पंजाब में धर्म परिवर्तन को लेकर विवाद, सच कौन बोल रहा है? : आज का दिन, 25 नवंबर

पंजाब में धर्म परिवर्तन विवाद की ज़मीनी हकीकत क्या है, आदित्य ठाकरे-तेजस्वी यादव की मुलाकात क्यों अहम है और खसरे का खतरा भारत के लिए कितना गंभीर? सुनिए 'आज का दिन' में.

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पंजाब में धर्मांतरण को लेकर किए जा रहे दावों की ज़मीनी हक़ीक़त क्या है? पंजाब में धर्मांतरण को लेकर किए जा रहे दावों की ज़मीनी हक़ीक़त क्या है?

ख़ुशबू कुमार / रोहित त्रिपाठी

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  • 25 नवंबर 2022,
  • अपडेटेड 8:41 AM IST

धार्मिक विवाद आजादी के बाद से ही देश की बड़ी समस्या रहा है. और इन विवादो का एक फैक्टर रहा है धर्म परिवर्तन. पंजाब इन दिनों इसी जद में है. बीते दिनों कुछ निहंग सिखों ने एक कैथोलिक चर्च पर हमला कर दिया था. इनका आरोप था कि इस चर्च में गैरकानूनी तरीके से धर्म परिवर्तन कराया जा रहा था. कुछ ऐसा ही आरोप हिन्दू संगठनों ने लगाया क्रिश्चियन मिश्नरीज पर. हालांकि पंजाब से ऐसी खबरें नई नहीं है, कई बार ऐसे आरोप लगे हैं और कई बार इसके बुरे असर भी दिखे. चर्च पर हमले के बाद एफआईआर दर्ज की गई थी, कारवाई हुई तो कई लोग गिरफ्तार भी हुए. क्रिश्चियन संगठनों का पक्ष अलग है. उनका कहना है कि जिन दलितों के साथ भेदभाव और अत्याचार हो रहा है वो अपनी मर्ज़ी से धर्म बदल रहे हैं. पंजाब में धर्मांतरण को लेकर किए जा रहे दावों की ज़मीनी हक़ीक़त क्या है? 'आज का दिन' में सुनने के लिए करें.

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पटना में हुई एक मुलाकात की पिछले दो दिनों से खूब चर्चा में है. ये मुलाकात थी उद्धव ठाकरे के बेटे आदित्य ठाकरे और आर्जेडी नेता तेजस्वी यादव की. इस मुलाकात के बाद तेजस्वी ने महाराष्ट्र में ठाकरे परिवार से सत्ता छीनने पर बीजेपी की आलोचना की तो आदित्य ने कहा कि हमारी दोस्ती आगे चलती रहेगी. तेजस्वी ने कहा कि जो युवा देश के लिए बेहतर काम करना चाहता है, चाहे रोजगार व संविधान के लिए हो या फिर महंगाई-बेरोजगारी के खिलाफ हो, अगर आपस में बात करते रहेंगे, तो देश में कुछ अच्छा कर सकते हैं..इसके बाद से ही इस मुलाकात के अलग अलग अर्थ और संदर्भ गिनाए जा रहे हैं. प्रवासी विरोधी राजनीति से महाराष्ट्र में पहचान रखने वाली शिवसेना और ठाकरे परिवार की बदली राजनीति की वजह से ये मुलाकात महत्वपूर्ण है. महाराष्ट्र में बीएमसी एलेक्शनस भी नजदीक हैं, ऐसे में इसको उस नजरिए से भी देखा जा रहा है. सवाल ये है कि इस मुलाकात के राजनीतिक तौर पर क्या मायने निकाले जाने चाहिए और ये क़रीबी बीएमसी एलेक्शंस के लिहाज से है या इसके ऑब्जेक्टिव ब्रॉडर प्रॉस्पेक्ट में है? 'आज का दिन' में सुनने के लिए करें.

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WHO की एक रिपोर्ट कह रही है कि दुनिया भर के चार करोड़ बच्चों पर खसरे का ख़तरा मंडरा रहा है. खसरा एक बेहद संक्रामक बीमारी है, जो एक वायरस के वजह से होती है. ये वायरस सबसे पहले रेस्पिरेटरी सिस्टम को प्रभावित करता है और फिर शरीर के दूसरे हिस्सों में फैल जाता है. इसमें तेज बुखार और लाल चकत्ते होते हैं और ये बीमारी बच्चों के लिए गंभीर और घातक हो सकती है. WHO की जो रिपोर्ट है उसमें ये भी बताया गया है कि साल 2021 में दुनिया भर में लगभग 9 मिलियन बच्चे खसरे से संक्रमित हुए, जिसमें से 1.28 लाख की मौत हो गई. एक सुझाव इस रिपोर्ट में ये दिया गया हैं कि 95 परसेंट वैक्सिनेशन कवरेज की जरूरत है. महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में ये बीमारी फैलनी भी शुरू हो गई है. बीएमसी के मुताबिक इस साल 200 से ज्यादा आए हैं. 23 नवंबर को एक दिन में 13 केसेस रिपोर्ट हुए. एक 8 महीने के बच्चे की मौत भी हुई है इससे. इस ख़तरे की गम्भीरता कितनी है और इसके पीछे के कारण है और क्या सॉल्यूशन हैं इसका? 'आज का दिन' में सुनने के लिए करें.


 

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