कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खड़गे ने राज्य के सभी पब, बार, रेस्तरां और शराब परोसने वाली जगहों को सख्त चेतावनी दी है. उन्होंने कहा कि अब से हर जगह यह देखना जरूरी होगा कि शराब पीने आने वाला शख्स 21 साल से बड़ा है या नहीं. अगर कोई दुकान या बार नाबालिग को शराब देता पाया गया तो उस पर सख्त कानूनी कार्रवाई होगी.
कर्नाटक में, खासकर बेंगलुरु में, काफी समय से यह देखा जा रहा था कि कम उम्र के बच्चे और किशोर पब, बार और रेस्तरां में जाकर शराब पी रहे हैं. इस पर कोई खास रोक नहीं थी. बार और पब वाले बिना उम्र देखे शराब परोस रहे थे क्योंकि उन्हें बस पैसा कमाना था.
इसी बीच कई यूनिवर्सिटी के रिसर्चर्स ने मिलकर एक स्टडी की. इस स्टडी में 4,000 से ज्यादा स्कूल-कॉलेज के बच्चों से बात की गई. नतीजे बेहद चिंताजनक रहे. इस स्टडी में सामने आया कि हर तीन में से एक किशोर को शराब या तंबाकू की लत लगने का खतरा है. करीब 33 फीसदी बच्चों ने माना कि वो शराब पीते हैं. लगभग 18 फीसदी तंबाकू के आदी थे. और सबसे डरावनी बात यह थी कि जिन बच्चों ने शराब पीना शुरू किया, उनकी औसत उम्र 17 साल थी. कुछ बच्चों ने तो 8 साल की उम्र में ही शराब पीनी शुरू कर दी थी. यह आंकड़े राज्य और देश के औसत से भी काफी ज्यादा थे.
यह सब देखकर गृह मंत्री प्रियांक खड़गे ने बड़ा कदम उठाया. उन्होंने पुलिस को निर्देश दिया कि सभी पब, बार, ब्रूअरीज, क्लब, लाउंज और रेस्तरां को नोटिस भेजे जाएं. इस नोटिस में साफ कहा जाए कि नाबालिगों को अंदर आने देना और शराब देना बंद हो.
नियम क्या कहते हैं?
कर्नाटक में शराब पीने की कानूनी उम्र 21 साल है. 2023 में एक बार बात उठी थी कि इस उम्र को घटाकर 18 साल किया जाए. लेकिन जनता, मीडिया और कई संगठनों ने इसका विरोध किया, तो वह प्रस्ताव वापस ले लिया गया. यानी अभी भी 21 साल से कम उम्र वाले के लिए शराब पूरी तरह मना है.
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गृह मंत्री ने क्या कहा?
प्रियांक खड़गे ने कहा कि यह सिर्फ लाइसेंस का मामला नहीं है, यह बच्चों की सुरक्षा और सार्वजनिक स्वास्थ्य का मामला है. उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि बच्चों की सुरक्षा और भविष्य को पैसे कमाने की खातिर बर्बाद नहीं होने दिया जाएगा. कर्नाटक इस मामले में जीरो टॉलरेंस यानी कोई भी ढील नहीं देने की नीति अपनाएगा.
अब नए आदेश में क्या होगा?
अब से हर उस जगह जहां शराब मिलती है, वहां का मालिक या मैनेजर यह सुनिश्चित करेगा कि शराब लेने वाले ने अपना सरकारी पहचान पत्र दिखाया हो, जैसे आधार कार्ड या ड्राइविंग लाइसेंस. बिना उम्र की जांच किए शराब देना अब सीधे कानूनी कार्रवाई का कारण बनेगा. दुकान के मालिक, मैनेजर और लाइसेंस होल्डर तीनों को जिम्मेदार माना जाएगा. CCTV कैमरे लगाना भी जरूरी होगा और यह देखा जाएगा कि वो काम कर रहे हैं या नहीं.
नागार्जुन