जब रूजवेल्ट चौथी बार अमेरिका के प्रेसिडेंट बने, फिर नियम ही बदल गया

आज के दिन ही अमेरिका में कोई शख्स लगातार चौथी बार राष्ट्रपति बना था. इनका नाम था फ्रैंकलिन डी. रूजवेल्ट. इनके बाद फिर कोई दोबारा दो टर्म से ज्यादा राष्ट्रपति नहीं बन पाए.

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फ्रेंकलीन डी रूजवेल्ट चौथी बार अमेरिका के राष्ट्रपति बने थे फ्रेंकलीन डी रूजवेल्ट चौथी बार अमेरिका के राष्ट्रपति बने थे

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 07 नवंबर 2026,
  • अपडेटेड 6:44 AM IST

7 नवंबर 1944 को पहली बार कोई शख्स लगातार चौथी बार अमेरिका का राष्ट्रपति चुना गया. राष्ट्रपति फ्रैंकलिन डेलानो रूजवेल्ट को उनके अभूतपूर्व चौथे कार्यकाल के लिए चुना गया था. एफडीआर एकमात्र ऐसे राष्ट्रपति रहे, जिन्होंने दो से अधिक कार्यकाल पूरे किए. क्योंकि, इसके बाद नियम बदल गए. फिर दो टर्म से ज्यादा बार कोई राष्ट्रपति नहीं चुना जा सकता था.  

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रूजवेल्ट 1932 में पहली बार राष्ट्रपति पद के लिए चुने जाने से लेकर 1945 तक, जब तक की उनकी मृत्यु नहीं हुई, पद पर बने रहे.  रूजवेल्ट ने अमेरिकी इतिहास के दो सबसे बड़े संकटों को झेला. इसमें से एक था 1930 के दशक की महामंदी और दूसरा सेकंड वर्ल्ड वॉर.  रूजवेल्ट ने अमेरिका को महामंदी से बाहर निकालने में मदद करने के लिए कठोर और अक्सर आलोचना किए जाने वाले कानून लागू किए.

 हालांकि, उन्होंने शुरू में 1939 में शुरू हुए दूसरे विश्व युद्ध में अमेरिका की प्रत्यक्ष भागीदारी से बचने की कोशिश की, लेकिन दिसंबर 1941 में पर्ल हार्बर पर बमबारी ने अमेरिका को युद्ध में धकेल दिया.

जब तक रूजवेल्ट अपने चौथे कार्यकाल के लिए चुने गए, तब तक युद्ध मित्र राष्ट्रों के पक्ष में हो चुका था, लेकिन उनका स्वास्थ्य पहले से ही खराब हो रहा था. युद्ध के समय राष्ट्रपति के रूप में सेवा करने के तनाव से उनकी धमनियां सख्त हो गई थी. अप्रैल 1945 में मित्र देशों की जीत के साथ युद्ध के अंत से ठीक चार महीने पहले  स्ट्रोक से उनकी मृत्यु हो गई.

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1947 में जब रूजवेल्ट के उप राष्ट्रपति हैरी ट्रूमैन पद पर थे, कांग्रेस ने एक कानून का प्रस्ताव रखा. इसके अनुसार राष्ट्रपतियों के लिए लगातार दो कार्यकाल ही सीमित होंगे. उस समय तक, राष्ट्रपति या तो स्वेच्छा से जॉर्ज वाशिंगटन के उदाहरण का अनुसरण करते थे, जिसमें अधिकतम दो कार्यकाल पूरे करने की बात कही गई थी, या फिर वे तीसरा कार्यकाल जीतने में असफल होते थे. 

1951 में, संविधान में 22वां संशोधन पारित किया गया, जिसने आधिकारिक तौर पर राष्ट्रपति के कार्यकाल को चार-चार साल के दो कार्यकाल तक सीमित कर दिया.

रूजवेल्ट व्यक्तिगत और राजनीतिक चुनौतियों से ऊपर उठकर देश के सबसे सम्मानित और प्रभावशाली राष्ट्रपतियों में से एक के रूप में उभरे. 1921 में 39 वर्ष की आयु में उन्हें पोलियो हो गया था. एक समय ऐसा आया जब वे व्हीलचेयर तक ही सीमित हो गए.

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