पर्यावरण की सबसे बड़ी लड़ाई खत्म? सुप्रीम कोर्ट ने बंद किया 40 साल पुराना MC मेहता केस

सुप्रीम कोर्ट में इतिहास का एक पन्ना पलट गया है. अदालत ने 40 साल पुराने ऐतिहासिक एम. सी. मेहता केस को औपचारिक रूप से बंद कर दिया है. हालांकि, दिल्ली-NCR के प्रदूषण पर जंग जारी रहेगी, जिसके लिए कोर्ट ने अब स्वतः संज्ञान लेते हुए एक नया मामला दर्ज करने का निर्देश दिया है.

Advertisement
सुप्रीम कोर्ट (फाइल फोटो ) सुप्रीम कोर्ट (फाइल फोटो )

संजय शर्मा

  • नई दिल्ली,
  • 12 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 7:52 PM IST

भारत के न्यायिक इतिहास के एक बहुत बड़े पन्ने को आज सुप्रीम कोर्ट ने पलट दिया है. पर्यावरण कानून से जुड़े सबसे चर्चित और ऐतिहासिक मामले 'एम.सी. मेहता बनाम भारत संघ' को कोर्ट ने औपचारिक रूप से समाप्त कर दिया है. यह कानूनी जंग करीब 40 साल पहले 1985 में शुरू हुई थी और दशकों तक पर्यावरण से जुड़े कई बड़े फैसलों का आधार बनी. चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अगुवाई वाली बेंच ने आदेश देते हुए साफ कर दिया कि अब इस पुराने मामले में कोई भी नई अर्जी स्वीकार नहीं की जाएगी.

Advertisement

अदालत ने भले ही पुराने केस को बंद कर दिया हो, लेकिन दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण की समस्या को देखते हुए सुनवाई जारी रखने का फैसला किया है. कोर्ट ने निर्देश दिया कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में वायु प्रदूषण के मुद्दे पर अब एक नया स्वतः संज्ञान मामला दर्ज किया जाए. सुप्रीम कोर्ट में अब इस केस का नया टाइटल 'In Re: Issues of Air Pollution in the National Capital Region (NCR)' होगा. आसान शब्दों में कहें तो, अब दिल्ली-NCR के वायु प्रदूषण पर अदालत खुद संज्ञान लेकर सुनवाई करेगी.

यह भी पढ़ें: 'ऊपरवाले ने मुझे बचा लिया', जानलेवा हमले के बाद फारूक अब्दुल्ला की पहली प्रतिक्रिया

पुरानी अर्जियों पर अब नए सिरे से एक्शन

अदालत ने साफ किया है कि पुराने मामले के बंद होने से काम नहीं रुकेगा. सुप्रीम कोर्ट ने रजिस्ट्री को निर्देश दिया है कि पुराने केस में जितनी भी अंतरिम अर्जियां अभी लंबित हैं, उन्हें अब इस नए स्वतः संज्ञान वाले मामले में अलग-अलग रिट याचिकाओं के रूप में दर्ज किया जाए. इसका मकसद यह है कि हर मुद्दे पर साफ और व्यवस्थित तरीके से सुनवाई हो सके.

Advertisement

यह भी पढ़ें: नेताजी सुभाष चंद्र बोस की अस्थियों से जुड़ी अर्जी पर सुनवाई से SC का इनकार, पूछा- ये मुद्दा कितनी बार उठेगा?

NCR के प्रदूषण पर अब सीधा फोकस

इस बदलाव के बाद अब प्रदूषण से जुड़ी कानूनी लड़ाई का स्वरूप बदल जाएगा. पुराना मामला दशकों से चला आ रहा था, लेकिन अब नए टाइटल के साथ कोर्ट का पूरा फोकस दिल्ली-NCR की जहरीली हवा और उससे जुड़े ताजा मुद्दों पर होगा. कोर्ट के इस कदम से उम्मीद जगी है कि अब प्रदूषण नियंत्रण को लेकर चल रही कानूनी कार्यवाही में और भी तेजी आएगी.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement