6 साल पहले कांग्रेस छोड़ BJP में आए और छा गए Manik Saha, जानें कौन हैं त्रिपुरा के नए सीएम

डॉ. माणिक साहा अभी बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष हैं. साहा को मुख्यमंत्री बनाने की वजह उनकी छवि और पार्टी में उनका प्रभाव बताया जा रहा है. माणिक साहा पेशे से डेंटिस्ट हैं

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त्रिपुरा में डॉ. माणिक साहा को नया मुख्यमंत्री चुना गया है. (File Photo) त्रिपुरा में डॉ. माणिक साहा को नया मुख्यमंत्री चुना गया है. (File Photo)

अनुपम मिश्रा

  • नई दिल्ली,
  • 14 मई 2022,
  • अपडेटेड 7:01 AM IST
  • माणिक साहा अभी BJP के प्रदेश अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद
  • त्रिपुरा में चुनाव से ठीक एक साल पहले बदले गए सीएम

त्रिपुरा में विधानसभा चुनाव से ठीक एक साल पहले भारतीय जनता पार्टी हाईकमान ने मुख्यमंत्री बदलकर राजनीतिक तौर पर चौंकाने वाला फैसला लिया है. भाजपा ने बिप्लब देब को हटाकर डॉ. माणिक साहा को नया सीएम बनाने का ऐलान किया है. साहा को बीजेपी विधायक दल की बैठक में नेता चुन लिया गया है. इस सारे घटनाक्रम की पटकथा एक दिन पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से बिप्लब देव की मुलाकात के बाद लिखी गई. सिर्फ 24 घंटे के अंदर ही नया सीएम फेस सामने आ गया. आईए जानते हैं कौन हैं डॉ. माणिक साहा...

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त्रिपुरा के अगले मुख्यमंत्री बनने जा रहे डॉ. माणिक साहा 6 साल पहले ही कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए थे और इतने जल्दी प्रभावशाली बनकर उभरेंगे, इसका अंदाजा राजनीतिक पंडित भी नहीं लगा पाए. बीजेपी में आते ही माणिक को चार साल बाद प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया. त्रिपुरा क्रिकेट एसोसिएशन के प्रेसिडेंट भी बने. हाल ही में राज्यसभा के लिए भी मनोनीत किए गए और अब नए सीएम के लिए चुना गया है.

पेशे से डेंटिस्ट हैं माणिक साहा

डॉ. माणिक साहा अभी बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष हैं. साहा को मुख्यमंत्री बनाने की वजह उनकी छवि और पार्टी में उनका प्रभाव बताया जा रहा है. माणिक साहा पेशे से डेंटिस्ट हैं और उनकी छवि बेहद साफ मानी जाती है. माणिक साहा 2016 में कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में आए थे. 

2020 से संगठन की कमान संभाल रहे

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2018 में त्रिपुरा में बीजेपी विधानसभा चुनाव जीती और बिप्लब देब को मुख्यमंत्री बना दिया गया. तब प्रदेश अध्यक्ष की कमान बिप्लब देब संभाल रहे थे. उसके बाद 2020 में पार्टी हाईकमान ने माणिक साहा को नया प्रदेश अध्यक्ष बनाया. माणिक ने संगठन की बागडोर संभालते ही बूथ स्तर तक मजबूती देने का काम शुरू कर दिया. यही वजह है कि त्रिपुरा में बीजेपी की संगठनात्मक क्षमता काफी बढ़ी है.

खेमेबाजी से दूर हैं माणिक साहा

माणिक साहा त्रिपुरा क्रिकेट एसोसिएशन के प्रेसिडेंट भी हैं. बीजेपी सूत्रों के मुताबिक माणिक किसी भी खेमे के नहीं हैं और पार्टी में उन्हें न्यूट्रल माना जाता है. पिछले दिनों हुए चुनाव में भी बीजेपी की त्रिपुरा में जीत के पीछे माणिक की भूमिका अहम रही. जबकि बिप्लब देब के खिलाफ पार्टी के अंदरखाने में असंतोष था और बीजेपी ऐसी छवि के साथ चुनाव में नहीं जाना चाहती थी.

हाल ही में राज्यसभा सदस्य बनाए गए

कहा जा रहा है कि जब बीजेपी हाइकमान ने नए सीएम के लिए बिप्लब देब से नाम सुझाने को कहा तो उन्होंने प्राथमिकता के तौर पर माणिक साहा का नाम दिया था. हाल ही में बीजेपी ने डॉ. माणिक साहा को राज्यसभा सांसद भी बनाया है. इसके बाद से ही पार्टी संगठन में माणिक साहा का योगदान अहम होने लगा. 

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क्या कहा बिप्लब देब ने...

बिप्लब देब ने शनिवार को राज्यपाल के पास जाकर मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा सौंप दिया. उन्होंने ये साफ कर दिया कि आलाकमान के कहने पर ही ये फैसला किया है. बिप्लब देब ने कहा कि पार्टी उनके लिए सबसे ऊपर है और जो भी जिम्मेदारी पार्टी की तरफ से उन्हें मिलेगी, वो उसे निभाएंगे. 

बिप्लब देब को लेकर संगठन में थी नाराजगी

बिप्लब देब को लेकर संगठन में नाराजगी बढ़ रही थी. दो विधायकों ने पार्टी भी छोड़ दी थी. पार्टी के वरिष्ठ नेताओं द्वारा उनके खिलाफ लगातार दिल्ली में शिकायतें की जा रही थीं. वहीं, बीजेपी आगामी विधानसभा चुनावों की रणनीति को लेकर कोई रिस्क नहीं लेना चाहती थी. 

2018 में बने थे सीएम, 2023 में होने हैं चुनाव 

बिप्लव देब 2018 में सीएम बने थे. अगले साल 2023 में त्रिपुरा में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं. गुजरात की तर्ज पर त्रिपुरा में मंत्री से लेकर संगठन तक में बड़े फेरबदल हो सकते हैं. ऐसे में माना जा रहा है कि भाजपा ने पार्टी को मजबूत करने के लिए नए चेहरे को राज्य की कमान सौंपने का फैसला लिया है. बीजेपी पिछले लगभग एक साल में त्रिपुरा, उत्तराखंड, गुजरात, कर्नाटक के सीएम बदल चुकी है.

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