थाली में जहर! जीरा-लौंग में इंडस्ट्रियल केमिकल, पनीर में यूरिया, हैदराबाद में 247 क्विंटल मिलावटी मसाले जब्त, तीन गिरफ्तार

हैदराबाद में खाद्य मिलावट के बड़े खुलासे ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है. H-FAST और GHMC की कार्रवाई में 140 दिनों के भीतर 247 टन से अधिक मिलावटी खाद्य पदार्थ जब्त किए गए. मसालों, पनीर, अचार, चाय, चिकन और फलों में खतरनाक केमिकल और मिलावट मिलने के बाद तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है.

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मसालों में फैब्रिक डाई और इंडस्ट्रियल केमिकल की मिलावट. (Photo: Screengrab) मसालों में फैब्रिक डाई और इंडस्ट्रियल केमिकल की मिलावट. (Photo: Screengrab)

अब्दुल बशीर

  • हैदराबाद ,
  • 05 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 5:58 PM IST

क्या आपकी रसोई में इस्तेमाल होने वाले मसाले पूरी तरह सुरक्षित हैं. क्या रोज खाने में पड़ने वाला जीरा, अजवाइन, लौंग, सौंफ और सरसों पूरी तरह से शुद्ध हैं. हैदराबाद में सामने आए खाद्य मिलावट के बड़े खुलासे ने इन सवालों को और गंभीर बना दिया है. पुलिस और फूड सेफ्टी विभाग की संयुक्त कार्रवाई में ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जिनमें रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाले खाद्य पदार्थों में खतरनाक केमिकल और मिलावटी सामग्री मिलाकर उन्हें बाजार में बेचे जाने की तैयारी की जा रही थी. 

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हैदराबाद पुलिस की H-FAST यानी हैदराबाद फूड एडल्टरेशन सर्विलांस टीम और GHMC फूड सेफ्टी विभाग ने संयुक्त अभियान चलाकर 13 मसाला निर्माण और प्रोसेसिंग इकाइयों पर छापेमारी की. इस कार्रवाई में 25.3 टन मिलावटी मसाले जब्त किए गए. मामले में तीन एफआईआर दर्ज की गई हैं और तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है.

जांच के दौरान अधिकारियों को जो जानकारी मिली, उसने सभी को चौंका दिया. अधिकारियों के अनुसार लोगों की रसोई तक पहुंचने वाले मसालों में कपड़ों में इस्तेमाल होने वाले रंग, इंडस्ट्रियल केमिकल, सिंथेटिक फूड कलर, टैल्कम पाउडर और राइस ब्रान ऑयल मिलाया जा रहा था. ऐसा मसालों को चमकदार और वजनदार दिखाने के लिए किया जा रहा था, ताकि अधिक मुनाफा कमाया जा सके. 

जांच में सामने आया कि जीरा, अजवाइन, लौंग, शाही जीरा, सौंफ और सरसों जैसे रोजमर्रा के मसालों के साथ भी कथित तौर पर इसी तरह की मिलावट की जा रही थी. अधिकारियों के अनुसार खराब और रिजेक्ट किए गए सरसों के स्टॉक में केमिकल मिलाकर उसे दोबारा बाजार में बेचने की तैयारी थी. वहीं लौंग और शाही जीरे पर सिंथेटिक रंग चढ़ाकर उन्हें अच्छी गुणवत्ता का दिखाया जा रहा था.

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140 दिनों में 659 छापेमारी, 202 एफआईआर दर्ज

सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि यह कार्रवाई किसी एक दिन की नहीं थी. H-FAST की तरफ से पिछले 140 दिनों के दौरान लगातार अभियान चलाया गया. इस अवधि में कुल 659 छापेमारी की गईं. इन कार्रवाइयों के दौरान 202 एफआईआर दर्ज की गईं और 247 टन से अधिक मिलावटी तथा असुरक्षित खाद्य पदार्थ जब्त किए गए. जब्त किए गए खाद्य पदार्थों की सूची भी बेहद चिंताजनक है. कार्रवाई के दौरान 27 टन से अधिक सड़ा-गला अदरक और लहसुन का पेस्ट बरामद किया गया. अधिकारियों के अनुसार इसमें टाइटेनियम डाइऑक्साइड और एसिटिक एसिड का इस्तेमाल किया गया था. इसी तरह 12 टन से अधिक सड़ा हुआ चिकन और मटन भी जब्त किया गया. इसके अलावा होटलों में सप्लाई के लिए रखा गया करीब 60 टन चिकन वेस्ट भी अधिकारियों ने बरामद किया.

कार्रवाई के दौरान 25.8 टन ऐसे फल भी मिले, जिन्हें केमिकल की मदद से पकाया गया था. इसके अलावा 9.2 टन मिलावटी अचार और 3.8 टन मिलावटी चाय पत्ती भी जब्त की गई. जांच में यह भी सामने आया कि यूरिया, डिटर्जेंट और पाम ऑयल का इस्तेमाल कर सिंथेटिक पनीर तैयार किया जा रहा था. इसके साथ ही मिलावटी दही, घी और क्रीम भी बरामद की गई. अधिकारियों के अनुसार इन खाद्य पदार्थों को बाजार में बेचने की तैयारी की जा रही थी. छापेमारी के दौरान कई फैक्ट्रियों की स्थिति भी बेहद खराब पाई गई. अधिकारियों ने बताया कि कई स्थानों पर खाद्य पदार्थ मक्खियों, कॉकरोच और गंदे नालों के बीच तैयार किए जा रहे थे. ऐसे वातावरण में तैयार खाद्य सामग्री सीधे लोगों की सेहत के लिए खतरा बन सकती है.

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मक्खियों और गंदगी के बीच तैयार हो रहे थे खाद्य पदार्थ

स्वास्थ्य विशेषज्ञों और अधिकारियों का कहना है कि लंबे समय तक ऐसे मिलावटी खाद्य पदार्थों का सेवन गंभीर बीमारियों का कारण बन सकता है. उनके अनुसार इससे कैंसर, लीवर और किडनी को नुकसान, पेट की गंभीर बीमारियां, एलर्जी, त्वचा संबंधी रोग और तंत्रिका तंत्र पर दीर्घकालिक प्रभाव पड़ सकते हैं. अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई सिर्फ खाद्य मिलावट का खुलासा नहीं है, बल्कि इस बात का भी संकेत है कि अधिक मुनाफा कमाने के लिए लोगों की सेहत के साथ किस स्तर तक खिलवाड़ किया जा रहा है. इसी कारण H-FAST और GHMC की तरफ से लगातार निगरानी और छापेमारी की जा रही है. पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे केवल लाइसेंसधारी विक्रेताओं से ही खाद्य सामग्री खरीदें. साथ ही यदि किसी खाद्य उत्पाद को लेकर कोई संदेह हो तो उसकी जानकारी तुरंत H-FAST या पुलिस को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके और मिलावटी खाद्य पदार्थ लोगों तक पहुंचने से रोके जा सकें.
 

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