नमस्कार, 'कूटनीति' के स्वतंत्रता दिवस स्पेशल के दूसरे भाग में आपका स्वागत है. पहले भाग में हमने देखा था कि कैसे 1947 से 1989 तक भारत ने अपनी नींव मजबूत की. बात करेंगे 1991 से लेकर 2026 तक के उस दौर की, जिसने भारत की तकदीर और तस्वीर दोनों बदल दीं. 1991 के खाली होते विदेशी खजाने से लेकर दुनिया की सबसे तेज बढ़ती अर्थव्यवस्था बनने तक, कारगिल की जंग से लेकर पोखरण-2 और चंद्रयान-3 की ऐतिहासिक कामयाबी तक-यह कहानी है एक ऐसे भारत की, जिसने खुद को हर चुनौती में नए सिरे से गढ़ा है.