'8000 भारतीय लौटे, 12 हजार अब भी मौजूद, बॉर्डर पर शांति', बांग्लादेश पर विदेश मंत्री एस जयशंकर ने क्या-क्या बताया

बांग्लादेश में हिंसा और आगजनी के बाद शेख हसीना पीएम पद से इस्तीफा देकर भारत आ गई हैं. इस बीच आज मोदी सरकार ने ऑल पार्टी मीटिंग बुलाई, जिसमें इस बारे में चर्चा की गई कि बांग्लादेश को लेकर भारत का रुख क्या रहने वाला है. मीटिंग में राहुल गांधी भी मौजूद रहे.

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S Jaishankar (File Photo) S Jaishankar (File Photo)

हिमांशु मिश्रा

  • नई दिल्ली,
  • 06 अगस्त 2024,
  • अपडेटेड 11:42 AM IST

बांग्लादेश में तख्तापलट के बीच मोदी सरकार ने ऑल पार्टी मीटिंग बुलाई. बैठक में इस बात पर चर्चा की गई कि पड़ोसी देश में खराब हालात के बीच भारत की स्ट्रेटजी कैसी होनी चाहिए. मीटिंग में कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी भी मौजूद रहे.

सूत्रों के मुताबिक विपक्षी दलों के नेताओं ने सर्वदलीय बैठक में कहा कि वह इस मुद्दे पर सरकार के साथ हैं. मीटिंग में राहुल ने कहा कि इस मुद्दे को लेकर मीडियम और लॉन्ग टर्म स्ट्रेटजी होना चाहिए. वहीं, विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि अभी स्थिति फ्लूइड और डेवलपिंग है. 

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बांग्लादेश की सेना के टच में भारत

मीटिंग में जब बांग्लादेश में भारत विरोधी सेंटीमेंट पर बात की गई तो सूत्रों के मुताबिक बताया गया कि कुछ जगहों पर ऐसा देखा गया है, लेकिन बांग्लादेश में जो भी सरकार आएगी भारत उसके साथ डील करेगा. बैठक में यह भी बताया गया कि भारत लगातार बांग्लादेश की सेना के टच में है और बॉर्डर पर चिंता की कोई बात नहीं है. आगे के डेवलपमेंट पर जानकारी साझा की जाएगी.

हिंसा के पीछे क्या बाहरी हाथ?

सूत्रों के मुताबिक मीटिंग में राहुल गांधी ने सवाल किया कि क्या बांग्लादेश के हालातों के पीछे कोई बाहरी हाथ है. इस पर बताया गया कि बाहरी ताकत का हाथ होने की बात कहना फिलहाल जल्दबाजी होगी. हालांकि, एक पाकिस्तानी जनरल ने अपनी सोशल मीडिया डीपी बदलकर बांग्लादेश में जारी हंगामे का समर्थन किया था. लेकिन फिर भी अभी कुछ कहना जल्दबाजी होगी.

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एडवायजरी के बाद 8 हजार छात्र लौटे

ऑल पार्टी मीटिंग में बताया गया कि बांग्लादेश में 20 हजार भारतीय थे, जिनमें ज्यादातर छात्र थे. हालात बिगड़ने पर जब भारत सरकार ने एडवायजरी जारी की तो इनमें से 8 हजार छात्र लौट गए थे. हालांकि, अब भी 12 हजार भारतीय वहां मौजूद हैं. शेख हसीना को लेकर मीटिंग में यह कहा गया कि अभी उन्हें थोड़ समय और स्पेस देना चाहिए कि वो क्या चाहती हैं.

हसीना के इस्तीफे पर अड़े थे आंदोलनकारी

बता दें कि बांग्लादेश में छात्र रिजर्वेशन के विरोध में प्रदर्शन कर रहे थे. हिंसक प्रदर्शन के बाद शेख हसीना सरकार ने उनकी मांगें मान ली थी, लेकिन इसके बाद भी उन्होंने अपना आंदोलन खत्म नहीं किया था. आंदोलनकारी शेख हसीना के इस्तीफे की मांग करने लगे थे. बढ़ती हिंसा के बीच 5 अगस्त को शेख हसीना इस्तीफा देकर भारत के हिंडन एयरबेस आ गईं. यहां उन्हें तब से लेकर अब तक सेफ हाउस में रखा गया है.

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