जामिया की VC के खिलाफ याचिका, कोर्ट ने सरकार, UGC से मांगा जवाब

जामिया के एक पूर्व छात्र ने याचिका में कहा कि डॉ. नजमा अख्तर का विजिलेंस क्लीयरेंस पहले खारिज हो गया था, लेकिन 20 दिन बाद दोबारा क्लीयरेंस दिया गया. इसी आधार पर उनकी नियुक्ति को हाई कोर्ट में चुनौती दी गई है.

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जामिया की वीसी की नियुक्ति को हाई कोर्ट में चुनौती (वीसी नजमा अख्तर की फाइल फोटो-ANI) जामिया की वीसी की नियुक्ति को हाई कोर्ट में चुनौती (वीसी नजमा अख्तर की फाइल फोटो-ANI)

पूनम शर्मा

  • नई दिल्ली,
  • 27 जनवरी 2020,
  • अपडेटेड 7:31 PM IST

  • नजमा अख्तर के विजिलेंस क्लीयरेंस पर सवाल
  • नियुक्ति के खिलाफ हाई कोर्ट पहुंचा मामला

जामिया मिलिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी की वाइस चांसलर डॉ. नजमा अख्तर की नियुक्ति के खिलाफ दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दायर की गई. सोमवार को अर्जी पर सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट ने केंद्र सरकार, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी), केंद्रीय सतर्कता आयोग (सीवी) और अन्य को नोटिस जारी किया है.

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जामिया के एक पूर्व छात्र ने कोर्ट में याचिका दायर कर कहा है कि डॉ. नजमा अख्तर का विजिलेंस क्लीयरेंस पहले खारिज हो गया था, लेकिन 20 दिन बाद दोबारा क्लीयरेंस दिया गया. इसी आधार पर जामिया की वीसी की नियुक्ति को हाई कोर्ट में चुनौती दी गई है.

पिछले हफ्ते नजमा अख्तर ने मानव संसाधन विकास मंत्रालय (एमएचआरडी) के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मुलाकात की थी. इस बैठक में जामिया विश्वविद्यालय में चल रही छात्रों की हड़ताल और छात्रों की मांगों के बारे में वीसी ने अधिकारियों को अवगत कराया. नजमा अख्तर ने इस दौरान कैंपस में दिल्ली पुलिस के जबरन घुस आने का मुद्दा भी उठाया. जामिया मिलिया इस्लामिया के हालात की जानकारी लेने के लिए हुई इस बैठक के दौरान मंत्रालय के सबसे वरिष्ठ अधिकारी और सचिव अमित खरे खुद मौजूद रहे.

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इस बैठक के दौरान नजमा अख्तर ने बताया कि छात्रों के विरोध को देखते हुए जामिया विश्वविद्यालय की परीक्षाएं रद्द कर दी गई हैं. वीसी ने मंत्रालय के सचिव अमित खरे को बताया कि छात्रों की मांग है कि जामिया कैंपस में घुसने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ तुरंत एफआईआर दर्ज कराई जाए.(आईएएनएस से इनपुट)

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