पंजाब चुनाव: इस पार्टी ने पूर्व पीएम इंदिरा गांधी के हत्यारे के बेटे को दिया टिकट, बस्सी पठाना से बनाया उम्मीदवार

अकाली दल वारिस पंजाब दे ने 2027 पंजाब विधानसभा चुनाव के लिए बस्सी पठाना सीट से सतवंत सिंह को अपना पहला उम्मीदवार घोषित किया है. सतवंत सिंह केहर सिंह के पुत्र हैं.

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पंजाब विधानसभा चुनाव के लिए अकाली दल वारिस पंजाब दे ने टिकट देना शुरू कर दिया है पंजाब विधानसभा चुनाव के लिए अकाली दल वारिस पंजाब दे ने टिकट देना शुरू कर दिया है

अमन भारद्वाज

  • नई दिल्ली,
  • 10 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 10:13 PM IST

अकाली दल वारिस पंजाब दे ने 2027 में होने वाले पंजाब विधानसभा चुनाव के लिए अपने पहले उम्मीदवार के नाम का ऐलान कर दिया है. पार्टी ने बस्सी पठाना विधानसभा सीट से सतवंत सिंह को उम्मीदवार बनाया है. सतवंत सिंह, केहर सिंह के बेटे हैं. केहर सिंह को पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के मामले में दोषी ठहराया गया था और बाद में फांसी दी गई थी.

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सांसद अमृतपाल सिंह के पिता ने किया ऐलान

उम्मीदवारी की घोषणा सांसद अमृतपाल सिंह के पिता ने की. इसके साथ ही अकाली दल वारिस पंजाब दे ने 2027 के पंजाब विधानसभा चुनाव के लिए उम्मीदवारों के चयन की प्रक्रिया की औपचारिक शुरुआत कर दी है.

पंजाब में राजनीतिक रणनीतियां शुरू

पंजाब में चुनाव की आहट होते ही राजनीतिक दलों में रणनीतिक तैयारियां शुरू हो गई हैं. पंजाब में 2027 में विधानसभा इलेक्शन होने वाले हैं. इसके लिए बीजेपी, कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के ही साथ-साथ क्षेत्रीय दल भी अपनी तैयारियों में जुट गए हैं. 

उधर, अकाली दल वारिस पंजाब दे ने अपने पहले प्रत्याशी को चुनावी मैदान में उतार दिया है. 'वारिस पंजाब दे' सांसद अमृतपाल सिंह की पार्टी है. अमृतपाल सिंह पंजाब के खडूर साहिब से लोकसभा सांसद हैं. उन्होंने 2024 के आम चुनाव में एक निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में यह सीट जीती थी. 

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एक्टर-एक्टिविस्ट दीप सिद्धुू ने बनाया था संगठन

अमृतपाल सिंह की यह पार्टी पहल इसी 'वारिस पंजाब दे'  नाम से संगठन था. इस संगठन को एक्टर-एक्टिविस्ट दीप सिद्धू ने बनाया था. बाद में 15 फरवरी 2022 को दीप सिद्धू की सड़क हादसे में मौत हो गई थी. दीप सिद्धू किसान आंदोलन में सक्रिय रहा और लालकिले पर धार्मिक झंडा फहराने से चर्चा में आया था.

दीप सिद्धू के निधन के बाद इस संगठन की कमान दुबई से लौटकर अमृतपाल सिंह ने संभाली और वो इसका प्रमुख बन गया. उसने किसान आंदोलन में भी रुचि दिखाई थी. दीप सिद्धू की मौत के बाद अमृतपाल सिंह ने 'वारिस पंजाब दे' वेबसाइट बनाई और लोगों को जोड़ना शुरू कर दिया. 

साल 2024 में अमृतपाल ने जीता था चुनाव
अमृतपाल सिंह ने 2024 का लोकसभा चुनाव जेल में रहते हुए लड़ा था. उन्होंने कांग्रेस उम्मीदवार कुलबीर सिंह जीरा को करीब 1.97 लाख वोटों से हराया था. इसके साथ ही वह देश के पहले ऐसे सांसद बने, जो जेल में बंद रहते हुए चुनाव जीतकर लोकसभा पहुंचे थे.

वर्तमान में अमृतपाल सिंह असम की डिब्रूगढ़ सेंट्रल जेल में बंद हैं. उन्हें साल 2023 में अजनाला थाने पर किए गए हिंसक हमले और राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के उल्लंघन के आरोप में गिरफ्तार किया गया था. 

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