होने वाली ये इंटरलॉकिंग ईंटों की. आने वाले समय में कंस्ट्रक्शन का भविष्य ऐसी ही ईंटें तय करेंगी. यानी दीवार बनाने में ईंटों को जोड़ने के लिए  सिर्फ़ पानी की जरूरत होगी.  सुनने में नामुमकिन लगता है, लेकिन ऐसा संभव है और कई जगह कंस्ट्रक्शन में इन ईंटों का इस्तेमाल हो रहा है. 

वाटर एक्टिवेटेड इंटरलॉकिंग ब्रिक्स
पानी से एक्टिवेट होने वाली ये इंटरलॉकिंग ईंटें आपस में जुड़ने के लिए ऐसे डिजाइन की गई हैं, जिससे पारंपरिक तरीकों की तुलना में कंस्ट्रक्शन तेज और ज्यादा सटीक तरीके से होता है.  ईंटों को अलाइन करने का कोई झंझट ही नहीं है.  हर ब्लॉक के बीच मसाले की भारी परत बिछाने की जरूरत भी नहीं होती है. 

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बस ईंटों को एक के ऊपर एक रखें, लॉक करें और दीवार खड़ी हो जाएगी.सबसे कमाल की बात है कि यह बस इसके ऊपर पानी छिड़कते जाना है. यह ईंट इंटरलॉक होने के साथ ही आपस में मजबूती से चिपक जाती है. 

कम खर्च, कम समय में घर तैयार
इन ईंटों के इस्तेमाल से कंस्ट्रक्शन तेज हो जाता है और निर्माण का काम जल्दी पूरा होता है. इसमें ज्यादा लेबर की भी जरूरत नहीं पड़ती है. सीमेंट और रेत जैसे मटेरियल भी कम लगते हैं. सिर्फ पिलर, बीम बनाने और छत ढालने में ही सीमेंट, रेत और बजरी का इस्तेमाल होता है. ऐसे में दीवार खड़ी करने में सीमेंट का काफी खर्चा बच जाता है. 

यह भी पढ़ें: लाल ईंट का सिस्टम पुराना... अब इन ईंटों से सस्ते में मजबूत मकान बना रहे लोग

इससे घर बनाने में प्रोजेक्ट भी जल्दी पूरा हो जाता है. यह सिर्फ़ एक नई ईंट नहीं है. यह कंस्ट्रक्शन के बारे में सोचने का एक नया तरीका है. जैसे-जैसे शहर बढ़ रहे हैं और सस्ते घरों की मांग बढ़ रही है, कंस्ट्रक्शन का समय कम करने वाले इनोवेशन दुनिया भर में ध्यान खींच रहे हैं.

कभी-कभी, एक बिल्डिंग ब्लॉक बदलने से पूरा इंडस्ट्री बदल सकता है. सोचिए, हफ़्तों के बजाय कुछ ही दिनों में घर बनाना. इसीलिए इस टेक्नोलॉजी की हर जगह चर्चा हो रही है. 

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