मणिपुर में 6 नागा नागरिकों की हत्या पर जारी विरोध, एक महीने के करीब पहुंची नाकेबंदी

मणिपुर में छह नागा नागरिकों की कथित हत्या के विरोध में जारी आर्थिक नाकेबंदी 28वें दिन में पहुंच गई है. इसी बीच एक नई घटना के बाद NH-2 पर सुरक्षा और कड़ी कर दी गई है.

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मणिपुर में थमी नहीं नाकेबंदी, सुरक्षा के लिए भारी बल तैनात. (Photo: ITG) मणिपुर में थमी नहीं नाकेबंदी, सुरक्षा के लिए भारी बल तैनात. (Photo: ITG)

बेबी शिरीन

  • इम्फाल,
  • 03 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 3:00 AM IST

मणिपुर में छह लियांगमई नागा नागरिकों की कथित हत्या के मामले को लेकर शुरू हुआ विरोध अभी भी थमा नहीं है. 5 जून से जारी आर्थिक नाकेबंदी गुरुवार 2 जुलाई को 28वें दिन में पहुंच गई. हालात को देखते हुए प्रशासन ने नेशनल हाईवे-2 (NH-2) पर सुरक्षा बढ़ा दी है. प्रदर्शनकारी पीड़ितों के लिए न्याय और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग पर अड़े हुए हैं, जबकि पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है.

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यह विरोध 13 मई को हुई उस घटना के बाद शुरू हुआ, जिसमें आरोप है कि छह लियांगमई नागा नागरिकों का अपहरण किया गया और बाद में उनकी हत्या कर दी गई. करीब एक महीने बाद उनके शव बरामद हुए. प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि इस वारदात में सशस्त्र कुकी उग्रवादी शामिल थे. हालांकि, पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की जांच अभी जारी है और सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है.

इसी घटना के विरोध में नागा संगठनों ने 5 जून से आर्थिक नाकेबंदी शुरू की थी. गुरुवार, 2 जुलाई को यह आंदोलन 28वें दिन में पहुंच गया. प्रदर्शनकारी दोषियों की जल्द गिरफ्तारी और पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने की मांग पर अब भी अड़े हुए हैं.

NH-2 पर बढ़ाई गई सुरक्षा

लंबे समय से जारी आंदोलन को देखते हुए प्रशासन ने इम्फाल वेस्ट के नामदुइलोंग इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी है. यहां मणिपुर पुलिस के साथ केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CRPF) के जवानों को भी तैनात किया गया है. प्रशासन का मकसद कानून-व्यवस्था बनाए रखना और किसी भी अप्रिय घटना को रोकना है.

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पुलिस के मुताबिक, नामदुइलोंग चौराहे पर लियांगमई नागा समुदाय के करीब 40 स्वयंसेवक और मैतेई समुदाय की महिलाएं वाहनों की निगरानी कर रही थीं. प्रदर्शनकारी इम्फाल से कांगपोकपी जाने वाले सामान और जरूरी वस्तुओं से लदे वाहनों को रोक रहे थे. हालांकि, सुरक्षा बलों, एम्बुलेंस जैसी जरूरी सेवाओं और कुछ यात्री वाहनों को आने-जाने की अनुमति दी गई थी. पुलिस का कहना है कि नाकेबंदी कर रहे लोग अपने समर्थन में और लोगों को जोड़ रहे हैं. प्रशासन को आशंका है कि अगर हाईवे खाली कराने की कोशिश हुई तो तनाव बढ़ सकता है.

दूसरी ओर, कांगपोकपी जिले में कुकी-जो समुदाय के लोग भी 30 जून से विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. उनकी मांग है कि NH-2 पर वाहनों की सामान्य आवाजाही फिर से शुरू की जाए. ऐसे में हाईवे के आसपास का इलाका लगातार संवेदनशील बना हुआ है.

टेलीकॉम उपकरण ले जा रहे वाहन में लगाई आग

इसी बीच गुरुवार 2 जुलाई की तड़के इम्फाल ईस्ट में एक अलग घटना भी सामने आई. टेलीकॉम उपकरण लेकर कांगपोकपी जा रहे एक वाहन को सुरक्षा बलों ने कानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए वापस इम्फाल लौटने के लिए कहा था. लौटते समय प्रदर्शनकारियों ने वाहन को रोक लिया. उनका आरोप था कि उसमें तंबाकू उत्पाद और कुछ अन्य प्रतिबंधित सामान ले जाया जा रहा है. इसके बाद वाहन में आग लगा दी गई.

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घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को काबू में कर लिया. हालांकि, तब तक वाहन आग में बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुका था. इस मामले में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है. पुलिस आगजनी में शामिल लोगों की पहचान करने में जुटी है. वहीं, पूरे इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है.

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