बाबा रामदेव के दावों पर सवाल, क्वालिटी टेस्ट में पतंजलि के कई प्रोडक्ट्स फेल!

पश्चिम बंगाल सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रयोगशाला में क्वालिटी टेस्ट में फेल होने के बाद, सशस्त्र बलों के कैंटीन स्टोर डिपार्टमेंट (सीएसडी) ने पतंजलि के आमला के रस की बिक्री पर रोक लगा दी थी.

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बाबा रामदेव की कंपनी पतंजलि बाबा रामदेव की कंपनी पतंजलि

अमित कुमार दुबे

  • नई दिल्ली,
  • 29 मई 2017,
  • अपडेटेड 12:10 AM IST

योग गुरु बाबा रामदेव की कंपनी पतंजलि के लगभग 40% प्रोडक्ट्स उत्तराखंड स्थित हरिद्वार के आयुर्वेद और यूनानी कार्यालय द्वारा किये गये क्वालिटी टेस्ट में फेल हो गए. सूचना के अधिकार (आरटीआई) के जबाव में यह खुलासा हुआ है.

हिन्दुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, साल 2013 से 2016 के बीच एकत्र किए गए 82 नमूनों में से, 32 प्रोडक्ट क्वालिटी टेस्ट में फेल पाए गए. साथ ही पतंजलि का दिव्या अमला रस और शिवलिंगी बीज भी क्वालिटी टेस्ट में फेल हो गए.

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पहले भी उठते रहे पतंजलि की क्वालिटी पर सवाल
पिछले महीने, पश्चिम बंगाल सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रयोगशाला में क्वालिटी टेस्ट में फेल होने के बाद, सशस्त्र बलों के कैंटीन स्टोर डिपार्टमेंट (सीएसडी) ने पतंजलि के आमला के रस की बिक्री पर रोक लगा दी थी.

उत्तराखंड राज्य सरकार प्रयोगशाला की रिपोर्ट के मुताबिक, पीएच वैल्यू - जो पानी में घुलनशील पदार्थों की क्षारीयता को मापता है- अम्ला रस में निर्धारित सीमा से कम पाया गया. पीएच मूल्य वाले सात से कम उत्पादों में अम्लता और अन्य चिकित्सा जटिलताओं का कारण हो सकता है.

प्रबंध निदेशक आचार्य बालकृष्ण ने प्रयोगशाला की रिपोर्ट को खारिज कर दिया. उन्होंने कहा 'शिवलिंगी बीज एक प्राकृतिक बीज है. हम इसे कैसे दूषित कर सकते हैं?' उन्होंने कहा कि इस रिपोर्ट के द्वारा पतंजलि की छवि को खराब करने का प्रयास है.

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