पीएम मोदी का वीडियो हटाने पर माफी मांगने को तैयार Meta, बीजेपी सांसद बोले- ये काफी नहीं

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का वीडियो Facebook से अस्थायी रूप से हटाए जाने को लेकर संसदीय समिति में Meta के अधिकारियों से सवाल किए गए. बीजेपी सदस्यों ने वीडियो हटाने के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान और जवाबदेही तय करने की मांग की.

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का वीडियो Facebook से अस्थायी रूप से हटाए जाने के मामले में संसदीय समिति ने Meta के अधिकारियों से जवाब मांगा.( Photo- ITG) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का वीडियो Facebook से अस्थायी रूप से हटाए जाने के मामले में संसदीय समिति ने Meta के अधिकारियों से जवाब मांगा.( Photo- ITG)

पीयूष मिश्रा

  • नई दिल्ली,
  • 03 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 9:39 PM IST

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का वीडियो फेसबुक से अस्थायी रूप से हटाए जाने का मामला संसद की इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी संबंधी स्थायी समिति की बैठक में उठा. सूत्रों के मुताबिक, बीजेपी सदस्यों ने Meta के अधिकारियों से वीडियो हटाए जाने को लेकर सवाल किए और इसकी जिम्मेदारी तय करने की मांग की.

सूत्रों के अनुसार, बीजेपी के एक सीनियर सांसद ने Meta के प्रतिनिधियों से पूछा कि प्रधानमंत्री का वीडियो क्यों हटाया गया, यह फैसला किसने लिया और दूसरे कथित आपत्तिजनक कंटेंट के ऑनलाइन मौजूद रहने के बावजूद इस वीडियो पर कार्रवाई क्यों की गई. सांसद ने यह भी पूछा कि वीडियो हटाने की अंतिम जिम्मेदारी किसकी थी और क्या Meta ने इसके लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान की है.

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 Meta के प्रतिनिधियों ने घटना पर खेद जताया और माफी जारी करने की पेशकश की. हालांकि, बीजेपी के एक सदस्य ने कहा कि केवल माफी पर्याप्त नहीं होगी. उन्होंने कहा कि समिति जवाबदेही चाहती है और फैसला लेने के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए. यह चर्चा ऐसे समय हुई, जब संसदीय समिति सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कंटेंट मॉडरेशन और उनकी जवाबदेही से जुड़े मुद्दों की समीक्षा कर रही थी.

सरकार ने भी Meta अधिकारियों को किया था तलब

इससे कुछ दिन पहले केंद्र सरकार ने भी Meta के वरिष्ठ अधिकारियों को तलब कर प्रधानमंत्री के वीडियो को फेसबुक पर कुछ समय के लिए प्रतिबंधित किए जाने पर स्पष्टीकरण मांगा था. इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी मंत्रालय के सचिव एस कृष्णन ने गुरुवार को कहा था कि Meta से हाई-लेवल पर इस मामले को लेकर स्पष्टीकरण मांगा गया है. कृष्णन के मुताबिक, Meta ने सरकार को बताया था कि प्रमुख सार्वजनिक हस्तियों के अकाउंट से जुड़ी ऐसी घटनाओं को दोबारा होने से रोकने के लिए नए प्रोटोकॉल लागू किए गए हैं.

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Meta ने बताया था तकनीकी गलती

विवाद तब शुरू हुआ, जब प्रधानमंत्री का एक वीडियो संदेश पहले Instagram पर पोस्ट किया गया और बाद में Facebook पर शेयर किया गया. Facebook पर वीडियो को अस्थायी रूप से प्रतिबंधित कर दिया गया था, लेकिन बाद में इसे बहाल कर दिया गया. Meta ने इसके लिए माफी मांगते हुए कहा था कि कंटेंट गलती से हटाया गया था और अब उसे बहाल कर दिया गया है. सूत्रों ने घटना के पीछे तकनीकी गड़बड़ी को वजह बताया था.

प्रधानमंत्री ने 23 जुलाई की आधी रात से कुछ समय पहले यह वीडियो जारी किया था. इसमें उन्होंने NEET-UG पेपर लीक को लेकर देशभर में चल रहे विरोध-प्रदर्शनों के बीच छात्रों और उनके परिवारों की चिंता का जिक्र किया था.

निशिकांत दूबे ने साधा निशाना

बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने कहा कि भारत के प्रधानमंत्री का वीडियो हटाया जा सकता है. उन्होंने खुद स्वीकार किया कि वीडियो पांच घंटे तक हटाया गया था. रात 12 बजे से लेकर सुबह 5 बजे तक वह कंटेंट गायब रहा. यह बहुत गंभीर बात है. इसलिए हमारी कमेटी ने दो बातें कही हैं. उन्होंने कहा कि जो माफीनामा मांगा जा रहा है, वह मार्क जुकरबर्ग की तरफ से आना चाहिए.

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