तेलंगाना के करीमनगर से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है. यहां पुलिस ने 21 साल के एक डिग्री स्टूडेंट को गिरफ़्तार किया है. जिस पर आरोप है कि ऑनलाइन जुए में भारी नुकसान और कर्ज़ में डूबने के बाद उसने 55 साल की दिहाड़ी मज़दूर महिला का अपहरण किया, उसके गहने लूटे और उसकी हत्या करने की कोशिश की. इस मामले को तकनीकी सबूतों, CCTV फ़ुटेज, मोबाइल फ़ोन की जांच और फ़ील्ड इन्वेस्टिगेशन के ज़रिए सुलझाया गया.
पुलिस के मुताबिक शुरुआत में करीमनगर III टाउन पुलिस स्टेशन में गुमशुदगी का मामला दर्ज किया गया था. मामला तब शुरू हुआ जब 1 जुलाई, 2026 को गंगाधरा लक्ष्मी (55) गायब हो गईं. वह टावर सर्कल के पास 'लेबर अड्डा' पर काम का इंतज़ार कर रही एक दिहाड़ी मज़दूर थीं. जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि उनका अपहरण किया गया था, उनसे लूटपाट हुई थी और उनकी हत्या की कोशिश की गई थी. इसके बाद मामले को आगे की जांच के लिए करीमनगर I टाउन पुलिस स्टेशन ट्रांसफ़र कर दिया गया.
पहचान छिपाने के लिए पीड़िता को कुएं फेंका, रस्सी पकड़ी तो काट दिया
आरोपी की पहचान जगितियाल ज़िले के गोल्लापेटा गांव के रहने वाले धम्मा दिनेश रेड्डी (21) के तौर पर हुई, जो डिग्री का सेकंड ईयर का स्टूडेंट है. पुलिस ने बताया कि उसे ऑनलाइन जुए और कलर ट्रेडिंग प्लेटफ़ॉर्म (जैसे DIUWIN और Jio Lottery) की लत लग गई थी, जहां उसने कथित तौर पर लगभग ₹4 लाख गंवा दिए थे. उसने कई लोन ऐप्स से पैसे भी उधार लिए थे और कर्ज़ देने वालों का उस पर भारी दबाव था. कर्ज़ चुकाने के लिए उसने जल्दी पैसे पाने के मकसद से इस अपराध की योजना बनाई.
पुलिस ने बताया कि घटना से पहले आरोपी ने करीमनगर में कई जगहों की रेकी (निगरानी) की थी. 1 जुलाई को उसने पीड़िता को निशाना बनाया, जो टावर सर्कल के पास लेबर अड्डे पर अकेली थी. उसने उसे थिम्मापुर ले जाने के लिए रैपिडो (Rapido) बाइक बुक की और बाद में उसे अपनी मोटरसाइकिल पर बिठाकर नुस्थुलापुर गांव के पास खेतों में ले गया. वहां, उसने कथित तौर पर महिला के साथ मारपीट की और उसके गहने लूट लिए. लूटे गए गहनों में दो सोने के 'पुस्टेलु' (मंगलसूत्र के मनके), सोने के पांच मनके, एक सोने का कान का स्टड (कुल वज़न लगभग पांच ग्राम) और 20 ग्राम चांदी की बिछिया शामिल थीं.
सबूत मिटाने और पीड़िता को अपनी पहचान करने से रोकने के लिए, आरोपी ने उसे खेत के कुएं में धकेल दिया. वहीं जब वह कुएं के अंदर एक रस्सी पकड़ने में कामयाब हो गई, तो आरोपी ने यह सोचकर रस्सी काट दी कि वह बच नहीं पाएगी. हालांकि, पीड़िता को तैरना आता था, इसलिए वह मोटर पाइपलाइन से बंधी एक दूसरी रस्सी को पकड़ने में सफल रही और पूरी रात कुएं के अंदर ही रही. अगली सुबह, पास में काम कर रहे किसानों ने उसकी मदद की गुहार सुनी और रस्सियों और एक खाट की मदद से उसे बचाया. फिर उसे करीमनगर के सरकारी जनरल अस्पताल ले जाया गया, जहां उसका इलाज हुआ.
ऐसे हुई आरोपी की गिरफ्तारी
इस मामले को प्राथमिकता देते हुए पुलिस ने CCTV फुटेज, मोबाइल फ़ोन रिकॉर्ड और अन्य तकनीकी सबूतों की जांच की और फिर मार्केट एरिया के पास 'अमरवीरुल स्तूपम' के पास आरोपी का पता लगाकर उसे गिरफ़्तार कर लिया. पूछताछ के दौरान, उसने कथित तौर पर अपना अपराध कबूल कर लिया. पुलिस ने आरोपी का मोबाइल फ़ोन, पीड़िता का मोबाइल फ़ोन, अपराध में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल, ₹5,000 नकद और पीड़िता की 20 ग्राम चांदी की बिछिया ज़ब्त कीं.
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि आरोपी ने चोरी किए गए सोने के गहने टॉवर सर्कल पर वेणु मनोहर चारी नाम के एक ज्वैलरी व्यापारी को ₹30,000 में बेचे थे. चोरी किए गए सोने के गहने व्यापारी से बरामद कर लिए गए. पुलिस ने कहा कि बाकी जांच, जिसमें बची हुई संपत्ति की बरामदगी, वैज्ञानिक सबूत इकट्ठा करना और अन्य कानूनी औपचारिकताएं पूरी करना शामिल है, चल रही है और जल्द ही चार्जशीट दाखिल की जाएगी.
पुलिस की अपील
करीमनगर पुलिस ने चेतावनी दी कि ऑनलाइन जुआ और अवैध सट्टेबाजी वाले ऐप्स से गंभीर आर्थिक और मानसिक परेशानी हो सकती है, जो अंततः लोगों को गंभीर अपराधों की ओर धकेल सकते हैं. उन्होंने जनता, खासकर युवाओं से ऐसे प्लेटफ़ॉर्म से दूर रहने की अपील की.
पुलिस ने दिहाड़ी मजदूरों को भी चेतावनी दी कि वे नौकरी का लालच देने वाले अनजान लोगों के साथ न जाएं. मजदूरों को सलाह दी गई है कि वे जाने से पहले नियोक्ता की पहचान, गाड़ी का रजिस्ट्रेशन नंबर और कहां जा रहे हैं, जैसी जानकारी अपने परिवार के सदस्यों या साथी मजदूरों के साथ साझा करें. जनता से यह भी अपील की गई है कि वे किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें.
कमिश्नर ने की सराहना
पुलिस कमिश्नर ने ACP वेंकटस्वामी, इंस्पेक्टर के. रामचंद्र राव और तिरुमल, SI सुमन, चेरालु और भास्कर, हेड कॉन्स्टेबल ज्ञानेश्वर और पुलिस कॉन्स्टेबल लक्ष्मीपति, राज कुमार, प्रशांत, संपत और अनिल रेड्डी की तारीफ़ की. उन्होंने इस मामले की पेशेवर तरीके से जांच करने, वैज्ञानिक और तकनीकी सबूत इकट्ठा करने और आरोपी को सफलतापूर्वक पकड़ने के लिए उनकी सराहना की.
अब्दुल बशीर