नागपुर में आरएसएस के विजयदशमी उत्सव के दौरान सरसंघचालक मोहन भागवत ने देश को संबोधित किया. उन्होंने फ्रांस और अल्बेनिया की घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि विदेशी ताकतें भारत को अस्थिर करने का प्रयास कर रही हैं. भागवत ने कहा कि भारत की विविधता ही उसकी सबसे बड़ी शक्ति और एकता का प्रतीक है. मजबूत नेतृत्व और देश के युवाओं में जाग रहे राष्ट्रीय स्वाभिमान के कारण ऐसी साजिशें नाकाम हो रही हैं.