तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने फसल खरीद के मुद्दे पर केंद्र सरकार के खिलाफ आक्रामक रुख अपना लिया है. मुख्यमंत्री ने धमकी दी है कि अगर केंद्र सरकार ने राज्य से धान और दूसरी फसलें नहीं खरीदीं, तो तेलंगाना सरकार 15 जून के बाद केंद्र के खिलाफ 'जंग' का ऐलान कर देगी.
रेवंत रेड्डी ने सोमवार को कुमराम भीम आसिफाबाद जिले के कागजनगर में एक जनसभा को संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने केंद्र पर भेदभाव का आरोप लगाया.
मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार दूसरे राज्यों के मुकाबले, तेलंगाना में फसलों की खरीद को बिल्कुल अहमियत नहीं दे रही है.
केंद्र पर लगाए भेदभाव के आरोप
रेवंत रेड्डी ने कहा कि राज्य सरकार के प्रतिनिधियों ने इस सिलसिले में केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्री प्रहलाद जोशी से कई बार मुलाकात की है. इसके बावजूद, केंद्र सरकार तेलंगाना को वो प्राथमिकता नहीं दे रही है, जो उसने फसल खरीद के मामले में पंजाब, हरियाणा और अन्य राज्यों को दी है.
रेवंत रेड्डी ने कहा कि मौजूदा रबी सीजन के दौरान राज्य सरकार ने 75 लाख क्विंटल धान खरीदने का टारगेट रखा है. राज्य में धान की खरीद 15 जून तक पूरी हो जाएगी. उन्होंने आगे बताया कि इस सीजन में मक्के का प्रोडक्शन भी लगभग 40 लाख क्विंटल हुआ है, जो पहले सिर्फ चार से पांच लाख क्विंटल हुआ करता था. इसके अलावा इस बार ज्वार और सूरजमुखी की भी बंपर पैदावार हुई है.
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किशन रेड्डी के घर-दफ्तर के बाहर फसलें फेंकने की चेतावनी
मुख्यमंत्री ने इस दौरान केंद्रीय कोयला मंत्री जी किशन रेड्डी को भी आड़े हाथों लिया. उन्होंने कहा कि किशन रेड्डी को जिम्मेदारी उठानी चाहिए कि केंद्र सरकार राज्य की फसलें खरीदे. मुख्यमंत्री ने कहा, 'मैं किशन रेड्डी से पूछ रहा हूं कि हमारे खरीदे गए धान और मक्के को हम कहां जमा करें? मेरी किशन रेड्डी से अपील है कि केंद्र सरकार तुरंत बारिश में भीगे हुए धान सहित बाकी फसलों को खरीदे.'
उन्होंने आगे कहा, 'किशन रेड्डी को ये जिम्मेदारी लेनी होगी. अगर वो ऐसा नहीं करते हैं, तो 15 जून के बाद फसलों को आपके पार्टी दफ्तर या आपके घर पर लाकर डाल दिया जाएगा. केंद्र सरकार के खिलाफ जंग का ऐलान कर दिया जाएगा.'
CM रेड्डी ने ये भी कहा कि फसलें जुटाना राज्य की जिम्मेदारी है, लेकिन उन्हें खरीदना केंद्र का काम है. अगर किशन रेड्डी ने अपनी जिम्मेदारी नहीं निभाई, तो उनके लिए तेलंगाना में खुलकर घूमना मुश्किल हो जाएगा.
फडणवीस से मुलाकात न कराने पर पीएम मोदी और किशन रेड्डी पर आरोप
फसलों के अलावा मुख्यमंत्री ने गोदावरी नदी पर अंतर-राज्यीय सीमा पर तुम्मिदिहेत्ती में प्रस्तावित बैराज के निर्माण का मुद्दा भी उठाया. उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय मंत्री जी किशन रेड्डी उन्हें कमतर आंक रहे हैं. वो महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के साथ उनकी बैठक आयोजित कराने में मदद नहीं कर रहे हैं.
इस बैराज के बनने से महाराष्ट्र का कुछ हिस्सा जलमग्न हो जाएगा. इसी वजह से रेवंत रेड्डी बांध की ऊंचाई पर चर्चा करने के लिए फडणवीस से मिलने का समय मांग रहे हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि फडणवीस लगातार लापरवाही बरत रहे हैं और बुनियादी शिष्टाचार भी नहीं दिखा रहे हैं.
'अपमान बर्दाश्त नहीं करेगा तेलंगाना'
रेवंत रेड्डी ने चेतावनी देते हुए कहा, 'अगर आप हमें समय नहीं देंगे, तो समस्या गंभीर हो जाएगी. अगर मामला बढ़ा, तो आदिलाबाद जिला अचानक उग्र रूप से आगे बढ़ेगा. अगर आदिलाबाद का किसान समुदाय सड़कों पर उतरा, तो महाराष्ट्र के लिए भी दिक्कत होगी. फडणवीस को याद रखना चाहिए कि तेलंगाना अपना अपमान बर्दाश्त नहीं करेगा.'
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उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी को याद दिलाया कि एनडीए सरकार ने पोलावरम बहुउद्देशीय परियोजना के निर्माण के लिए तेलंगाना के सात मंडलों को आंध्र प्रदेश में ट्रांसफर कर दिया था. तो फिर पीएम मोदी महाराष्ट्र की उस 2,000 एकड़ जमीन को तेलंगाना को सौंपने में मदद क्यों नहीं कर सकते, जो तुम्मिदिहेत्ती बैराज के कारण डूब जाएगी?
मुख्यमंत्री ने कहा कि तेलंगाना सरकार इस 2,000 एकड़ जमीन के अधिग्रहण के बदले पूरा मुआवजा देने के लिए तैयार है.
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