बीजेपी ने 1 नवंबर को रैली आयोजित करने के फैसले पर राहुल गांधी की कड़ी आलोचना की है. बीजेपी का कहना है कि यह तारीख 1984 के सिख दंगों के दर्दनाक अतीत को याद दिलाती है और इस दिन रैली करना सिख समाज की भावनाओं का अपमान है. पार्टी ने मोदी सरकार द्वारा सिखों के लिए किए गए कल्याणकारी कार्यों और एसआईटी जांच के माध्यम से मिले न्याय का भी उल्लेख किया.