'3 करोड़ से ज्यादा की नहीं हुई चोरी... बढ़ा-चढ़ाकर दिखाए जा रहे आंकड़े', चढ़ावा चोरी पर बोले गोविंद गिरी

राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरी महाराज ने पुणे में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान चढ़ावा चोरी केस मामले पर कई महत्वपूर्ण बयान दिया है. उन्होंने ट्रस्ट के खजांची के इस्तीफे की खबरों को पूरी तरह से आधारहीन और झूठा करार देते हुए स्पष्ट किया कि वो स्वयं अपने पद से इस्तीफा नहीं देंगे.

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चढ़ावा चोरी पर गोविंद गिरी महाराज का बड़ा बयान. (photo: ITG) चढ़ावा चोरी पर गोविंद गिरी महाराज का बड़ा बयान. (photo: ITG)

श्रीकृष्ण पांचाल

  • नई दिल्ली,
  • 14 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 12:39 PM IST

अयोध्या राम मंदिर दान चोरी विवाद के बीच श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरी महाराज ने अपने इस्तीफे की खबरों को पूरी तरह से खारिज कर दिया है. उन्होंने ट्रस्ट के खजांची के इस्तीफे की खबरों को पूरी तरह से आधारहीन और झूठा करार देते हुए स्पष्ट किया कि वे स्वयं अपने पद से इस्तीफा नहीं देंगे, क्योंकि संघर्ष के इस दौर में ट्रस्ट के साथ मजबूती से खड़ा होना बेहद जरूरी है.

स्वामी गोविंद देव गिरी महाराज ने पुणे में प्रेस कॉन्फ्रेंस में खुद के इस्तीफा देने की खबरों को खारिज करते हुए कहा, खजांची के इस्तीफा देने की खबरें फैलाई गई हैं, जिनका कोई आधार नहीं है. मुझे नहीं लगता कि मैं कोषाध्यक्ष के पद से इस्तीफा दूंगा जो खबरें आ रही हैं वो झूठी हैं. इस मुश्किल वक्त में ट्रस्ट के साथ खड़ा होना जरूरी है. उन्होंने ये भी कहा कि वह एसआईटी की जांच से संतुष्ट हैं.

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'चंपत राय ने अपनी मर्जी से दिया इस्तीफा'

कोषाध्यक्ष ने ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय के इस्तीफा पर बोलते हुए कहा, 'चंपत राय ने जो इस्तीफा दिया है, वह उनकी लापरवाही के कारण हुआ है. उन्होंने ये इस्तीफा किसी दबाव में नहीं, बल्कि अपनी मर्जी से दिया है. महाराज ने स्पष्ट किया कि चंपत राय ने दान प्रबंधन की ये जिम्मेदारी अनिल मिश्रा को सौंपी थी और इस पूरी प्रक्रिया में उनका अपना कोई रोल नहीं है.'

दान राशि की गिनती की प्रक्रिया पर बोलते हुए महाराज ने बताया कि दान में मिली रकम को सीसीटीवी (CCTV) कैमरों की सख्त निगरानी में गिना गया था. हालांकि, बाद में इस रकम को किनारे ले जाकर इसका गबन कर लिया गया. उन्होंने कहा कि वह मंदिर के कलेक्शन और खर्च की पूरी जिम्मेदारी ले रहे हैं और वो किसी पर कोई असर नहीं डालते हैं.

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3 करोड़ की चोरी का अनुमान

गोविंद गिरी ने महाराज ने भारतीय स्टेट बैंक पर सवाल उठाते हुए कहा कि एसबीआई (SBI) बैंक को अपने इंस्पेक्टर खुद रखने चाहिए थे और उन्हें अनुशासन का पालन करना चाहिए था. उन्होंने मीडिया में आ रहे गबन के आंकड़ों को बहुत ज्यादा बताते हुए अपना अनुमान जताया कि ये रकम करीब 3 करोड़ रुपये होगी. उन्होंने बताया कि फिलहाल अकाउंट वेरिफिकेशन का काम ठीक से चल रहा है.

'चोरी का कोई पॉलिटिकल कनेक्शन नहीं'

उन्होंने ये भी कहा कि पैसों की इस चोरी का कोई भी पॉलिटिकल (राजनीतिक) कनेक्शन नहीं है और इसे लेकर की जा रही बातें सिर्फ गॉसिप हैं. उन्होंने मांग की कि जो भी लोग इस मामले में दोषी हैं, उन्हें पकड़ा जाना चाहिए और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए. चूंकि एसआईटी मामले की जांच कर रही है, इसलिए वो इसमें कोई दखल नहीं देंगे.

आठ आरोपी गिरफ्तार

समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव द्वारा 7 जून को राम मंदिर में चढ़ावा चोरी में कथित हेराफेरी का आरोपों के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने इस मामले की जांच के लिए SIT का गठन किया था. एसआईटी ने शुरुआती रिपोर्ट सरकार को सौंपने के बाद  25 जून को इस  मामले में एफआईआर (FIR) दर्ज की और मंदिर में दान की गिनती की प्रक्रिया से जुड़े 8 लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया. साथ ही पुलिस ने इस मामले में ट्रस्ट के कई बड़े पदाधिकारियों से भी पूछताछ की है.
 

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