13 साल से बिना किराया दिए 24 अकबर रोड पर कांग्रेस का कब्जा, RTI से बड़ा खुलासा

कांग्रेस ने दिल्ली में इंदिरा भवन के नाम से अपना नया मुख्यालय बना लिया है, लेकिन आज भी कांग्रेस ने अपने पुराने दफ्तर 24 अकबर रोड पर कब्जा बरकरार रखा है. कांग्रेस ने इस 24 अकबर रोड वाले दफ्तर का किराया 13 साल से अदा नहीं किया है. जानिए बीजेपी के 11 अशोक रोड वाले कार्यलय की जानकारी आरटीआई से क्या मिली?

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24 अकबर रोड स्थिति कांग्रेस का मुख्यालय (Photo-PTI) 24 अकबर रोड स्थिति कांग्रेस का मुख्यालय (Photo-PTI)

अशोक उपाध्याय

  • नई दिल्ली,
  • 07 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 2:01 PM IST

दिल्ली के अकबर रोड स्थित 24 नंबर का बंगला कांग्रेस का कार्यलय है. कांग्रेस ने नया मुख्यालय कोटला रोड पर 'इंदिरा गांधी भवन' के नाम से बना लिया है, लेकिन 24 अकबर रोड पर अपनाकब्जा जमाए रखा है. इसी तरह बीजेपी ने दीन दयाल उपाध्याय मार्ग पर अपना नया मुख्यालय बना लिया है और  11 अशोका रोड वाले कार्यलय को छोड़ा नहीं है. कांग्रेस ने अपने 24 अकबर रोड वाले मुख्यालय का 13 साल से किराया अदा नहीं किया है. 

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इंडिया टुडे  को आरटीआई से मिली जानकारी के मुताबिक कांग्रेस ने 2013 से 24 अकबर रोल वाले बंगले का किराए का भुगतान नहीं किया है. इस तरह 13 साल से कांग्रेस बिना किराया भुगतान किए हुए 24 अकबर रोड पर अपना कब्जा जमाए हुए है. सरकार को इस दौरान बंगले का कोई किराया नहीं मिला है. केंद्र सरकार ने कहा है कि पार्टी का बकाया समीक्षा के अधीन है और अभी तय किया जाना बाकी है. 

आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय के तहत आने वाले डायरेक्टरेट ऑफ़ एस्टेट्स ने आरटीआई केजवाब में कहा है कि 24, अकबर रोड वाला बंगला 7 अगस्त, 1992 को इंडियन नेशनल कांग्रेस को आवंटित किया गया था. हालांकि, सरकार के मुताबिक 26 जून, 2013 से इसका अलॉटमेंट रद्द कर दिया गया था और पार्टी तब से यह बंगला बिना इजाज़त अपने कब्ज़े में लिए हुए है. 

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कांग्रेस ने 13 साल से नहीं दिया किराया
कांग्रेस के 24 अकबर रोड वाले मुख्यालाय को लेकर दायर की गई आरटीआई का जवाब देते हुए डायरेक्टरेट ऑफ़ एस्टेट्स ने कहा कि 26 जून, 2013 से 24 अकबर रोड के लिए कोई किराया नहीं मिला है. कांग्रेस का  मुख्यालय अकबर रोड के 24 नंबर बंगले के पास स्थित टाइप VIII वाला बंगला, जिसका किराया अभी तक नहीं दिया गया है. 

आरटीआई के जवाब में कहा गया है कि बंगले का बकाया समीक्षा के अधीन है और अभी तय किया जाना बाकी है, जिससे पता चलता है कि केंद्र सरकार को अभी कांग्रेस से वसूल की जाने वाली रकम का आकलन करना है.

आरटीआई में उन नोटिसों की कॉपी भी मांगी थी, जिसमें कांग्रेस से बंगला खाली करने के लिए कहा गया हो.  डायरेक्टरेट ने यह जानकारी देने से इनकार कर दिया और कहा कि ऐसे रिकॉर्ड एक साथ जमा करके नहीं रखे जाते और उन्हें जमा करने से आरटीआई एक्ट की धारा 7(9) के तहत पब्लिक अथॉरिटी के संसाधनों का बहुत ज़्यादा इस्तेमाल होगा. 

यह ताज़ा आरटीआई इसलिए भी अहम है, क्योंकि 2018 में 'इंडिया टुडे' को RTI से एक जवाब मिला था, जिसमें डायरेक्टरेट ऑफ़ एस्टेट्स ने कहा था कि 24 अकबर रोड के लिए लाइसेंस फीस 1 जुलाई, 2017 से 3,920 रुपये प्रति माह कर दी गई थी. आरटीआई के जवाब में कांग्रेस को जारी किए 2015 का कैंसलेशन लेटर भी शामिल था. उस समय बताया गया था कि बंगले को अपने पास रखने और सामान्य लाइसेंस फ़ीस लेने के लिए पार्टी की अपील पर विचार किया जा रहा है.

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बीजेपी मुख्यालय के बकाये पर समीक्षा
आरटीआई में बीजेपी के पुराने मुख्यालय 11 अशोक रोड के बारे में भी ऐसी ही जानकारी मांगी गई थी. डायरेक्टरेट ऑफ़ एस्टेट्स ने आरटीआई के जवाब में कहा कि कि 11 अशोक रोड बंगला 21 मार्च, 1985 को बीजेपी को अलॉट किया गया था. हालांकि, उसने कहा कि यह प्रॉपर्टी (11 अशोका रोड) अब लोकसभा सदस्यों के पूल का हिस्सा है, और किराया वसूलने और किराया देने वाली संस्था के बारे में जानकारी लोकसभा सचिवालय को ट्रांसफर कर दी गई है. 

आरटीआई के जवाब में यह भी कहा गया है कि सरकार के प्रति बीजेपी का कोई बकाया है या नहीं, इसकी समीक्षा की जा रही है और अभी यह तय नहीं हुआ है. डायरेक्टरेट के अनुसार, 11, अशोक रोड अब लोकसभा सदस्यों के पूल का हिस्सा है.

2019 में 'इंडिया टुडे' को मिले RTI जवाब में कहा गया था कि 11, अशोक रोड अभी भी BJP के कब्ज़े में है और पार्टी ऑफ़िस के तौर पर इस्तेमाल हो रहा है. 2018 की एक पिछली RTI में भी बताया गया था कि बंगले के लिए तय लाइसेंस फ़ीस 1 जुलाई, 2017 से 3,920 रुपये प्रति माह कर दी गई थी. 

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