पंजाब: 12 मांगें लेकर मंत्रियों के घर के बाहर डेरा डालेंगे किसान, बड़े आंदोलन की चेतावनी
पंजाब में किसान मजदूर मोर्चा ने 14 सितंबर से मंत्रियों के आवासों के बाहर अनिश्चितकालीन विरोध प्रदर्शन शुरू करने का ऐलान किया है. मोर्चा ने बिजली, खाद, कर्ज माफी, MSP पर खरीद गारंटी समेत 12 मांगें रखीं हैं. मोर्चा ने चेतावनी भी दी है कि अगर सरकार ने जल्द उनकी मांगें नहीं मानी तो वो 16 सितंबर को बड़ा आंदोलन करेंगे.
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KMM से जुड़े किसानों ने 16 सितंबर को बड़े प्रदर्शन की चेतावनी दी. (File Photo- ITGD)
पंजाब में किसान और मजदूरों की समस्याओं को लेकर सियासत और आंदोलन एक बार फिर गरमा गया है. किसान मजदूर मोर्चा (KMM), पंजाब चैप्टर ने राज्य सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. किसान संगठन ने 14 सितंबर 2026 से पंजाब के मंत्रियों और विधानसभा अध्यक्ष के आवासों के बाहर अनिश्चितकालीन विरोध प्रदर्शन शुरू करने का ऐलान किया है.
किसान मजदूर मोर्चा ने चेतावनी दी है कि अगर सरकार ने उनकी मांगों पर जल्द ठोस फैसले नहीं लिए, तो 16 सितंबर को बहुत बड़े आंदोलन का ऐलान किया जाएगा.
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प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान किसान नेता सरवन सिंह पंधेर ने कहा कि पंजाब सरकार को किसान-मजदूरों की समस्याओं को पूरी गंभीरता से लेना चाहिए. उन्होंने कहा कि इस समय राज्य में धान की फसल के लिए बिजली और खाद का भारी संकट खड़ा हो गया है, जिसका तुरंत समाधान निकाला जाना बेहद जरूरी है.
MSP पर सरकारी खरीद की गारंटी: बासमती, मक्का, मूंग, सरसों और आलू की फसलों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) से नीचे न खरीदा जाए और सरकार खुद इनकी खरीद तय करे.
कर्ज मुक्ति और मुआवजा: किसानों और मजदूरों का पूरा कर्ज माफ किया जाए. आत्महत्या कर चुके किसानों-मजदूरों के परिवारों को उचित मुआवजा और एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए.
पर्यावरण व जल संकट पर नीति: बाढ़, गिरते भूजल स्तर और बढ़ते प्रदूषण पर प्रभावी नीति बने. नदियों के पानी का बंटवारा राइपेरियन थ्योरी के आधार पर हो.
केंद्रीय कानूनों का विरोध: विधानसभा में बीज विधेयक 2025, सहकारिता कानून 2026, मनरेगा को बदलकर लाए गए जी. राम. जी. कानून और बिजली संशोधन विधेयक 2025 के खिलाफ प्रस्ताव पारित हो. साथ ही प्रीपेड बिजली मीटर लगाने पर तुरंत रोक लगे.
भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर रोक: भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को रद्द करने की मांग को लेकर पंजाब विधानसभा में प्रस्ताव पास किया जाए.
जब्त सामान की वापसी: शंभू और खनौरी मोर्चा स्थलों से जब्त या लूटे गए ट्रैक्टर-ट्रॉली सहित सभी सामान वापस किए जाएं.
आबादकार किसानों को मालिकाना हक: सालों से खेती कर रहे आबादकार किसानों और मजदूरों को उन जमीनों का मालिकाना हक दिया जाए.
आंदोलन के दौरान दर्ज मुकदमे रद्द हों: किसान आंदोलनों और पराली जलाने को लेकर दर्ज सभी पुलिस और रेलवे केस वापस लिए जाएं. शहीद हुए किसानों के परिवारों को मुआवजा और नौकरी मिले.
लैंड पूलिंग और भारतमाला परियोजना: लैंड पूलिंग नीति को तुरंत रद्द किया जाए और भारतमाला परियोजना के लिए किसानों की जमीन का जबरन अधिग्रहण रोका जाए.
नशे पर नियंत्रण और रोजगार: राज्य में फैले नशे पर सख्ती से रोक लगे और युवाओं को पक्के रोजगार दिए जाएं.
गांवों की ड्रोन मैपिंग बंद हो: ग्रामीणों की सहमति के बिना निजी संस्थाओं की ओर से की जा रही गांवों की ड्रोन मैपिंग पर तुरंत रोक लगाई जाए.
पाकिस्तान के साथ व्यापार कॉरिडोर: पंजाब के किसानों, व्यापारियों और उद्योगों को नए बाजार देने के लिए पाकिस्तान के साथ व्यापार कॉरिडोर खोला जाए.
इन मंत्रियों के आवासों पर होगा प्रदर्शन
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मोर्चा ने 8 मंत्रियों और विधानसभा अध्यक्ष के क्षेत्रों में प्रदर्शन की योजना बनाई है. इनमें हरभजन सिंह ईटीओ (अमृतसर-जंडियाला), अमन अरोड़ा (संगरूर-सुनाम), लाल चंद कटारूचक्क (पठानकोट-भोआ) और डॉ. रवजोत सिंह (होशियारपुर) शामिल हैं.
इसके अलावा किसान गुरमीत सिंह खुड्डियां (श्री मुक्तसर साहिब, मोहिंदर भगत (जालंधर), कुलतार सिंह संधवां, अध्यक्ष, पंजाब विधानसभा (फरीदकोट) और हरदीप सिंह मुंडियां (लुधियाना) के घर के बाहर भी प्रदर्शन करेंगे.
कमलजीत संधू