Psychology Facts: हर साल ही iPhone खरीद रहे लोग... साइकोलॉजी बताती है क्यों करते हैं ऐसा?

आईफोन 18 Pro की लॉन्चिंग के बाद इसे खरीदने के लिए लोगों में जबरदस्त क्रेज देखने को मिल रहा है. लेकिन आखिर क्यों लोग लेटेस्ट फोन पाने के लिए लोग इतने क्रेजी हैं? चलिए जानते हैं साइकोलॉजिस्ट क्या कहते हैं.

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कुछ बच्चे माता-पिता पर दबाव बनाते हैं कि अगर उन्हें लेटेस्ट फोन नहीं मिला तो वे पढ़ाई नहीं करेंगे. ( Photo: ITG) कुछ बच्चे माता-पिता पर दबाव बनाते हैं कि अगर उन्हें लेटेस्ट फोन नहीं मिला तो वे पढ़ाई नहीं करेंगे. ( Photo: ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 18 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 12:23 PM IST

आईफोन 18 प्रो (iPhone 18 Pro) की बिक्री शुरू होते ही देश के कई शहरों में इसका जबरदस्त क्रेज देखने को मिला. दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु में कई लोग रात से ही एप्पल स्टोर के बाहर लाइन में खड़े नजर आए. कुछ लोग सुबह होने का इंतजार करते रहे, तो कुछ के लिए नया आई फोन खरीदना किसी खास मौके से कम नहीं था. लेकिन सवाल सिर्फ इतना नहीं है कि लोग महंगा फोन खरीदने के लिए इतनी मेहनत क्यों कर रहे हैं. बड़ा सवाल ये है कि कुछ लोगों को नया फोन, नई कार, नया गैजेट या कोई भी लेटेस्ट प्रोडक्ट सबसे पहले खरीदने की इतनी जल्दी क्यों होती है?

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नया आते ही पुराना फीका क्यों लगने लगता है?
मान लीजिए आपके पास एक ऐसा फोन है जो बिल्कुल ठीक काम कर रहा है. कैमरा अच्छा है, बैटरी ठीक है और फोन में कोई बड़ी परेशानी भी नहीं है. फिर भी जैसे ही नया मॉडल बाजार में आता है, अचानक अपना पुराना फोन कम अच्छा लगने लगता है. ऐसा सिर्फ आईफोन के साथ नहीं होता. नया मोबाइल, स्मार्ट वॉच, लैपटॉप, कार या कोई दूसरा गैजेट भी लोगों में ऐसी ही चाहत पैदा कर सकता है. साइकोलॉजी में इसे नयापन यानी नोवेल्टी की तरफ आकर्षण से जोड़कर देखा जाता है. इंसान को नई और अलग चीजें स्वाभाविक तौर पर दिलचस्प लगती हैं. नए प्रोडक्ट के साथ नई तकनीक, नया डिजाइन और नई पहचान जुड़ी होती है.

क्या कहती हैं साइकोलॉजिस्ट
साइकोलॉजिस्ट बिंदा सिंह कहती हैं कि लेटेस्ट फोन खरीदने की इस होड़ के पीछे फोमो (FOMO- Fear of Missing Out), यानी दूसरों से पीछे छूट जाने का डर भी  सकता है. जब किसी नए फोन की लॉन्चिंग के वीडियो, स्टोर के बाहर लगी लंबी लाइनें और सोशल मीडिया पोस्ट लगातार दिखाई देती हैं, तो लोगों को लगने लगता है कि बाकी सभी लोग आगे बढ़ रहे हैं और अगर उन्होंने यह फोन नहीं लिया तो वे पीछे रह जाएंगे. इसके अलावा कई लोगों को लगता है कि लेटेस्ट प्रोडक्ट रखने से समाज में उनका मान-सम्मान और पहचान बढ़ेगी.

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आज के समय में लोगों की पहचान कई बार उनके पास मौजूद चीजों से भी जुड़ने लगी है. उन्हें लगता है कि नया फोन उनके स्टेटस को दिखाता है. खासकर नई पीढ़ी में यह सोच ज्यादा दिखाई देती है कि अगर लेटेस्ट फोन नहीं लिया तो वे अपने दोस्तों और आसपास के लोगों से पीछे रह जाएंगे. सोशल मीडिया पर नया फोन दिखाकर रील बनाने और उसे फ्लॉन्ट करने की चाह भी इस क्रेज को बढ़ा सकती है.

