चीन से शांति का पैगाम, इन 5 मुद्दों पर मोदी-जिनपिंग के बीच हुई अहम बातचीत

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच दो दिन में 4 दौर की बातचीत हो चुकी है. इन मुलाकातों से भारत-चीन के रिश्तों में नए दौर का आगाज माना जा रहा है.

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पीएम मोदी के साथ शी जिनपिंग पीएम मोदी के साथ शी जिनपिंग

अमित कुमार दुबे

  • वुहान,
  • 28 अप्रैल 2018,
  • अपडेटेड 3:07 PM IST

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच दो दिन में 4 दौर की बातचीत हो चुकी है. इन मुलाकातों से भारत-चीन के रिश्तों में नए दौर का आगाज माना जा रहा है. शनिवार को मोदी-जिनपिंग की बातचीत के बाद विदेश मंत्रालय ने कहा कि दोनों के बीच 4 दौर की मुलाकात से सकारात्मक बातें निकलकर आई हैं. विदेश मंत्रालय के मुताबिक दोनों देशों के बीच शांतिपूर्ण रिश्तों पर जोर दिया गया.

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सीमा पर शांति

भारत और चीन सीमा पर तनाव कम करने के लिए और अपनी-अपनी सेना को रणनीतिक दिशा-निर्देश जारी करेंगे. विदेश सचिव विजय गोखले ने कहा कि सीमा पर विश्वास बहाल करने के लिए और करने दोनों देशों के बीच जो बातचीत का चल रही है और वो जारी रहेगी. मोदी और जिनपिंग विशेष प्रतिनिधियों के जरिए तर्कसंगत और पारस्परिक समाधान को खोजने के लिए सहमत हुए हैं. दोनों नेता (मोदी और शी) मानते हैं कि सीमा पर शांति बरकरार रखना जरूरी है.

अफगानिस्तान पर आर्थिक गठजोड़

भारत और चीन के बीच अफगानिस्तान मसले को लेकर अहम बातचीत हुई. भारतीय विदेश सचिव विजय गोखले ने बताया कि दोनों देश अफगानिस्तान में मिलकर काम करेंगे. अफगान प्रोजेक्ट में दोनों देशों की आर्थिक भागीदारी होगी. दोनों देश अफगानिस्तान में शांति कायम करने और आर्थिक मोर्चे पर मिलकर काम करने पर सहमति जताई है.

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आतंकवाद पर हुई बात

प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति शी ने आतंकवाद को दोनों देशों के लिए खतरा माना और इससे निपटने के लिए सहयोग करने की प्रतिबद्धता जताई. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग दोनों देशों के बीच रणनीतिक बातचीत को और सुदृढ़ करने पर सहमत हुए. विदेश सचिव विजय गोखले ने कहा कि दोनों देशों के बीच कई ऐसे क्षेत्रों की पहचान की जा रही है, जहां मिलकर काम किया जा सकता है.

व्यापार पर सफल रही बात

पीएम मोदी और शी व्यापारिक रिश्तों में संतुलन कायम रखने पर सहमत हुए हैं. इसके अलावा दोनों देशों के बीच कल्चरल और पीपल-टु-पीपल रिलेशन को मजबूत करने पर भी बात हुई. विजय गोखले ने कहा कि इस मीटिंग में आध्यात्म, तकनीक, ट्रेड, मनोरंजन और अन्य कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने को लेकर बात हुई. इस बात सहमति बनी कि ज्यादा से ज्यादा भारतीय फिल्में चीन आएं और चीन की फिल्मों को भारत में जगह मिले.

ग्लोबल हेल्थकेयर पर चर्चा

ग्लोबल हेल्थकेयर को लेकर भी दोनों नेताओं (मोदी और शी) के बीच चर्चा हुई है. भारतीय विदेश मंत्रालय के मुताबिक दोनों नेताओं (मोदी और शी) के बीच कुछ क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी बातचीत हुई है. इसके अलावा भारत और चीन के बीच कृषि, टेक्नोलॉजी और टूरिज्म को बढ़ावा देने के साथ-साथ इसे नया आयाम देने पर भी बातचीत हुई. खुद ने शी जिनपिंग के साथ बातचीत के बाद ट्वीट कर इसकी जानकारी दी.

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गौरतलब है कि पीएम मोदी के इस दौरे को लेकर बातचीत का कोई एजेंडा तय नहीं था. ऐसे में उन मुद्दों पर दोनों नेताओं के बीच बातचीत हुई जो दोनों देशों के लिए अहम हैं. हालांकि दोनों नेताओं के बीच कोई समझौता नहीं हुआ है, लेकिन आपसी व्यापार को बढ़ाने पर दोनों नेताओं ने दिलचस्पी दिखाई.

इससे चीन के दौरे पर गए पीएम नरेंद्र मोदी ने वुहान शहर में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ नौका विहार किया. इस शिखर वार्ता का मकसद द्विपक्षीय संबंधों में सुधार के लिए आम सहमति बनाना और संबंधों को प्रभावित करने वाले विवादित मुद्दों को सुलझाना है. मोदी के सम्मान में शी की मेजबानी में आयोजित भोज के साथ शिखर वार्ता का समापन हुआ. जिसके बाद प्रधानमंत्री मोदी स्वदेश रवाना हो गए.

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