सड़क पर पानी की बाढ़ या नदी का उफान तो आपने कई बार देखा और सुना होगा, लेकिन क्या कभी ऐसा हुआ है कि पूरी सड़क पर गर्म-गर्म गुड़ का सैलाब बहने लगे? सुनने में यह किसी फिल्म का दृश्य लगता है, लेकिन अमेरिका के बोस्टन शहर में एक बार ऐसा ही हुआ था. गुड़ का विशाल टैंक फट गया और देखते ही देखते सड़कों पर चिपचिपे गुड़ की नदी बहने लगी. इस दर्दनाक हादसे में 21 लोगों की जान चली गई, जबकि कई अन्य घायल हो गए.
यह घटना 15 जनवरी 1919 को अमेरिका के बोस्टन शहर में हुई थी. शहर के नॉर्थ एंड पार्क के पास कमर्शियल स्ट्रीट पर स्थित यूनाइटेड स्टेट्स इंडस्ट्रियल अल्कोहल कंपनी के परिसर में गुड़ का एक विशाल टैंक बना हुआ था. करीब 58 फीट ऊंचे इस टैंक में लगभग 25 लाख गैलन कच्चा गुड़ भरा हुआ था.
दोपहर से पहले अचानक हुआ जोरदार धमाका
उस दिन मौसम सामान्य से ज्यादा गर्म था. दोपहर के खाने का समय होने वाला था और कंपनी के कर्मचारी मालगाड़ियों में सामान लोड करने में लगे थे. तभी अचानक टैंक के निचले हिस्से को पकड़ने वाले बोल्ट तेज धमाके के साथ टूट गए. प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, बोल्ट इतनी तेजी से उड़े कि वे गोलियों जैसे लग रहे थे.
बोल्ट टूटते ही टैंक में भरा गर्म और गाढ़ा गुड़ बाहर निकल पड़ा. कुछ ही सेकंड में करीब 8 फीट ऊंची लहर बन गई, जिसने सामने खड़ी मालगाड़ियों को बहा दिया. कंपनी की इमारत के दरवाजे और खिड़कियां टूट गईं. बेसमेंट में काम कर रहे कर्मचारियों को बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिला और वे गुड़ के तेज बहाव में दब गए.
सड़कें बन गईं गुड़ की नदी
टैंक से निकला लाखों गैलन गर्म और चिपचिपा गुड़ तेजी से सड़कों पर फैल गया. इसका बहाव इतना तेज था कि पास में मौजूद फायर स्टेशन तक इसकी चपेट में आ गया. ऊंचाई पर बनी रेलवे लाइन के सपोर्ट बीम भी टूट गए.
गुड़ का यह सैलाब शहर के पब्लिक वर्क्स विभाग तक पहुंच गया, जहां काम कर रहे पांच कर्मचारी इसकी चपेट में आ गए. कई लोग इस चिपचिपे बहाव में फंस गए और बाहर नहीं निकल सके. इस हादसे में 21 लोगों और दर्जनों घोड़ों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हुए.
कई हफ्तों तक चली सफाई
हादसे के बाद बोस्टन की सड़कों पर हर तरफ गुड़ ही गुड़ फैला हुआ था. इसकी चिपचिपाहट इतनी ज्यादा थी कि पूरे इलाके की सफाई करने में प्रशासन को कई हफ्ते लग गए. यह हादसा अमेरिका के इतिहास की सबसे अजीब और खतरनाक औद्योगिक दुर्घटनाओं में गिना जाता है.
हादसे के बाद पीड़ितों और उनके परिवारों ने यूनाइटेड स्टेट्स इंडस्ट्रियल अल्कोहल कंपनी के खिलाफ 100 से ज्यादा मुकदमे दर्ज कराए. इस मामले की जांच करीब छह साल तक चली. जांच में 3,000 गवाहों के बयान दर्ज किए गए और करीब 45,000 पन्नों की गवाही जुटाई गई.
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आखिरकार जांच अधिकारी ने माना कि हादसे के लिए कंपनी ही जिम्मेदार थी रिपोर्ट में कहा गया कि जिस टैंक में गुड़ रखा गया था, वह इतनी बड़ी मात्रा का भार सहने लायक मजबूत नहीं था. इसी वजह से वह फट गया और इतना बड़ा हादसा हुआ. जांच पूरी होने के बाद अदालत ने कंपनी को पीड़ितों को मुआवजा देने का आदेश दिया. इस मामले में कंपनी ने करीब 10 लाख डॉलर का हर्जाना चुकाया.
आज भी बोस्टन के इतिहास में इस घटना को ग्रेट मोलासेस फ्लड के नाम से याद किया जाता है. यह हादसा इस बात की बड़ी मिसाल है कि सुरक्षा मानकों में छोटी-सी लापरवाही भी कितनी बड़ी त्रासदी में बदल सकती है.
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