प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ब्लूमबर्ग इकोनॉमिक फोरम में भारत के विजन 'पावर टू एम्पावर' पर विस्तार से बात की. उन्होंने कहा कि 21वीं सदी में टेक्नोलॉजी, डाटा, नॉलेज और इनोवेशन ही असली पावर हैं. लेकिन सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह है कि इस पावर का इस्तेमाल कैसे किया जा रहा है. भारत का मानना है कि पावर का असली उद्देश्य दूसरों को सशक्त बनाना होना चाहिए. भारत ने अपनी डिजिटल क्रांति, स्टार्टअप इकोसिस्टम और गवर्नेंस के जरिए यह साबित करके दिखाया है. 2014 के बाद देश में मोबाइल डाटा को सस्ता बनाकर डिजिटल कनेक्टिविटी का विस्तार किया गया, जिससे हर नागरिक के लिए अवसरों के नए दरवाजे खुले.