कार्ति को 12 दिन की न्यायिक हिरासत, जेल में नहीं मिलेगा अलग सेल

कार्ति के वकील कहा था कि अगर उन्हें जेल भेजा जाए तो विशेष सुरक्षा का इंतजाम हो. लेकिन कोर्ट ने जमानत न देते हुए कार्ति के वकील की इस मांग को भी नकार दिया.

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कार्ति चिदंबरम कार्ति चिदंबरम

जावेद अख़्तर / पूनम शर्मा

  • नई दिल्ली,
  • 12 मार्च 2018,
  • अपडेटेड 3:33 PM IST

रिश्वत लेने के आरोप में सीबीआई की हिरासत में चल रहे पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम के बेटे कार्ति चिदंबरम को आज फिर से दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया गया. जहां सुनवाई के बाद कोर्ट ने उन्हें 12 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया. अब उनकी अगली पेशी 24 मार्च को होगी.

इससे पहले सुनवाई के दौरान सीबीआई ने कार्ति की रिमांड बढ़ाने की मांग नहीं की थी. जिसके चलते कार्ति के वकील ने उन्हें तुरंत जमानत दिए जाने की अपील की थी. साथ ही कार्ति के वकील ने ये भी मांग की थी कि अगर उन्हें जेल भेजे जाने पर अलग कोठरी और विशेष सुरक्षा का इंतजाम किया जाए. हालांकि, कोर्ट ने जमानत न देते हुए कार्ति के वकील की इस मांग को भी नकार दिया.

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कार्ति जेल के अंदर सिर्फ अपना चश्मा ले जा सकेंगे. इसके अलावा न ही उन्हें घर का खाना मिलेगा और न अलग टॉयलेट का इस्तेमाल कर सकेंगे. दवाई भी डॉक्टर के कहने पर भी मिलेगी. यानी कार्ति को जेल मैन्युअल के हिसाब से ही आम कैदी की तरह रहना होगा.

ये थी बचाव पक्ष की दलील

सुनवाई के दौरान कार्ति के वकील ने कहा था कि अगर कोर्ट जमानत नहीं देता है तो कार्ति की सुरक्षा को जेल में सुनिश्चित किया जाए. उन्होंने तर्क दिया था कि कार्ति के पिता पूर्व में देश के गृह मंत्री रहे हैं, ऐसे में जेल में कार्ति चिदंबरम को आतंकवादियों से जान का खतरा हो सकता है, लिहाजा उन्हें विशेष सुरक्षा मुहैया कराया जाए.

सीबीआई ने कार्ति के लिए अलग सेल की मांग की याचिका का विरोध इस आधार पर किया कि अगर खतरा है तो पी. चिदंबरम को है, न कि उनके बेटे को जिस पर कार्ति के वकील कृष्णन ने आश्चर्य जताते हुए कहा कि सीबीआई की आपत्ति से खतरे की अनुभूति बढ़ गई है.

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कार्ति के वकील ने कहा, 'अलग सेल की मांग का सीबीआई द्वारा विरोध करने से मेरी आशंका बढ़ गई है और इसमें राजनीतिक निहितार्थ है. जांच करने वाले संगठन को सुरक्षा की चिंता होनी चाहिए. यहां गलत मंशा है. मुझे आश्चर्य है कि सीबीआई सुरक्षा को लेकर दी गई याचिका का विरोध कर सकती है.?'

सीबीआई ने 28 फरवरी को कार्ति चिदंबरम को गिरफ्तार किया था. वो 12 दिन तक सीबीआई की हिरासत में थे. इस दौरान सीबीआई ने उनसे लंबी पूछताछ की है. कार्ति पर आईएनएक्स मीडिया को एफआईपीबी की मंजूरी दिलाने में मदद के लिए घूस लेने का आरोप है. कार्ति से आईएनएक्स मीडिया से जुड़ीं इंद्राणी मुखर्जी को सामने बिठाकर कार्ति से पूछताछ की थी.

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