सोनम वांगचुक ने केंद्र सरकार को नसीहत दी है कि प्रदर्शनकारियों की आवाज दबाने के बजाय उनकी बात सुनी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन सरकार के लिए फीडबैक की तरह होते हैं। यदि प्रदर्शन दबाए जाएंगे तो देश में नेपाल और बांग्लादेश जैसे हालात पैदा हो सकते हैं। लोकतंत्र में जनता के साथ संवाद बेहद जरूरी है।