नवरात्रि में जहां कन्या पूजन कर बेटियों की पूजा की जाती है, वहीं उत्तराखंड के रुद्रपुर से इंसानियत को झकझोर देने वाली घटना सामने आई है. ऊधम सिंह नगर जिले की सिंह कॉलोनी में चर्च के पास खड़ी एक कार के पहिए के नजदीक दो से तीन दिन की नवजात बच्ची मिली. देर शाम बच्ची के मिलने की सूचना से इलाके में हलचल मच गई. घटना आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों में भी कैद हुई है.
सूचना मिलते ही आदर्श चौकी प्रभारी प्रकाश पंत पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और मामले की जानकारी उच्चाधिकारियों को दी. इसके बाद सीओ विभव सैनी के निर्देश पर नवजात को तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया गया. वहां प्राथमिक उपचार के बाद बच्ची को बेहतर इलाज के लिए हायर सेंटर रेफर कर दिया गया. गनीमत रही कि बच्ची किसी जानवर की नजर में नहीं आई और समय रहते पुलिस की मदद से उसे अस्पताल पहुंचाया गया.
नवरात्रि के दौरान सामने आई इस घटना ने नवजात बच्चियों की सुरक्षा और समाज की जिम्मेदारी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. आखिर कौन इस मासूम को कार के पहिए के पास छोड़कर गया, इसका पता लगाने के लिए पुलिस जांच कर रही है. आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है, ताकि बच्ची को वहां छोड़ने वाले व्यक्ति की पहचान की जा सके.
CCTV फुटेज खंगाल रही पुलिस, चाइल्ड हेल्पलाइन को दी सूचना
सीओ विभव सैनी के मुताबिक, मामले में संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है. पुलिस आसपास के सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग की जांच कर रही है. इसके साथ ही चाइल्ड हेल्पलाइन को भी घटना की सूचना दी गई है, ताकि नवजात की देखभाल और सुरक्षा से जुड़ी आवश्यक प्रक्रिया पूरी की जा सके.
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इस घटना के बीच आदर्श चौकी प्रभारी प्रकाश पंत ने संवेदनशीलता दिखाते हुए बच्ची के लिए नए कपड़े, डायपर और दूध की बोतल का इंतजाम किया. पुलिसकर्मी की इस पहल से बच्ची की तत्काल जरूरतों को पूरा करने में मदद मिली. नवजात को बेहतर इलाज के लिए हायर सेंटर भेजे जाने के बाद उसकी देखभाल और स्वास्थ्य पर भी ध्यान दिया जा रहा है.
प्रकाश पंत ने बताया कि बच्ची की मुस्कान देखकर उन्हें सुकून मिला. उन्होंने कहा कि मासूम को देखकर ऐसा लगा कि आज उनकी ड्यूटी सफल हो गई. फिलहाल पुलिस बच्ची को वहां छोड़ने वाले व्यक्ति की पहचान करने में जुटी है. सीसीटीवी फुटेज और अन्य तथ्यों की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि नवजात को कार के पास किन परिस्थितियों में छोड़ा गया था.
रमेश चंद्रा