डॉक्टर बिंदा सिंह के मुताबिक, आजकल कई युवा लेटेस्ट फोन खरीदने के लिए ईएमआई का सहारा लेते हैं. उन्हें लगता है कि अभी फोन ले लेते हैं और पैसे धीरे-धीरे चुका देंगे. इससे यह भी पता चलता है कि आज की जेन-जी किसी से कम नहीं दिखना चाहती. सोशल मीडिया ने इस सामाजिक दबाव को और बढ़ाया है. इसका असर सिर्फ युवाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि महिलाओं में भी लेटेस्ट प्रोडक्ट को लेकर ऐसा क्रेज देखने को मिलता है. कई मामलों में माता-पिता बच्चों की इस जिद से परेशान होकर काउंसलिंग के लिए पहुंचते हैं.

कुछ बच्चे माता-पिता पर दबाव बनाते हैं कि अगर उन्हें लेटेस्ट फोन नहीं मिला तो वे पढ़ाई नहीं करेंगे. कई माता-पिता बताते हैं कि उनके पास सामान्य या कीपैड फोन है, लेकिन बच्चे महंगा स्मार्टफोन यह कहकर मांगते हैं कि इससे पढ़ाई, प्रोजेक्ट और नई तकनीक सीखने में मदद मिलेगी. खासकर कम पढ़े-लिखे माता-पिता को बच्चे कई बार इन वजहों का हवाला देकर समझाने की कोशिश करते हैं. हालांकि कई मामलों में असली वजह दोस्तों के बीच फोन को फ्लॉन्ट करना और खुद को उनसे पीछे न दिखाना होती है.

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क्या हर नया प्रोडक्ट खरीदने वाला व्यक्ति ऐसा ही होता है?
यह कहना सही नहीं होगा कि हर व्यक्ति जो लेटेस्ट फोन खरीदता है, वह सिर्फ दिखावे या सोशल स्टेटस के लिए ऐसा कर रहा है. कई लोग वास्तव में बेहतर कैमरा, ज्यादा बैटरी, तेज प्रोसेसर या नई तकनीक के लिए अपग्रेड करते हैं. एप्पल के मुताबिक आईफोन 18 प्रो में कैमरा, परफॉर्मेंस, बैटरी और एआई से जुड़े कई अपग्रेड दिए गए हैं. इसलिए किसी के नया फोन खरीदने के पीछे उसकी अपनी जरूरत और पसंद दोनों हो सकती हैं.

दिलचस्प बात यह है कि नया प्रोडक्ट हमें सिर्फ इसलिए आकर्षित नहीं करता कि वह नया है. उसके साथ जुड़ी उम्मीद, उत्साह, दूसरों से पहले पाने की खुशी और नई चीज इस्तेमाल करने का अनुभव भी हमारी इच्छा बढ़ा सकता है. यही कारण है कि कुछ लोग नया फोन आने का महीनों इंतजार करते हैं और लॉन्च होते ही उसे खरीदने के लिए घंटों लाइन में लग जाते हैं.

कुछ लोग हर चीज सबसे पहले क्यों लेना चाहते हैं?
हर व्यक्ति नई चीज के पीछे एक ही वजह से नहीं भागता. किसी को नई तकनीक पसंद होती है, किसी को नई चीज इस्तेमाल करने का अनुभव अच्छा लगता है, जबकि कुछ लोगों के लिए सबसे पहले नया प्रोडक्ट खरीदना उनकी पहचान और सोशल स्टेटस से जुड़ जाता है. यानी मामला सिर्फ फोन का नहीं होता. कई बार व्यक्ति यह भी महसूस करना चाहता है कि 'मैं दूसरों से पहले यहां पहुंच गया.' यही वजह है कि लॉन्च के दिन स्टोर के बाहर लगी लाइन भी लोगों के लिए सिर्फ खरीदारी की लाइन नहीं रह जाती. यह एक तरह का अनुभव बन जाती है.

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सोशल मीडिया भी बढ़ाता है नया खरीदने का जुनून
आज के समय में सोशल मीडिया इस पूरे ट्रेंड को और तेज कर देता है. कोई व्यक्ति नया आईफोन खरीदकर उसका वीडियो बनाता है. कोई अनबॉक्सिंग दिखाता है. कोई बताता है कि उसे नया मॉडल सबसे पहले मिल गया. इसे देखकर दूसरे लोगों के मन में भी वही चीज पाने की इच्छा पैदा हो सकती है. इसे आसान भाषा में ऐसे समझिए- दूसरों के पास कोई नई चीज देखकर हमें लगता है कि हमारे पास भी वह होनी चाहिए. यही वजह है कि नया प्रोडक्ट सिर्फ एक सामान नहीं रहता, बल्कि सोशल मीडिया पर दिखाने वाली चीज भी बन जाता है.

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