सोचिए, अगर अचानक से सड़क पर बीयर की बाढ़ आ जाए और लोग उसमें डूबने लगे, तो क्या होगा. इतनी बीयर बहने लगे की उससे घर- मकान टूट जाए! आपको लगेगा कि यह कोरी कल्पना है, लेकिन आज से 212 साल पहले लंदन की एक स्ट्रीट पर ऐसी ही बाढ़ आई थी. अचानक सड़क पर बीयर की एक तेज लहर आई और कई घर इस बाढ़ में टूट गए और 8 लोगों की इसमें जान चली गई थी.
लंदन के सेंट जाइल्स इलाके के बैनब्रिज स्ट्रीट में बीयर बनाने वाली एक बड़ी ब्रूअरी यानी शराब बनाने की फैक्ट्री थी. इस फैक्ट्री में प्रति वर्ष 100,000 बैरल से अधिक बीयर का उत्पादन होता था. उस फैक्ट्री में तीन मंजिला इमारत इतनी ऊंची लकड़ी के कुछ फरमंटेशन टैंक थे. यानी 22 फुट ऊंची टैंक, जिसमें बीयर बन रहा था. इनमें लाखों लीटर बीयर भरे हुए थे. साथ ही गोदाम में सैकड़ों गैलन में बीयर बड़े- बड़े बैरल में रखे हुए थे.
17 अक्टूबर 1814 को इस फैक्ट्री में बने लकड़ी के इस विशाल फरमंटेशन टैंक में लोहे की बड़ी- बड़ी रिंग लगी हुई थी. इसमें से एक रिंग फिसलकर बाहर निकल गया. उस बीयर फैक्ट्री के गोदाम के क्लर्क जॉर्ज क्रिक ने यह देखा, लेकिन इससे उसे कोई फर्क नहीं पड़ा. क्योंकि, ऐसा होना आम बात थी.
फट गया था बीयर से भरा विशालकाय टैंक
जबकि लकड़ी का विशालकाय टैंक पूरी तरह से बीयर से भरा हुआ था और उसमें फरमेंटेशन का प्रोसेस जारी था. इस प्रक्रिया से दबाव बढ़ता जा रहा था. शाम 5 बजे के करीब फैक्ट्री में एक जोरदार धमाका हुआ और लकड़ी का वह टैंक फटकर टुकड़े- टुकड़े हो गया. उससे एक साथ निकली लाखों लीटर बियर के दबाव से हजारों बैरल से भरे पास के एक पीपे का वाल्व टूट गया और फिर 570 टन बीयर की तेज धार फूट पड़ी. एक साथ लाखों लीटर बीयर के दबाव से गोदाम में रखे दूसरे बीयर के ड्रम भी फूट गए और इस तरह बीयर का सैलाब आ गया.
जिस बैनब्रिज स्ट्रीट पर शराब की फैक्ट्री थी. ठीक उसके बगल वाली गली, न्यू स्ट्रीट में एक तंग इमारत की पहली मंजिल पर मैरी बैनफील्ड अपनी चार साल की बेटी हन्ना के साथ चाय पी रही थी. उसके पास ही ग्रेट रसेल स्ट्रीट पर स्थित टैविस्टॉक आर्म्स नाम के पब के पीछे, 14 साल की एक बच्ची एलेनोर कूपर 25 फुट ऊंची ईंट की दीवार के नीचे बाहरी पानी के पंप पर बर्तन साफ कर रही थी. उसी सेंट जाइल्स इलाके में ब्रूअरी से कुछ दूर एक जगह 2 साल के बच्चे की मौत के बाद उसकी मां ऐनी सैविल और उनकी साथी आयरिश महिलाएं अपने छोटे बच्चों को लेकर उन्हें सांत्वना देने आई थीं.
आठ लोगों की हो गई थी मौत
बीयर फैक्ट्री में धमाके के साथ जैसे ही सड़कों और आसपास की गलियों में बीयर का सैलाब आया. इसकी तेज धार में हन्ना और मैरी बैनफील्ड चाय पीते-पीते बह गईं और छोटी बच्ची बीयर की सुनामी में डूब गई. जिस घर में लोग शोक मनाने जमा हुए थे. उसकी छत टूट कर गिर गई और ऐनी सैविल और चार अन्य लोगों की मौत हो गई.
बीयर का सैलाब आसपास के संकरे रास्तों से बह निकला और अपने रास्ते में आने वाली हर चीज को बहा ले गया. शहर की सड़कों पर जल निकासी की कोई व्यवस्था न होने के कारण, बीयर की लहर आस पड़ोस के घरों में घुस गई. घरों में बीयर भर जाने से लोग खुद को डूबने से बचाने के लिए मेजों और फर्नीचर पर चढ़ गए. वहीं शराब बनाने की भट्टी के किनारे बनी जर्जर झोपड़ियां बीयर की बाढ़ में ढह गईं.
यह भी पढ़ें: उस शापित जहाज की कहानी, जिसका पूरा क्रू समुद्र में अचानक गायब हो गया!
जब बचावकर्मी वहां पहुंचे तो उनके कपड़े गर्म माल्ट शराब से भीगे हुए थे. कमर तक भरी बीयर की बाढ़ में से होते हुए ईंटों और लकड़ी के मलबे को हटाकर अंदर फंसे लोगों की तलाश कर रहे थे.वे तमाशबीनों और व्याकुल परिवार के सदस्यों को चुप कराने की कोशिश कर रहे थे ताकि मलबे से आती धीमी चीखें और कराहें सुन सकें. हालांकि शराब बनाने की फैक्ट्री के अंदर मौजूद सभी लोग बच गए, लेकिन लंदन बीयर बाढ़ में आठ महिलाओं और बच्चों की जान चली गई.
aajtak.in