बारिश में पुलों को नुकसान पहुंचने की खबरें अक्सर सामने आती हैं, लेकिन जब करोड़ों रुपये खर्च करके बनाया गया पुल कुछ ही दिनों में परेशानी खड़ी कर दे तो सवाल उठना तय है. उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में ऐसा ही मामला सामने आया है, जहां 16 करोड़ रुपये की लागत से तैयार नंदा की चौकी पुल की अप्रोच रोड पहली बारिश में धंस गई. इसके बाद पुल पर आवाजाही रोकनी पड़ी, जिससे निर्माण की क्वालिटी पर सवाल उठने लगे. हालांकि, प्रशासन ने गड्ढे को भरकर पुल को दोबारा चालू करने का दावा किया है, वहीं PWD ने तीन दिन में जांच रिपोर्ट मांगी है.
नंदा की चौकी पुल को चालू हुए अभी चंद दिन ही बीते थे कि पहली तेज बारिश ने इसके निर्माण की पोल खोल दी. करीब एक साल में बनकर तैयार हुई अप्रोच रोड का बड़ा हिस्सा अचानक धंस गया, जिससे सड़क पर गहरा गड्ढा बन गया. हादसे के बाद पुल पर वाहनों की आवाजाही तुरंत रोकनी पड़ी. प्रशासनिक टीम मौके पर पहुंचकर फिलहाल मलबे से भराव का काम करा रही है, लेकिन 16 करोड़ रुपये की भारी-भरकम लागत से बने ढांचे का यह हाल देखकर स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है.
पुराना पुल बहा था, फिर बना नया पुल
पिछले साल 15 सितंबर को आई बाढ़ में नंदा की चौकी का पुराना पुल बह गया था. इसके बाद PWD ने लोगों की आवाजाही के लिए एक अस्थायी पुल तैयार किया. 11 जुलाई को यह अस्थायी पुल भी धंस गया, जिसके बाद नए पुल को यातायात के लिए खोल दिया गया. लेकिन पहली ही बारिश में इसकी अप्रोच रोड में आई खामी ने निर्माण की क्वालिटी पर सवाल खड़े कर दिए. इसी को लेकर स्थानीय लोगों ने नाराजगी जताई है. उनका कहना है कि समस्या का स्थायी समाधान होना चाहिए, सिर्फ ऊपर से भराव करने से काम नहीं चलेगा.
लोगों का सवाल है कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बाद भी अगर सड़क और पुल की ऐसी स्थिति बनती है तो इसकी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए.
सरकार ने जांच की बात कही
इस मामले पर सीएम पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि पुल नहीं धंसा है, बल्कि उसकी अप्रोच रोड में गड्ढा हुआ है. उनके मुताबिक, मिट्टी बहने की वजह से यह समस्या आई, जिसे ठीक किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि निर्माण की क्वालिटी से कोई समझौता नहीं किया जाएगा. हालांकि, सवाल अब भी यही है कि लंबे समय से इस्तेमाल हो रहे पुराने पुल के बहने की वजह समझ में आती है, लेकिन 16 करोड़ रुपये की लागत से बने नए पुल की अप्रोच रोड इतनी जल्दी कैसे खराब हो गई.
मामला सामने आने के बाद स्थानीय प्रशासन और PWD ने पुल को फिर से सुचारू करने का दावा किया है. ताजा जानकारी के मुताबिक, पुल की अप्रोच रोड पर बने बड़े गड्ढे को भर दिया गया है. इसके साथ ही पुल का ऑडिट कर इसे सुरक्षित बताया गया है. हालांकि, PWD सचिव ने पूरे मामले की जांच के आदेश दिए हैं और तीन दिन के भीतर रिपोर्ट दाखिल करने को कहा है.
अंकित शर्मा