तमिलनाडु में शराब की हर बोतल पर 10 रुपये ज्यादा वसूले जाने की समस्या से सरकार काफी समय से परेशान है. इसे रोकने की तमाम कोशिशों के बाद भी सफलता नहीं मिल पा रही थी. अब इस चुनौती से निपटने के लिए एक बेहद अनोखा और हाई-टेक रास्ता निकाला गया है.
राज्य की 'टास्मेक' (TASMAC) शराब दुकानों पर एक नया ट्रायल सिस्टम शुरू किया गया है. इसके तहत दुकानों पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से लैस 'बोतल कलेक्टिंग मशीन' लगाई गई है.
ये एडवांस मशीन पूरी तरह से AI पर काम करती है. जब कोई ग्राहक शराब पीने के बाद खाली बोतल को इस मशीन के अंदर डालता है, तो मशीन तुरंत एक्टिव हो जाती है.
मशीन में लगा खास स्कैनर बोतल पर छपे 'क्यूआर कोड' को स्कैन करता है. जैसे ही मशीन बोतल की पहचान कर लेती है, वो तुरंत बोतल गिराने वाले व्यक्ति को 10 रुपये वापस कर देती है.
अतिरिक्त वसूली पर लगेगी लगाम
सरकार को उम्मीद है कि इस नई व्यवस्था से शराब प्रेमियों से होने वाली अतिरिक्त वसूली पर पूरी तरह रोक लग सकेगी. अब तक दुकानों पर MRP से ज्यादा पैसे लिए जाने की शिकायतें आ रही थीं, जिससे निपटना प्रशासन के लिए सिरदर्द बना हुआ था. इस डिजिटल और ऑटोमैटिक मशीन के आने से अब ग्राहकों को उनके हक के 10 रुपये सीधे और बिना किसी झंझट के वापस मिल जाएंगे.
पर्यावरण को भी होगा बड़ा फायदा
इस एआई मशीन से न सिर्फ पैसों की ओवरचार्जिंग रुकेगी, बल्कि पर्यावरण को साफ-सुथरा रखने में भी बड़ी मदद मिलेगी. अक्सर लोग शराब पीने के बाद खाली बोतलें इधर-उधर या खुले में फेंक देते हैं, जिससे गंदगी और दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है. अब 10 रुपये वापस मिलने के लालच में लोग खाली बोतल को संभालकर रखेंगे और उसे मशीन में ही डालेंगे.
यह भी पढ़ें: नाबालिगों को शराब परोसने पर कर्नाटक सरकार की सख्ती, बिना ID प्रूफ पब और बार में एंट्री नहीं
इससे बोतलों की रीसाइक्लिंग भी आसान हो जाएगी. फिलहाल इस सिस्टम का ट्रायल किया जा रहा है. अगर ये एक्सपेरिमेंट पूरी तरह सफल रहता है, तो आने वाले समय में राज्य की सभी टास्मेक दुकानों पर ऐसी AI मशीनें देखने को मिल सकती हैं.
प्रमोद माधव