अमेरिकी आरोपपत्र में नाम आने के बाद पंजाब पुलिस ने अपने ही एक इंस्पेक्टर को गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान अमेरिका में रहने वाले एक परिवार से 16 लाख रुपये की अवैध वसूली के मामले में अधिकारी के खिलाफ पर्याप्त सबूत मिले हैं. इसके बाद उसे गिरफ्तार किया गया, सस्पेंड किया गया और विभागीय कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है.
यह मामला तब चर्चा में आया, जब अमेरिका के कैलिफोर्निया में 'ऑपरेशन हार्ड बॉल' के तहत एक आरोपपत्र सार्वजनिक किया गया. इसमें भारत से जुड़े एक संगठित अपराध गिरोह का जिक्र किया गया था. आरोपपत्र में पंजाब पुलिस के इंस्पेक्टर गुरिंदरजीत सिंह नागरा पर भी गंभीर आरोप लगाए गए. इसके बाद पंजाब सरकार ने मामले का संज्ञान लिया. पहले उन्हें पुलिस लाइंस भेजा गया, फिर फैक्ट-फाइंडिंग जांच के आदेश दिए गए. जांच में पर्याप्त सबूत मिलने के बाद शुक्रवार को उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया.
जांच में क्या सामने आया?
पंजाब पुलिस के मुताबिक, जांच में सामने आया कि अमेरिका में रहने वाले एक परिवार से 16 लाख रुपये की अवैध वसूली की गई थी. इसी आधार पर टांडा थाने में दर्ज FIR में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 और 13 के साथ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की वसूली से जुड़ी धारा 308 भी जोड़ी गई. पुलिस का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है और इससे जुड़े बाकी सबूत भी जुटाए जा रहे हैं.
न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, इस पूरे मामले की शुरुआत 15 जनवरी को होशियारपुर के मियानी गांव में हुए हार्डवेयर कारोबारी बलविंदर सिंह की हत्या से हुई थी. पुलिस जांच में दावा किया गया कि हत्या की साजिश विदेश में रह रहे कुछ लोगों ने रची थी. आरोप है कि पारिवारिक विवाद के बाद वारदात की योजना बनाई गई और शूटरों का इंतजाम कराया गया. इस मामले में तीन आरोपी पहले ही गिरफ्तार हैं.
अमेरिकी आरोपपत्र में दावा किया गया है कि गैंगस्टर जग्गू भगवानपुरिया भारत की जेल से एक अपराध नेटवर्क चला रहा था. आरोपपत्र के मुताबिक, पंजाब पुलिस के इंस्पेक्टर गुरिंदरजीत सिंह नागरा ने अमेरिका में रहने वाले एक परिवार को भारत में झूठे हत्या के मामले में फंसाने की कोशिश की. आरोप है कि इसी दबाव के जरिए परिवार से 4 लाख अमेरिकी डॉलर की उगाही की योजना बनाई गई थी. वहीं, पंजाब पुलिस की जांच में 16 लाख रुपये की अवैध वसूली का मामला सामने आने के बाद इंस्पेक्टर को गिरफ्तार किया गया है.
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