विशाखापट्टनम में फिर गैस लीक से हड़कंप, अब तक 12 की मौत

विशाखापट्टनम में गुरुवार रात करीब 11 बजे अचानक गैस का रिसाव देखा गया, लेकिन इस बार प्रशासन तुरंत हरकत में आया और रात में ही 5 किलोमीटर के दायरे में तमाम लोग इलाके से हटाए गए.

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गैस को निष्क्रिय करने की कोशिश जारी (फोटो-PTI) गैस को निष्क्रिय करने की कोशिश जारी (फोटो-PTI)

आशीष पांडेय

  • विशाखापट्टनम,
  • 08 मई 2020,
  • अपडेटेड 11:04 AM IST

  • एलजी पॉलिमर कंपनी में गैस लीक
  • अब तक 12 लोगों की मौत, 325 पीड़ित

24 घंटे के अंदर विशाखापट्टनम में एक बार फिर केमिकल प्लांट से गैस लीक होने की खबर है. रात करीब 11 बजे अचानक गैस का रिसाव देखा गया, लेकिन इस बार प्रशासन तुरंत हरकत में आया और रात में ही 5 किलोमीटर के दायरे में तमाम लोग इलाके से हटाए गए. हालांकि अब रिसाव पर काबू पा लिया गया है.

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इस हादसे में अब तक 12 लोगों की मौत हो चुकी है और 352 लोगों का इलाज चल रहा है. प्रशासन का कहना है कि गैस को निष्क्रिय करने के लिए गुजरात से आई पीटीबीसी केमिकल का इस्तेमाल जब तक नहीं किया जाता है, तब तक यानी अभी दो दिनों तक हटाए गए लोग अपने घरों में वापस न लौटे.

गैस को निष्क्रिय करने की अगुवाई पुणे से आई एनडीआरएफ एक्सपर्ट की टीम कर रही है. मौके पर एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की 70 जवानों की टीम मौजूद है.

फिर उसी टैंकर से रिसने लगी गैस

गौरतलब है कि गुरुवार देर रात एक बार गैस लीक ने विशाखापट्टनम में हड़कंप मचा दिया था. एलजी पॉलिमर फैक्ट्री में दोबारा स्टाइरीन गैस रिसाव हुआ. फायर विभाग के अफसरों के मुताबिक, गुरुवार को जिस टैंकर से रिसाव के कारण हादसा हुआ था, उसी टैंकर से फिर गैस रिसने लगा.

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तुरंत इलाके को कराया गया खाली

इसके बाद बिल्कुल देर ना करते हुए प्रशासन तुरंत हरकत में आ गया. फायर ब्रिगेड की लगभग 60 गाड़ियां और कई कर्मचारी बचाव में लग गए. प्रशासन ने रात में ही 5 किलोमीटर के दायरे में हर किसी को हटाने का काम फिर से शुरू कर दिया था. लोगों को तुरंत इलाके को खाली करने को कहा गया है.

सतर्कता के कारण नहीं हुआ बड़ा हादसा

गैस लीकेज को रोकने में कामयाबी के बाद दोबारा उसमें रिसाव से इलाके में दहशत फैल गई है. हालांकि इसबार प्रशासन सतर्क था. तभी तो रिसाव होते ही बचाव का काम शुरू हो गया. देर रात पीटीबीसी केमिकल को एयर इंडिया के स्पेशल कार्गो विमान से गुजरात से विशाखापट्टनम पहुंचाया गया है.

अब तक 12 लोगों की मौत, कई बीमार

इससे पहले गुरुवार की सुबह जब स्टाइरीन गैस लीक हुई तब आसपास के गांव के लोग सो रहे थे. आंख खुली तबतक हवा में मिली खतरनाक गैस ने अपना काम कर दिया था. हर तरफ बदहवास देखी गई. बहुत से लोग सड़कों पर बेहोश पड़े थे. अबतक गैस रिसाव से 12 लोगों की मौत हो गई है. कई बीमार बताए जा रहे हैं.

गैस वॉल्व की खराबी के कारण हादसा?

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लॉकडाउन के कारण बंद हुई केमिकल यूनिट में कुछ दिन पहले ही फिर से काम शुरू किया गया था. शुरुआती जांच रिपोर्ट में पता चला था कि गैस वॉल्व में दिक्कत आने के कारण गुरुवार सुबह 2.30 बजे गैस का रिसाव शुरू हुआ था. हालांकि, अभी मामले की पूरी जांच की जा रही है.

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