उत्तराखंड: बारिश में बह गई कई सड़कें, पुल भी टूटे, अभी 257 रोड बंद... 229 पोकलेन और JCB तैनात

भीषण बारिश के बीच 7 और 8 जुलाई 2024 को गढ़वाल मंडल के कई जनपदों में भारी से भारी वर्षा होने की संभावना जताई गई है. गढ़वाल मंडल ने चार धाम यात्रा के लिए जाने वाले श्रद्वालुओं से अपील की है कि वे 7 जुलाई को ऋषिकेश से आगे चारधाम की यात्रा प्रारम्भ न करें.

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उत्तराखंड के चमोली में बारिश के बाद भूस्खलन से चमोली-बद्रीनाथ नेशनल हाइवे पर मलबा गिर गया. (Photo: एजेंसी) उत्तराखंड के चमोली में बारिश के बाद भूस्खलन से चमोली-बद्रीनाथ नेशनल हाइवे पर मलबा गिर गया. (Photo: एजेंसी)

अंकित शर्मा

  • देहरादून,
  • 07 जुलाई 2024,
  • अपडेटेड 7:21 AM IST

उत्तराखंड के कई इलाकों में भारी बारिश आफत लेकर आई है. पूरे राज्य में अब तक 257 सड़कें बंद हो चुकी हैं. दो राष्ट्रीय राजमार्ग और 19 राज्यीय राजमार्ग सहित 110 प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) सड़कें भी ठप हो गई हैं. सड़कों की मरम्मत के लिए 229 जेसीबी और पोकलैंड मशीनें तैनात की गई हैं. वहीं, मलबा हटाने के लिए भी टीमें तैनात की गई हैं.

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भीषण बारिश के बीच 7 और 8 जुलाई 2024 को गढ़वाल मंडल के कई जनपदों में भारी से भारी वर्षा होने की संभावना जताई गई है. गढ़वाल मंडल ने चार धाम यात्रा के लिए जाने वाले श्रद्वालुओं से अपील की है कि वे 7 जुलाई को ऋषिकेश से आगे चारधाम की यात्रा प्रारम्भ न करें. तीर्थयात्री जिस जगह पर यात्रा के लिए पहुंच गए हैं, वे भारी वर्षा की संभावना को देखते हुए उसी स्थान पर आराम करें.

23 यात्रियों को किया गया रेस्क्यू

बता दें कि आदि कैलाश यात्रा मार्ग में फंसे 23 यात्रियों को NDRF, SSB और पुलिस ने सकुशल रेस्क्यू कर लिया है. ये श्रद्धालु सड़क बंद होने के चलते बीते तीन-चार दिनों से तवाघाट में फंसे थे. इन्होंने धारचूला पहुंचने पर राहत की सांस ली. दरअसल, भारी बारिश के चलते आदि कैलाश यात्रा मार्ग कई जगह पर बंद पड़ा है. इसके साथ ही कैंचीधाम जाने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग 87 को बंद करने के लिए निर्देशित किया गया है.

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बढ़ने लगा अलकनंदा नदी का जलस्तर

जनपद पौड़ी में 2 दिन से हो रही भारी बारिश के चलते अलकनंदा नदी का जलस्तर भी बढ़ने लगा है. नदी का जलस्तर 534.70 मीटर पहुंच गया है. 535 मीटर में अलार्मिंग लेवल शुरू हो जाता है. वहीं, नदी 536 मीटर पर पहुंचने पर खतरे के निशान पर पहुंच जाएगी. ऐसे में एसएसपी पौड़ी लोकेश्वर सिंह ने उत्तराखंड के श्रीनगर शहर की पुलिस को निर्देश दिए हैं कि नदी वाले क्षेत्रों के आसपास रहने वाले लोगों को जागरूक करें. 

बद्रीनाथ नेशनल हाइवे पर टूटकर गिरी चट्टान

चमोली बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग बंद हो गया है. पैका पुल के पास सड़क पर चट्टान टूट गई है. हालांकि, किसी की जानमाल को नुकसान नहीं पहुंचा है. जिला प्राशासन हाईवे को खोलने में लगा हुआ है. चमोली में देर रात हुई बारिश के चलते बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग जोशीमठ-गोविंदघाट के बीच पैका पुल के पास पहाड़ी टूटने से रास्ता बंद हो गया है. यहां पर भारी मात्रा में पहाड़ी से बड़े-बड़े बोल्डर टूटकर बद्रीनाथ मार्ग पर गिर गए हैं. ऐसे में फिलहाल बद्रीनाथ और हेमकुंड साहिब जाने और आने वालों यात्रियों के लिए मुश्किलें खड़ी हो गई हैं. भूस्खलन से कुछ सड़क का हिस्सा भी टूट चुका है. हालांकि कुछ देर बाद मार्ग खोलने का काम शुरू कर दिया जाएगा. वहीं राहत की बात यह है कि इस समय चमोली जनपद में मौसम में थोड़ी सी राहत दे दी है और बारिश थम चुकी है.

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अलकनंदा को देखकर लोग सतर्क

पुलिस टीम ने लाउडस्पीकर से सभी लोगों को बताया है कि लगातार हो रही बारिश से नदी का जलस्तर बढ़ रहा है. ऐसे में कोई भी घाटों और नदियों के आसपास आवाजाही न करे. वहीं, अलकनंदा नदी खतरे के निशान से 1.3 मीटर नीचे बह रही है, जिसको देखते हुए जिलाधिकारी पौड़ी डॉ. आशीष चौहान ने बताया कि एसडीएम श्रीनगर और नगर निगम के अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि लगातार बढ़ रहे अलकनंदा नदी के स्तर को देखते हुए आसपास सभी लोग सतर्क रहें. यदि पानी तेजी से बढ़ता है तो आसपास के लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाया जाए. 

9 जिलों के लिए बारिश का अलर्ट

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 9 जिलों के लिए आए मौसम विभाग के अलर्ट के बाद सभी संबंधित जिलों के जिलाधिकारियों को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं. इसके साथ ही सीएम ने लोगों से भारी बारिश के कारण संभावित आपदाओं के मद्देनजर सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील भी की है. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन और आपदा प्रबंधन विभाग से जुड़े अन्य अधिकारियों को यूएसडीएमए के राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र से सभी जिलों पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए हैं. उन्होंने कहा कि जैसे ही आपदा के संबंध में कोई सूचना राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र और जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र में आए, उस पर तत्काल कार्रवाई की जाए.

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