झारखंड में राज्यसभा की दो सीटों के लिए हुए चुनाव में गुरुवार को बड़ा उलटफेर देखने को मिला. क्रॉस-वोटिंग के बीच एनडीए समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नाथवानी ने कांग्रेस प्रत्याशी प्रणव झा को हराकर राज्यसभा की एक सीट जीत ली. चुनाव परिणामों के अनुसार, परिमल नाथवानी को 28 वोट मिले, जबकि कांग्रेस उम्मीदवार प्रणव झा को 20 वोटों से संतोष करना पड़ा. झामुमो के बैद्यनाथ राम ने 30 वोट हासिल कर जीत दर्ज की.
इस जीत के साथ परिमल नाथवानी चौथी बार राज्यसभा पहुंचने में सफल रहे हैं. इससे पहले वे 2008 से 2020 तक लगातार दो कार्यकाल तक झारखंड से निर्दलीय सांसद रह चुके हैं. बाद में उन्होंने आंध्र प्रदेश का प्रतिनिधित्व भी किया था. राज्यसभा के सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले निर्दलीय सदस्यों में भी उनका नाम शामिल है.
जीत के बाद नाथवानी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर खुशी जाहिर करते हुए झारखंड को अपनी "कर्मभूमि" बताया. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा नेतृत्व और एनडीए के सभी सहयोगियों का आभार व्यक्त किया. साथ ही उन्होंने झारखंड विधानसभा के उन सभी विधायकों को धन्यवाद दिया जिन्होंने उन्हें समर्थन और वोट दिया. नाथवानी ने कहा कि उन्हें एक बार फिर झारखंड की जनता की सेवा करने का अवसर मिला है, जिसके लिए वे खुद को सौभाग्यशाली मानते हैं.
राज्य के लिए अपने विजन और भविष्य के विकास के रोडमैप के बारे में परिमल नथवानी ने कहा कि 'यहां एक दशक से अधिक समय बिताने के बाद, झारखंड अब मेरे लिए कोई नई जगह नहीं है. यह मेरी कर्मभूमि है. राज्यसभा में एक बार फिर यहां के लोगों की सेवा करने का मौका मिलने के लिए मैं बहुत आभारी हूं. आगे बढ़ते हुए, मैं अपना ध्यान ग्रामीण इलाकों पर केंद्रित करूंगा, जहां हम मजबूत कौशल विकास कार्यक्रम चलाकर और कुटीर उद्योगों को पुनर्जीवित करके जमीनी स्तर पर आजीविका के टिकाऊ अवसर पैदा करना चाहते हैं. ग्रामीण इलाकों में बुनियादी ढांचे, स्वास्थ्य सुविधाओं और शिक्षा के विकास पर मेरा ध्यान केंद्रित रहेगा.'
ब्रिजेश दोशी