'FCRA पर मिसगाइड मत करो', राज्यसभा MP ने अमेरिकी सांसद रिले मूर को लिखी चिट्ठी

FCRA पर सियासी बवाल के बीच राज्यसभा सांसद सुजीत कुमार ने अमेरिकी सांसद रिले मूर को खत लिखा है. अपनी चिट्ठी में सुजीत कुमार ने लिखा कि भारत के एक सांसद के रूप में मैं यह अपना कर्तव्य समझता हूं कि आपके बयानों में FCRA बिल को लेकर उठाए गए चिंताओं और आशंकाओं को दूर करूं.

Advertisement
FCRA बिल पर सांसद का पत्र FCRA बिल पर सांसद का पत्र

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 10 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 12:24 PM IST

FCRA बिल पर संसद में मचे सियासी बवाल के बीच राज्यसभा सांसद सुजीत कुमार ने अब अमेरिकी सांसद रिले मूर को खत लिखा है. अपनी चिट्ठी में सुजीत कुमार ने लिखा कि भारत के एक सांसद के रूप में मैं अपना कर्तव्य समझता हूं कि आपके बयानों में FCRA बिल को लेकर उठाए गए चिंताओं और आशंकाओं को दूर करूं. 

रिले मूर को लिखे खत में राज्यसभा सांसद सुजीत कुमार ने कहा, 'आपने FCRA बिल को लेकर जो कहा है वह मिसगाइडेड है. बतौर अमेरिकी कांग्रेस सदस्य आपका बयान दोनों देशों (भारत-अमेरिका) के हित में नहीं है. आपका बयान भारतीय ईसाइयों के लिए भी ठीक नहीं है, जिनके नाम पर आप इन चिंताओं को उठाने का दावा करते हैं'. 

Advertisement

भारतीय दूतावास ने कहा है कि FCRA 2026 को लेकर मीडिया और नागरिक समाज के बीच कई गलतफहमियां हैं. दूतावास के मुताबिक, विदेशी फंड को नियंत्रित करना राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा मामला है. दुनिया के कई लोकतांत्रिक देशों में भी विदेशी फंड पर नियम लागू हैं.

यह भी पढ़ें: संसद का मॉनसून सत्र: अंतिम चार दिनों में भारी हंगामे के आसार, FCRA समेत कई अहम बिलों पर हो सकती है चर्चा

दूतावास का कहना है कि कुछ रिपोर्टों में दावा किया जा रहा है कि इस कानून के तहत विदेशी चंदे पर निर्भर NGO, धार्मिक चैरिटी, पूजा स्थल, अस्पताल, स्कूल और अन्य धर्मार्थ संस्थाओं की संपत्ति जब्त की जा सकती है.

दूतावास ने साफ किया है कि भारत सच्ची अंतरराष्ट्रीय साझेदारी और विदेशी योगदान का स्वागत करता है. सरकार ने विदेशी चंदा लेने और उसका इस्तेमाल करने के लिए पहले से एक कानूनी व्यवस्था बनाई हुई है. यानी विदेशी योगदान लिया जा सकता है, लेकिन इसके लिए तय नियमों और कानून का पालन करना जरूरी है.

Advertisement

वहीं दूसरी ओर, कांग्रेस भी FCRA बिल का विरोध कर रही है. कांग्रेस ने इस बिल को ईसाई विरोधी बताया है. कांग्रेस नेताओं का कहना है कि FCRA के नए नियमों से दूर-दराज, ग्रामीण और आदिवासी इलाकों में चल रहे ईसाई संगठनों, स्कूलों और अस्पतालों पर बुरा असर पड़ेगा.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »