भारत में आतंकी गतिविधियों की साजिश रचने के आरोप में तिहाड़ जेल में बंद अमेरिकी नागरिक मैथ्यू आरोन वैनडाइक (Matthew Aaron VanDyke) ने दिल्ली की एक अदालत में अजीब मांग रखी है. उसने जेल प्रशासन से खुद खाना बनाने की इजाजत मांगी है. वैनडाइक का कहना है कि जेल में मिलने वाला मसालेदार और ऑयली भारतीय खाना वह नहीं खा पा रहा है, जिससे पिछले 50 दिनों में उसकी सेहत काफी खराब हो गई है.
वैनडाइक ने अदालत में दायर याचिका में कहा है कि वह 6 मई से लगभग सिर्फ सोया मिल्क और अन्य तरल पदार्थों के सहारे रह रहा है. उसके वकीलों का दावा है कि इस दौरान उसका करीब 14 किलो वजन कम हो गया है और उसकी शारीरिक ताकत, आंखों की रोशनी और प्रतिरोधक क्षमता पर भी असर पड़ा है.
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याचिका में उसने जेल के अंदर एक इंडक्शन स्टोव, बर्तन और प्लास्टिक फूड चॉपर रखने की अनुमति मांगी है. इसके अलावा उसने चिकन, रेड मीट, मछली, झींगा, दाल, चावल, पास्ता, नूडल्स, आलू, प्याज, बीन्स, ब्रेड, मक्खन, ऑलिव ऑयल, दूध, सोया मिल्क, बोतलबंद पानी, सब्जियां और लेमन पेपर सीजनिंग जैसी चीजें उपलब्ध कराने की भी मांग की है. उसने कहा है कि इन सभी चीजों का खर्च उसका परिवार उठाएगा.
अमेरिकी नागरिक पर क्या हैं आरोप?
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने वैनडाइक को 13 मार्च को छह यूक्रेनी नागरिकों के साथ गिरफ्तार किया था. जांच एजेंसी का आरोप है कि यह समूह मिजोरम सीमा के रास्ते म्यांमार गया था, जहां उसने उग्रवादी संगठनों से संपर्क किया और भारत और म्यांमार में सक्रिय सशस्त्र समूहों को हथियार, ड्रोन और आतंकी प्रशिक्षण देने की साजिश रची. हालांकि वैनडाइक ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों से इनकार किया है.
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NIA कोर्ट में दाखिल नहीं करेगा जवाब!
एनआईए ने इस मामले में अदालत को बताया है कि वह वैनडाइक की याचिका पर कोई जवाब दाखिल नहीं करेगी. अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश प्रशांत शर्मा ने तिहाड़ जेल प्रशासन को इस याचिका पर जवाब दाखिल करने के लिए समय दिया है. मामले की अगली सुनवाई 21 जुलाई को होगी, जबकि वैनडाइक की न्यायिक हिरासत 1 अगस्त तक बढ़ा दी गई है. अब अदालत तय करेगी कि उसे जेल में अपनी पसंद का खाना बनाने की अनुमति मिलेगी या नहीं.
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