अगर आपने हाल ही में किसी नए घर का निर्माण होते देखा है या सोशल मीडिया पर प्लंबिंग से जुड़े वीडियो देखे हैं, तो आपने गौर किया होगा कि कई लोग अपनी पानी की टंकी के पास वाई-स्ट्रेनर नाम की एक छोटी-सी डिवाइस लगवा रहे हैं. पहली नजर में यह कोई साधारण पाइप फिटिंग जैसा दिखता है, लेकिन इसका काम पूरे घर की पानी की पाइपलाइन और महंगे उपकरणों को सुरक्षित रखना होता है. यही वजह है कि आजकल नए घरों के साथ-साथ पुराने घरों में भी इसे लगवाने का चलन तेजी से बढ़ रहा है.
आखिर क्या होता है वाई-स्ट्रेनर(Y Strainer)?
वाई-स्ट्रेनर एक तरह का मैकेनिकल फिल्टर होता है, जिसे पानी की पाइपलाइन में लगाया जाता है. इसका नाम इसके आकार की वजह से पड़ा है, क्योंकि यह अंग्रेजी के अक्षर 'Y' जैसा दिखाई देता है. इसके अंदर स्टेनलेस स्टील की एक बारीक जाली लगी होती है. जब पानी इस स्ट्रेनर से होकर गुजरता है, तो उसमें मौजूद मिट्टी, रेत, छोटे-छोटे पत्थर, जंग के कण और दूसरी ठोस गंदगी इसी जाली में फंस जाती है. इसके बाद साफ पानी आगे पाइपलाइन में पहुंचता है.
लोग इसे पानी की टंकी के पास ही क्यों लगाते हैं?
वाई-स्ट्रेनर को आमतौर पर ओवरहेड पानी की टंकी या घर की मुख्य पानी की लाइन के पास लगाया जाता है. ऐसा इसलिए किया जाता है ताकि घर में पानी पहुंचने से पहले ही उसमें मौजूद गंदगी बाहर निकल जाए. अगर शुरुआत में ही पानी साफ हो जाए, तो वही साफ पानी पूरे घर की पाइपलाइन, बाथरूम, किचन और सभी मशीनों तक पहुंचता है. इससे बार-बार पाइप जाम होने या उपकरणों में गंदगी जमा होने की परेशानी काफी हद तक कम हो जाती है.
इससे घर को क्या-क्या फायदे मिलते हैं?
वाई-स्ट्रेनर लगाने का सबसे बड़ा फायदा यह है कि यह पानी के साथ आने वाली ठोस गंदगी को रोक देता है. इससे पाइपलाइन के अंदर रुकावट नहीं बनती और पानी का फ्लो सामान्य बना रहता है. इसके अलावा बाथरूम के शॉवर, किचन के नल और मिक्सर टैप में छोटे-छोटे पार्टिकल्स फंसने की संभावना भी कम हो जाती है. इतना ही नहीं, आज लगभग हर घर में वॉटर प्यूरीफायर, गीजर, वॉशिंग मशीन, डिशवॉशर और प्रेशर पंप जैसे उपकरण लगे होते हैं. यदि इन मशीनों में बार-बार गंदा पानी पहुंचता है, तो इनके अंदर जाम या खराबी आने का खतरा बढ़ जाता है. वाई-स्ट्रेनर इन मशीनों तक गंदगी पहुंचने से रोककर उनकी लाइफ बढ़ाने में मदद करता है और रिपेयर का खर्च भी कम हो सकता है.
क्या वाई-स्ट्रेनर पीने का पानी भी साफ कर देता है?
यह एक आम गलतफहमी है. वाई-स्ट्रेनर केवल पानी में मौजूद ठोस पार्टिकल्स को रोकता है. यह बैक्टीरिया, वायरस, केमिकल, घुले हुए नमक (TDS) को साफ नहीं करता. इसलिए अगर आपको पीने के लिए शुद्ध पानी चाहिए, तो RO, UV या किसी अन्य वॉटर प्यूरीफायर की जरूरत होगी. वाई-स्ट्रेनर को केवल पाइप लाइन और घरेलू उपकरणों की सुरक्षा के लिए इस्तेमाल किया जाता है.
इसकी सफाई करना भी है बेहद आसान
वाई-स्ट्रेनर की एक और खास बात यह है कि इसकी देखभाल करना मुश्किल नहीं होता. समय-समय पर इसकी जाली में मिट्टी और गंदगी जमा हो जाती है. ऐसे में पानी की सप्लाई बंद करके इसका ढक्कन खोला जाता है, जाली को निकालकर साफ पानी से धो दिया जाता है और फिर वापस लगा दिया जाता है. नियमित सफाई करने पर यह लंबे समय तक बिना किसी परेशानी के काम करता रहता है.
क्या हर घर में वाई-स्ट्रेनर लगवाना जरूरी है?
यह पूरी तरह आपके इलाके के पानी की क्वालिटी पर निर्भर करता है. अगर आपके घर में बोरवेल का पानी आता है या सप्लाई के पानी में अक्सर मिट्टी, रेत या जंग के पार्टिकल्स दिखाई देते हैं, तो वाई-स्ट्रेनर लगवाना एक अच्छा ऑप्शन हो सकता है. वहीं जिन घरों में अक्सर नल जाम हो जाते हैं या गीजर और वॉशिंग मशीन में गंदगी की समस्या रहती है, वहां भी यह काफी उपयोगी साबित हो सकता है.
वाई-स्ट्रेनर कोई महंगी या जटिल मशीन नहीं है, बल्कि एक छोटा-सा सुरक्षा फिल्टर है जो पूरे घर की पानी की पाइप लाइन को गंदगी से बचाने में मदद करता है. यह पानी के साथ आने वाले मिट्टी, रेत और जंग जैसे ठोस पार्टिकल्स को रोककर न केवल पाइपलाइन को सुरक्षित रखता है, बल्कि गीजर, वॉशिंग मशीन, प्रेशर पंप और अन्य घरेलू उपकरणों की उम्र भी बढ़ाने में मदद करता है. हालांकि, इसे पीने के पानी को शुद्ध करने वाला फिल्टर नहीं समझना चाहिए. यदि आपके इलाके में पानी की क्वालिटी अच्छी नहीं है, तो पानी की टंकी के पास वाई-स्ट्रेनर लगवाना लंबे समय में एक समझदारी भरा और फायदेमंद फैसला साबित हो सकता है.
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