SP-BSP 'गठबंधन' को कांग्रेस ने किया खारिज, कहा- अभी नहीं हुआ ऐलान

राज बब्बर ने कहा कि सपा और बसपा के गठबंधन को लेकर अभी दोनों में से किसी भी पार्टी ने औपचारिक तौर पर ऐलान नहीं किया है.

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अखिलेश यादव, राहुल गांधी और मायावती अखिलेश यादव, राहुल गांधी और मायावती

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 06 जनवरी 2019,
  • अपडेटेड 12:25 PM IST

लोकसभा चुनावों को लेकर विरोध खेमे में उठा-पटक जारी है. उत्तर प्रदेश की 80 लोकसभा सीटों पर महागठबंधन की पार्टियों के बीच दावेदारी को लेकर जबरदस्त हलचल मची हुई है. पहले खबर आई कि प्रदेश में सीट शेयरिंग को लेकर समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी के बीच सबकुछ तय हो गया है और दोनों एक गठबंधन में साथ लड़ने के लिए तैयार हो गए हैं. इस बीच उत्तर प्रदेश के कांग्रेस अध्यक्ष राज बब्बर ने मामले पर चुप्पी तोड़ते हुए कहा है कि सपा और बसपा के गठबंधन को लेकर अभी दोनों में से किसी भी पार्टी ने औपचारिक तौर पर ऐलान नहीं किया है. साथ उन्होंने कहा कि कांग्रेस प्रदेश सभी 80 लोकसभा सीटों पर तैयारी करेगी.

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राज बब्बर ने कहा कि दोनों पार्टियों के बीच गठबंधन की बात सिर्फ अफवाह है और कुछ नहीं. उन्होंने कहा, 'अखिलेश यादव की सरकार को सत्ता से गए कितने साल हो गए हैं. मुझे यकीन है कि इस पर वो अच्छा वक्तव्य देंगे. अभी तक किसी भी स्टेक होल्डर ने सीट शेयरिंग को लेकर कोई बात नहीं कही है. अभी तक जो भी बातें सामने आई हैं वो सिर्फ सूत्रों के हवाले से कही जा रही हैं जो कि पूर्ण रूप से अफवाह हैं.'

मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो बीते शुक्रवार को समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव और बहुजन समाज पार्टी सुप्रीमो मायावती के बीच लंबी बैठक हुई. सूत्रों के मुताबिक इस बैठक में दोनों ने करीब 71 सीटों पर सहमति जताई. सूत्रों के मुताबिक इस बैठक में यह तय हुआ कि सपा प्रदेश की 35 लोकसभा सीटों पर और बसपा 36 लोकसभा सीटों पर चुनाव लड़ सकती है. वहीं, राष्ट्रीय लोकदल को 3 सीटें देने और 4 सीटों को रिजर्व रखने की बात तय हुई. यह भी कहा गया कि इस बैठक में दोनों ने अमेठी और रायबरेली से अपने उम्मीदवार न उतारने पर सहमती जताई है. हालांकि, कांग्रेस ने ऐसे किसी भी गठबंधन की आशंका को खारिज कर दिया है और कहा है कि अभी दोनों में से किसी भी पार्टी ने प्रत्यक्ष रूप से गठबंधन और सीट शेयरिंग के फार्मूले की बात नहीं की है.

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बता दें कि एक दिन पहले राज्यसभा सांसद और समाजवादी पार्टी के महासचिव रामगोपाल यादव ने भी कहा था कि सपा और बसपा के बीच किसी प्रकार के समझौता की उन्हें जानकारी नहीं है. उन्होंने कहा कि उन्हें नहीं पता कि दोनों नेताओं के बीच बातचीत हुई भी है या नहीं. साथ ही रामगोपाल यादव ने कहा कोई भी घोषणा होगी तो वह मायावती और अखिलेश यादव द्वारा की जाएगी.

कांग्रेस प्रवक्ता अखिलेश प्रताप सिंह ने इस मुद्दे पर इंडिया टुडे से बात करते हुए कहा कि जो भी गठबंधन बनेगा वो बीजेपी के खिलाफ बनेगा, क्योंकि देश परिवर्तन चाहता है. उत्तर प्रदेश भाजपा के प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने कहा कि सपा और बसपा में गठबंधन करने की बेचैनी स्पष्ट हो रही है. उन्होंने याद दिलाया कि 2014 आम चुनाव में मायावती के नेतृत्व में बसपा को एक भी सीट पर जीत हासिल नहीं हुई थी.

उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी भी केवल सैफई से 5 सीटें जीत पाई थी, जो केवल उनके परिवार के लोगों की ही थी. साथ ही कांग्रेस भी केवल गांधी परिवार वाली दो सीटें ही जीत पाई थी. ऐसी स्थिति में इन सभी दलों में बेचैनी है कि कैसे भी केंद्र की मोदी सरकार को हराया जा सके. लेकिन प्रधानमंत्री के मुकाबले में विपक्ष के पास कोई चेहरा नहीं है. उन्होंने कहा कि विपक्ष के पास न तो नेतृत्व है और न ही नियत है इसलिए यह गठबंधन पूरी तरह से फेल होगा.

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