नीट पेपर लीक मामले को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला है, उन्होंने कहा कि नीट छात्रों से मुलाकात के दौरान एक बात पूरी तरह स्पष्ट हो गई, भारत का युवा नरेंद्र मोदी पर भरोसा नहीं करता.
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा, छात्रों ने मुझे बताया कि परीक्षा के पेपर व्हाट्सऐप और टेलीग्राम पर खुलेआम बेचे जा रहे हैं. किस कीमत पर बिक रहे हैं, कौन खरीद रहा है और यह माफिया कैसे काम कर रहा है. बच्चों को इसकी पूरी जानकारी है.
उन्होंने कहा कि छात्रों का सिर्फ एक सवाल था, जो हमें पता है वह सरकार और संबंधित संस्थाओं को क्यों नहीं पता? राहुल गांधी के एक्स पर बताया कि सच्चाई यह है कि ये बच्चे सरकार से बेहतर जानते हैं कि इस व्यवस्था को कैसे सुधारा जा सकता है.
राहुल गांधी ने आगे बताया, यह शर्मनाक है कि जिस सेना का काम देश को दुश्मनों से सुरक्षित रखना है, आज उसे मोदी सरकार के भ्रष्टाचार के कारण बच्चों की परीक्षाएं बचाने भेजा जा रहा है.
राहुल गांधी ने कहा कि अब केवल छोटे-मोटे सुधारों से काम नहीं चलेगा. छात्रों, शिक्षकों और विशेषज्ञों के साथ मिलकर पूरी परीक्षा व्यवस्था को नए सिरे से तैयार करना होगा. हम और छात्रों का भविष्य बर्बाद नहीं होने दे सकते और एक भी पीढ़ी का भविष्य इस भ्रष्ट तंत्र के हवाले नहीं कर सकते.
मालवीय ने कहा- युवाओं की सबसे ज्यादा चिंता PM को
वहीं, बीजेपी नेता अमित मालवीय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि यह कहना बेतुका, अपमानजनक और तर्कहीन है कि PM मोदी ने व्यक्तिगत रूप से NEET परीक्षा के पेपर लीक की निगरानी की. यही कारण है कि राहुल गांधी राष्ट्रीय महत्व के मामलों पर गंभीरता से विचार करने में असमर्थ रहते हैं. वे बार-बार गंभीर मुद्दों को उचित गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ संभालने के लिए आवश्यक परिपक्वता और गंभीरता का अभाव प्रदर्शित करते हैं.
अमित मालवीय ने बताया कि भारत के युवाओं के भविष्य को लेकर प्रधानमंत्री मोदी से अधिक चिंतित कोई नहीं है. वे हर साल परीक्षाओं से पहले छात्रों से बातचीत करने, उन्हें प्रोत्साहित करने, उनकी चिंताओं को समझने और उनके साथ ऐसा संबंध बनाने में समय बिताते हैं जिसे राहुल गांधी कभी समझ नहीं पाएंगे.
उन्होंने आगे लिखा, NEET परीक्षा से संबंधित घटनाएं दुर्भाग्यपूर्ण हैं और स्वाभाविक रूप से छात्रों और उनके परिवारों के बीच चिंता का कारण बनी हैं. उनकी चिंता जायज है और इसका तत्काल समाधान किया जाना चाहिए. सरकार यही कर रही है. दोषियों को जवाबदेह ठहराया जाएगा. छात्रों के साथ खड़े होने और योगदान देने के बजाय, राहुल गांधी ने एक बार फिर जिम्मेदारी की जगह सनसनीखेज खबरों को चुना है.
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