तेलंगाना: TRS के 4 विधायकों को खरीदने की कोशिश! होटल मालिक समेत 3 अरेस्ट

जानकारी के आधार पर पुलिस ने एक होटल व्यवसायी और दिल्ली के दो अन्य लोगों को रंगे हाथ पकड़ा है, जो कथित तौर पर टीआरएस विधायकों को खरीदने आए थे. पुलिस तीनों से पूछताछ कर जानकारी जुटा रही है.

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तेलंगाना के मुख्यमंत्री और टीआरएस के संस्थापक केसीआर तेलंगाना के मुख्यमंत्री और टीआरएस के संस्थापक केसीआर

अपूर्वा जयचंद्रन / अब्दुल बशीर

  • हैदराबाद,
  • 26 अक्टूबर 2022,
  • अपडेटेड 7:30 AM IST

साइबराबाद पुलिस ने बुधवार शाम को गुप्त सूचना के आधार पर अजीज नगर के एक फार्म हाउस पर छापा मारकर तीन लोगों को गिरफ्तार किया है. आरोप है कि तीनों युवक मुनूगोडे उपचुनाव के मद्देनजर नकदी, चेक और कॉन्ट्रैक्ट्स के जरिए तेलंगाना राष्ट्र समिति (TRS) के विधायकों की खरीद-फरोख्त कर रहे थे. जानकारी के आधार पर पुलिस ने एक होटल व्यवसायी और दिल्ली के दो अन्य लोगों को रंगे हाथ पकड़ा है, जो कथित तौर पर टीआरएस विधायकों को खरीदने आए थे. 

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पुलिस सूत्रों के मुताबिक टीआरएस के जिन विधायकों को खरीदने की कोशिश की गई उनमें पायलट रोहित रेड्डी, रेगा कंथाराव, गुववाला बलाराजू, बीरम हर्षवर्धन शामिल हैं. साइबराबाद के कमिश्नर स्टीफन ने मीडिया को बताया, "टीआरएस विधायकों ने बताया कि तीन व्यक्ति उन्हें लगातार फोन कर रहे हैं. वो इन्हें पैसा, कॉन्ट्रैक्ट और पोस्ट का लालच दे रहे हैं. इस शिकायत के बाद जांच के आदेश दे दिए गए और पुलिस कार्रवाई में लग गई."

सूत्रों की मानें दिल्ली के रामचंद्र भारती, डेक्कन प्राइड होटल के मालिक नंदू (अंबरपेट के रहने वाले), सोमयाजुलु स्वामी और दो अन्य लोगों ने कथित तौर पर टीआरएस के विधायकों को रिश्वत देने की कोशिश की है.

टीआरएस ने शेयर किया वीडियो

इन सभी घटनाओं पर टीआरएस के सोशल मीडिया के संयोजक सतीश रेड्डी ने ट्विटर पर एक वीडियो शेयर किया है. जिसमें होटल व्यवसायी नंदू की ओर इशारा किया गया और आरोप लगाया गया कि ये केंद्रीय मंत्री किशन रेड्डी के करीबी हैं और टीआरअस के विधायकों को रिश्वत देने की कोशिश करने वालों में से एक है.

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बीजेपी पर साधा निशाना

टीआरएस के प्रवक्ता कृष्णक ने इस पूरे मामले में भाजपा को दोषी ठहराते हुए कहा, "एक बात बहुत स्पष्ट है कि केसीआर के विधायक बिकने के लिए नहीं है. मुनुगोड़े उप-चुनाव से ठीक पहले स्वामीजी समेत कई राजनीतिक दलालों के माध्यम से टीआरएस के 4 विधायकों तोड़ने की कोशिश करते बीजेपी नेता रंगे हाथों पकड़े गए हैं. जिसमें भारतीय जनता पार्टी ने सैकड़ों करोड़ रुपए और कॉन्ट्रैक्ट की पेशकश की. 

पुलिस ने इस मामले में सतीश शर्मा, साधु सिंहाजी और एक व्यवसायी नंदकुमार को गिरफ्तार किया है. सीपी ने बताया कि फरीदाबाद के एक मंदिर से जुड़े और दिल्ली में रहने वाले राम चंद्र भारती उर्फ ​​सतीश शर्मा, हैदराबाद के नंद कुमार और तिरुपति के एक अन्य व्यक्ति ने कथित तौर पर टीआरएस के विधायकों को हैदराबाद में दलबदल के लिए सहमत होने पर नकद, ठेकेदारी और पद देने का ऑफर दिया था.  

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