आतंकी साजिश में तिहाड़ में बंद अमेरिकी नागरिक, परिवार ने ट्रंप से लगाई रिहाई की गुहार

दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद अमेरिकी नागरिक और पूर्व मर्सिनरी मैथ्यू वैनडाइक के परिवार ने अमेरिकी दूतावास से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है. परिवार का दावा है कि वैनडाइक को बुनियादी बंदी अधिकार नहीं मिल रहे और उसकी सेहत लगातार बिगड़ रही है. वैनडाइक को NIA ने मार्च में गिरफ्तार किया था और उस पर UAPA की धारा 18 के तहत मामला दर्ज है.

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अमेरिका नागरिक पर UAPA के तहत केस दर्ज हैं और अभी जेल में है. (Photo- ITG) अमेरिका नागरिक पर UAPA के तहत केस दर्ज हैं और अभी जेल में है. (Photo- ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 31 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 12:32 PM IST

अमेरिकी नागरिक मैथ्यू वैनडाइक के परिवार ने भारत में मौजूद अमेरिकी दूतावास से मामले में तुरंत हस्तक्षेप करने की अपील की है. परिवार का कहना है कि वैनडाइक इस समय दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद है और उसे बुनियादी बंदी अधिकार नहीं मिल रहे हैं. परिवार ने उसके आधिकारिक X अकाउंट से बयान जारी कर कहा, "अब समय आ गया है कि मैथ्यू वैनडाइक को घर वापस लाया जाए."

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परिवार के मुताबिक, वैनडाइक को तिहाड़ की जेल नंबर 8/9 में कथित तौर पर अलग रखा गया है. परिवार ने उसकी सेहत को लेकर भी चिंता जताई है. उनका दावा है कि उसके पैर में चोट है, आंखों की रोशनी कम हो रही है और उसे डॉक्टर की लिखी दवाएं और परिवार से नियमित बातचीत की सुविधा नहीं मिल रही.

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वैनडाइक को NIA ने मार्च में गिरफ्तार किया था. उस पर UAPA की धारा 18 के तहत आतंकवादी गतिविधि की साजिश रचने का मामला दर्ज है. NIA का आरोप है कि वह जरूरी रिस्ट्रिक्टेड एरिया परमिट के बिना मिजोरम में दाखिल हुआ और अवैध तरीके से म्यांमार गया.

अमेरिकी नागरिक पर क्या आरोप हैं?

जांच एजेंसी के मुताबिक, वैनडाइक ने म्यांमार में जातीय सशस्त्र समूहों से संपर्क किया. उन्हें हथियार चलाने और ड्रोन वॉरफेयर की ट्रेनिंग देने में मदद की. इसमें ड्रोन असेंबल करना, ऑपरेट करना और जामिंग टेक्नोलॉजी शामिल थी. NIA ने यह भी आरोप लगाया है कि इन समूहों ने यूरोप से ड्रोन मंगाने और भारत के पूर्वोत्तर में प्रतिबंधित उग्रवादी संगठनों से जुड़े म्यांमार स्थित समूहों तक हथियार और सैन्य सामान पहुंचाने की योजना बनाई थी.

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परिवार ने दावा किया कि वैनडाइक को अप्रैल में तिहाड़ जेल भेजा गया. उसके वकीलों ने दिल्ली की अदालत में निजी अस्पताल में इलाज और अमेरिका में रह रहे परिवार से बेहतर बातचीत की अनुमति मांगी थी, लेकिन परिवार के मुताबिक दोनों आवेदन 1 जून को खारिज कर दिए गए.

तिहाड़ में बंद अमेरिकी नागरिक के परिवार ने क्या कहा?

परिवार का यह भी दावा है कि 80 साल से अधिक उम्र की उसकी मां शेरोन वैनडाइक को कई महीने पहले सिर्फ पांच मिनट की इमरजेंसी कॉल की अनुमति मिली. परिवार के मुताबिक, वैनडाइक अदालत में पेशी के दौरान खड़ा या चलने की स्थिति में नहीं था और अब वकीलों से मिलने के लिए व्हीलचेयर का इस्तेमाल करता है.

जुलाई में वैनडाइक ने जेल के खाने को लेकर अदालत का रुख किया था. उसने दावा किया कि मसालेदार और तैलीय खाना खाने में परेशानी के कारण वह 50 दिनों से ठीक से खाना नहीं खा पा रहा था और 6 मई से करीब 14 किलो वजन कम हो चुका था. उसने अपना खाना खुद बनाने के लिए इंडक्शन स्टोव और अमेरिकी शैली के भोजन की अनुमति मांगी थी.

क्या CIA का एजेंट है तिहाड़ में बंद वैनडाइक

परिवार के मुताबिक, वैनडाइक ने 6 मई को केवल तरल पदार्थ लेते हुए भूख हड़ताल शुरू की थी. उसकी न्यायिक हिरासत 8 सितंबर तक बढ़ाई गई है. वैनडाइक बाल्टीमोर में जन्मा अमेरिकी मर्सिनरी, फिल्ममेकर और संस ऑफ लिबर्टी इंटरनेशनल का संस्थापक है. उसने लीबिया, सीरिया, इराक और यूक्रेन जैसे संघर्ष वाले इलाकों में काम किया है. हालांकि उसे कभी-कभी CIA से जुड़ा बताया गया है, लेकिन उसके CIA के साथ औपचारिक संबंध का सार्वजनिक सबूत मौजूद नहीं है. वह खुद भी ऐसा संबंध होने से इनकार कर चुका है.

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