सोशल मीडिया और ऑनलाइन ऐप्स के इस दौर में जितनी सुविधाएं बढ़ रही हैं, साइबर ठगी के नए-नए तरीके भी उतने ही तेजी से सामने आ रहे हैं. राजकोट से एक ऐसा ही हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है.
दरअसल, यहां एक 63 वर्षीय महिला को मात्र ₹175 का रिफंड पाना इतना भारी पड़ गया कि उन्हें ₹1.91 लाख की चपत लग गई. राजकोट शहर के साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज कर लिया गया है. पुलिस आरोपियों की तलाश में जुट गई है.
पुलिस शिकायत के मुताबिक, जामनगर रोड स्थित एक सोसाइटी में रहने वाली 63 वर्षीय रिटायर्ड महिला ने Zepto के जरिए दूध के पांच पैकेट मंगवाए थे. पैकेट खोलने पर दूध खराब निकला, जिसके बाद महिला ने ₹175 का रिफंड पाने के लिए गूगल पर Zepto का कस्टमर केयर नंबर खोजा.
सर्च करने के दौरान मिले एक मोबाइल नंबर पर जब महिला ने संपर्क किया, तो फोन उठाने वाले व्यक्ति ने अपना नाम इस्माइल अंसारी बताया और खुद को Zepto का कस्टमर केयर कर्मचारी बताकर महिला का भरोसा जीत लिया.
व्हाट्सएप के जरिए की 1.91 लाख की धोखाधड़ी
आरोपी ने UPI रिफंड प्रोसेस पूरा करने के बहाने महिला को व्हाट्सएप पर जोड़ा और उन्हें एक APK फाइल भेजी. ठग के झांसे में आकर महिला ने अलग-अलग ट्रांज़ैक्शन किए. इसके जरिए ठगों ने महिला के बैंक ऑफ बड़ौदा के खाते से ₹97 हजार 072 और ICICI बैंक के खाते से ₹94 हजार 262 यानी कुल ₹1 लाख 91 हजार 334 अलग-अलग UPI ID और बैंक खातों में ट्रांसफर करवा लिए.
जब अकाउंट से पैसे कटने के मैसेज आए, तब महिला को अहसास हुआ कि उनके साथ बहुत बड़ी धोखाधड़ी हुई है. इसके बाद उन्होंने बिना देर किए तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करके इसकी शिकायत दर्ज कराई.
पुलिस ने दर्ज की एफआईआर
इस मामले में राजकोट शहर साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन ने विभिन्न मोबाइल नंबरों और बैंक खाता धारकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है. फिलहाल पुलिस UPI ID, बैंक खातों और मोबाइल नंबरों के आधार पर साइबर ठगों तक पहुंचने के लिए तफ्तीश कर रही है.
पुलिस का कहना है कि किसी भी ऐप, बैंक या कंपनी का कस्टमर केयर नंबर हमेशा उनकी ऑफिशियल बेबसाइट से ही लें. गूगल पर दिखने वाले कई नंबर साइबर ठगों के फर्जी हो सकते हैं. कोई भी अनजान व्यक्ति अगर आपको व्हाट्सएप या किसी अन्य जरिए से ऐप (APK File) डाउनलोड करने को कहे, तो भूलकर भी उसे इंस्टॉल न करें. इससे फोन का एक्सेस ठगों के पास चला जाता है.
रिफंड पाने के लिए कभी भी UPI पिन डालने या पैसे भेजने की जरूरत नहीं होती है. अगर कोई रिफंड के नाम पर पैसे भेजने को कहे, तो समझ लें कि वह ठगी है. अगर आपके साथ भी कोई ऑनलाइन धोखाधड़ी होती है, तो तुरंत 1930 नंबर पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं.
ब्रिजेश दोशी