हैदराबाद के गाचीबोवली इलाके में शनिवार को बड़ा हादसा हो गया. यहां एक निर्माणाधीन बहुमंजिला इमारत अचानक ढह गई. हादसे में दो लोगों की मौत हो गई. एक अन्य व्यक्ति घायल हुआ है. पुलिस और राहत टीमों ने मौके पर पहुंचकर बचाव अभियान शुरू किया.
हादसे के बाद आसपास के इलाके में अफरा-तफरी मच गई. राहत और बचाव दल तुरंत मौके पर पहुंचे. मलबा हटाने का काम शुरू किया गया. दोनों मृतक मध्य प्रदेश के बताए जा रहे हैं.
रेस्क्यू ऑपरेशन में शामिल एक फायर अधिकारी ने बताया कि मलबे से अब तक दो शव निकाले जा चुके हैं. एक अन्य व्यक्ति घायल हुआ है. वह पास की इमारत में मौजूद था. उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है.
बचाव अभियान अभी जारी है. टीमों को आशंका है कि मलबे के नीचे कोई और व्यक्ति फंसा हो सकता है. इसी वजह से मलबे को सावधानी से हटाया जा रहा है. राहत दल लगातार पूरे इलाके की जांच कर रहे हैं.
नाले के ऊपर बनी थी इमारत
HYDRA के कमिश्नर एवी रंगनाथ ने हादसे को लेकर जानकारी दी है. उन्होंने बताया कि यह इमारत करीब 60 वर्ग गज की जमीन पर बनाई जा रही थी. इमारत में सात से ज्यादा मंजिलें थीं. इसे करीब आठ मंजिला निर्माण बताया गया है.
कमिश्नर के मुताबिक यह इमारत एक नाले के ऊपर बनाई गई थी. उन्होंने कहा कि उन्हें नहीं लगता कि इस निर्माण के लिए जरूरी परमिशन ली गई थी. हालांकि सभी दस्तावेजों और अनुमतियों की जांच की जाएगी.
उन्होंने कहा कि अगर इमारत अवैध तरीके से बनी है या नाले पर निर्माण किया गया है, तो उसे गिराने की कार्रवाई की जाएगी. एवी रंगनाथ ने कहा कि इस मामले में जिम्मेदार लोगों की पहचान की जा रही है. उन्होंने निर्माण से जुड़े व्यक्ति का नाम साजिद बताया. साजिद पर पहले भी इस तरह के अवैध निर्माण कराने का आरोप है.
अधिकारी ने कहा कि यह भी पता लगाया जाएगा कि साजिद ने शहर में और कहां-कहां इस तरह की इमारतें बनवाई हैं. इसके लिए संबंधित निर्माणों की जानकारी जुटाई जाएगी. जिन इमारतों का निर्माण नियमों के खिलाफ हुआ है, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.
फिलहाल पुलिस और बचाव दल मलबे में फंसे लोगों की तलाश कर रही है. साथ ही हादसे की वजह भी जांच की जा रही है. अधिकारी यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि निर्माण के दौरान किन नियमों का पालन किया गया था. जमीन की स्थिति और निर्माण की अनुमति से जुड़े दस्तावेज भी जांचे जाएंगे.
हादसे के बाद आसपास के लोगों में डर का माहौल है. प्रशासन ने राहत और बचाव कार्य तेज कर दिया है. मलबा पूरी तरह हटने के बाद हादसे से जुड़ी तस्वीर और साफ होने की उम्मीद है.
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